सियासी विवाद के बाद गहलोत और पायलट आज पहली बार मिल सकते हैं; गहलोत बोले- माफ करो, आगे बढ़ो की भावना रखनी हैDainik Bhaskar


राजस्थान सरकार का संकट टलने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का आज पहली बार आमना-सामना हो सकता है। शाम 5 बजे गहलोत के घर होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में दोनों के मिलने की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि गहलोत और पायलट किस तरह मिलते हैं?

मुख्यमंत्री ने कहा- गलतफहमियां भुलाकर आगे बढ़ने का समय
इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिर दोहराया है कि हमें फॉरगेट एंड फॉरगिव, आपस में भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो की भावना के साथ डेमोक्रेसी को बचाने की लड़ाई में जुटना है। कांग्रेस की लड़ाई तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी की लीडरशिप में डेमोक्रेसी को बचाने की है। पिछले एक महीने में कांग्रेस में आपस में जो भी ना-इत्तेफाकी हुई है, उसे देश हित में, प्रदेश हित में, प्रदेशवासियों के हित में और लोकतंत्र के हित में भूल जाना चाहिए।

देश में चुनी हुई सरकारों को तोड़ने की साजिश चल रही: गहलोत
मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश में चुनी हुई सरकारों को एक-एक कर तोड़ने की साजिश चल रही है। जांच एजेंसियों और ज्यूडिशियरी का गलत इस्तेमाल हो रहा है। ये डेमोक्रेसी को कमजोर करने का बहुत खतरनाक खेल है।

अपडेट्स

  • विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में फेयरमोंट होटल में कांग्रेस नेताओं का मंथन चल रहा है। मीटिंग में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और राष्ट्रीय नेता अजय माकन मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि विधायक दल की मीटिंग से पहले ही गहलोत और पायलट की निजी मुलाकात हो सकती है।कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल आज जयपुर पहुंचे। वे विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन भी शामिल होंगे।

14 अगस्त से विधानसभा सत्र
गहलोत खेमे के विधायक बुधवार को जैसलमेर से जयपुर लौट आए। उन्हें फिर से उसी होटल फेयरमोंट में ठहराया गया है, जहां से वे 31 जुलाई को जैसलमेर गए थे। गहलोत ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर कहा- ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव, भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो। यही प्रदेशवासियों और लोकतंत्र के हित में है।’ 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू होगा।

पायलट गुट के 18 विधायक बाड़ेबंदी में नहीं रहेंगे
गहलोत गुट के विधायकों की तो अभी तक होटल में बाड़ेबंदी जारी है, लेकिन पायलट गुट के विधायक अपने-अपने घरों पर ही हैं। दो दिन पहले से ही पायलट गुट के सभी विधायक बाड़ेबंदी से निकल चुके हैं। एक महीने बाड़ेबंदी में रहने के बाद मंगलवार शाम वे जयपुर लौट आए थे। बुधवार शाम 7 बजे पायलट के सरकारी आवास पर विधायकों की मीटिंग भी हुई, जिसमें आगे की स्ट्रैटजी तय की गई। हालांकि, इसे अनौपचारिक मुलाकात बताया गया।

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2. निकम्मा होने के आरोप पर पायलट बोले- गहलोत मुझसे बड़े हैं, लेकिन मुझे भी काम के मुद्दे उठाने का हक है

3. सचिन पायलट समझ गए थे कि वसुंधरा सक्रिय नहीं हुईं तो गहलोत सरकार का गिरना मुश्किल है; इसलिए सुलह का रास्ता चुना

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जयपुर की यह फोटो दिसंबर 2019 की है। सचिन पायलट (बाएं) और अशोक गहलोत नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ रैली में एक मंच पर नजर आए थे।

राजस्थान सरकार का संकट टलने के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट का आज पहली बार आमना-सामना हो सकता है। शाम 5 बजे गहलोत के घर होने वाली कांग्रेस विधायक दल की बैठक में दोनों के मिलने की उम्मीद है। यह देखना दिलचस्प होगा कि गहलोत और पायलट किस तरह मिलते हैं? मुख्यमंत्री ने कहा- गलतफहमियां भुलाकर आगे बढ़ने का समय इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने फिर दोहराया है कि हमें फॉरगेट एंड फॉरगिव, आपस में भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो की भावना के साथ डेमोक्रेसी को बचाने की लड़ाई में जुटना है। कांग्रेस की लड़ाई तो सोनिया गांधी और राहुल गांधी की लीडरशिप में डेमोक्रेसी को बचाने की है। पिछले एक महीने में कांग्रेस में आपस में जो भी ना-इत्तेफाकी हुई है, उसे देश हित में, प्रदेश हित में, प्रदेशवासियों के हित में और लोकतंत्र के हित में भूल जाना चाहिए। देश में चुनी हुई सरकारों को तोड़ने की साजिश चल रही: गहलोत मुख्यमंत्री ने कहा है कि देश में चुनी हुई सरकारों को एक-एक कर तोड़ने की साजिश चल रही है। जांच एजेंसियों और ज्यूडिशियरी का गलत इस्तेमाल हो रहा है। ये डेमोक्रेसी को कमजोर करने का बहुत खतरनाक खेल है। ईडी, सीबीआई, इनकम टैक्स, ज्यूडिशियरी का जो दुरूपयोग हो रहा है ये डेमोक्रेसी को कमजोर करने का बहुत डेंजरस गेम है। — Ashok Gehlot (@ashokgehlot51) August 13, 2020अपडेट्स विधायक दल की बैठक से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की मौजूदगी में फेयरमोंट होटल में कांग्रेस नेताओं का मंथन चल रहा है। मीटिंग में कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे और राष्ट्रीय नेता अजय माकन मौजूद हैं। बताया जा रहा है कि विधायक दल की मीटिंग से पहले ही गहलोत और पायलट की निजी मुलाकात हो सकती है।कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल आज जयपुर पहुंचे। वे विधायक दल की बैठक में मौजूद रहेंगे। प्रदेश प्रभारी अविनाश पांडे, पार्टी नेता रणदीप सुरजेवाला और अजय माकन भी शामिल होंगे। 14 अगस्त से विधानसभा सत्र गहलोत खेमे के विधायक बुधवार को जैसलमेर से जयपुर लौट आए। उन्हें फिर से उसी होटल फेयरमोंट में ठहराया गया है, जहां से वे 31 जुलाई को जैसलमेर गए थे। गहलोत ने इस पूरे सियासी घटनाक्रम पर कहा- ‘फॉरगेट एंड फॉरगिव, भूलो, माफ करो और आगे बढ़ो। यही प्रदेशवासियों और लोकतंत्र के हित में है।’ 14 अगस्त से विधानसभा सत्र शुरू होगा। पायलट गुट के 18 विधायक बाड़ेबंदी में नहीं रहेंगे गहलोत गुट के विधायकों की तो अभी तक होटल में बाड़ेबंदी जारी है, लेकिन पायलट गुट के विधायक अपने-अपने घरों पर ही हैं। दो दिन पहले से ही पायलट गुट के सभी विधायक बाड़ेबंदी से निकल चुके हैं। एक महीने बाड़ेबंदी में रहने के बाद मंगलवार शाम वे जयपुर लौट आए थे। बुधवार शाम 7 बजे पायलट के सरकारी आवास पर विधायकों की मीटिंग भी हुई, जिसमें आगे की स्ट्रैटजी तय की गई। हालांकि, इसे अनौपचारिक मुलाकात बताया गया। ये खबरें भी पढ़ सकते हैं… 1. गहलोत खेमे के विधायक अभी होटल में ही रहेंगे, बस में गाना गुनगुनाया- ये मुरादों की हंसी रात किसे पेश करूं 2. निकम्मा होने के आरोप पर पायलट बोले- गहलोत मुझसे बड़े हैं, लेकिन मुझे भी काम के मुद्दे उठाने का हक है 3. सचिन पायलट समझ गए थे कि वसुंधरा सक्रिय नहीं हुईं तो गहलोत सरकार का गिरना मुश्किल है; इसलिए सुलह का रास्ता चुना आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

जयपुर की यह फोटो दिसंबर 2019 की है। सचिन पायलट (बाएं) और अशोक गहलोत नागरिकता संशोधन एक्ट के खिलाफ रैली में एक मंच पर नजर आए थे।Read More

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