लाल किले पर इस बार 10 हजार की जगह 4 हजार लोग जुटेंगे, सीटों में 2 गज की दूरी रहेगी; जवान पीपीई किट में नजर आएंगेDainik Bhaskar


कोरोना काल में देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7वीं बार लालकिले पर झंडा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। महामारी से बचाव को लेकर कुछ खास इंतजाम किए गए हैं। इस बार लाल किले पर समारोह में स्कूली बच्चों की बजाय 1500 ऐसे लोग शामिल होंगे, जिन्होंने कोरोना पर जीत हासिल की।

सिटिंग अरेंजमेंट में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा गया है। मोदी ‘दो गज की दूरी’ की बात कहते रहे हैं, लिहाजा दो सीटों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी रखी गई है। सुरक्षाकर्मी पीपीई किट पहनकर तैनात रहेंगे। लाइन न लगे, इसलिए अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर डोर लगाए गए हैं।

प्रधानमंत्री इन 5 मुद्दों पर बात कर सकते हैं

  • राम मंदिर: 5 अगस्त को मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया था। 3 दशकों से राम मंदिर आंदोलन भाजपा का सबसे बड़ा एजेंडा रहा है।
  • चीन सीमा विवाद: जून में लद्दाख के भारत और चीन की सेनाओं की हिंसक झड़प हुई। इसको सुलझाने के लिए दोनों देशों में मिलिट्री और कूटनीतिक स्तर पर कई बातचीत हो चुकी हैं।
  • योजनाएं: प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत समेत रक्षा-कृषि क्षेत्र की योजनाओं को भाषण में जगह दे सकते हैं।
  • कोरोना: देश में कोरोना के 25 लाख से ज्यादा मामले हो चुके हैं। मोदी वैक्सीन को लेकर अहम घोषणा कर सकते हैं।
  • जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 को हटाए हुए एक साल हो गया है। इस संबंध में मोदी लाल किले से सरकार के इनीशिएटिव पर बात कर सकते हैं।

4000 मेहमान आएंगे
इस बार नेताओं, अफसर, डिप्लोमैट्स और मीडियाकर्मियों समेत 4 हजार से कुछ ज्यादा लोगों को न्योता दिया गया है। समारोह में इनविटेशन कार्ड से ही एंट्री मिलेगी। पिछले साल तक प्रधानमंत्री के भाषण को देखने के लिए कम से कम 10,000 लोग समारोह में शामिल होते थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद एक्जिट को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। हर सीट पर लिखा गया है- अपनी बारी का इंतजार करें। लोग निकलने की जल्दबाजी न करें, इसको लेकर समय-समय पर घोषणा भी की जाएगी।

केवल 100 वीवीआईपी शामिल होंगे
सूत्रों के मुताबिक, इस बार का समारोह पूरी तरह से बदला होगा। एनसीसी (नेशनल कैडेट कॉर्प्स) के कैडेट भी अपनी प्रस्तुति नहीं दे पाएंगे। इसी तरह वीवीआईपी भी लालकिले में उस स्थान पर नहीं बैठ पाएंगे, जहां पहले दोनों तरफ करीब 900 लोग बैठते थे। इस बार केवल 100 लोग शामिल होंगे। उन्हें भी लोअर लेवल पर ही बैठना होगा। प्राचीर से ही पीएम भाषण देते हैं।

ड्रोन से सुरक्षा
लाल किला, इंडिया गेट (विजय चौक से 5 किमी के घेरे में) पर ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जाएगी। केंद्र ने इसको लेकर स्थानीय पुलिस को स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी किया है। धमकी या रोक वाले स्थानों में जाने पर व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है।

स्वतंत्रता दिवस को लेकर गृह मंत्रालय की एडवाइजरी
स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने को लेकर गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन भी जारी की है। इसके मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर सामूहिक आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है। इसमें कहा गया है कि आजादी का पर्व मनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजेशन जैसे उपाय अपनाने होंगे। भीड़ न जुटे, इसका ध्यान रखना होगा।

मोदी सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी देश में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री हैं। गुरुवार को मोदी ने यह रिकॉर्ड बनाया। उनसे पहले सिर्फ जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह का नाम हैं। मोदी ने एक और रिकॉर्ड बनाया है। वे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले गैर-कांग्रेसी हैं। इस मामले में मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को पीछे छोड़ा।

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कोरोना काल में देश आज 74वां स्वतंत्रता दिवस मना रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 7वीं बार लालकिले पर झंडा फहराएंगे और देश को संबोधित करेंगे। महामारी से बचाव को लेकर कुछ खास इंतजाम किए गए हैं। इस बार लाल किले पर समारोह में स्कूली बच्चों की बजाय 1500 ऐसे लोग शामिल होंगे, जिन्होंने कोरोना पर जीत हासिल की। सिटिंग अरेंजमेंट में सोशल डिस्टेंसिंग का खास ध्यान रखा गया है। मोदी ‘दो गज की दूरी’ की बात कहते रहे हैं, लिहाजा दो सीटों के बीच कम से कम 6 फीट की दूरी रखी गई है। सुरक्षाकर्मी पीपीई किट पहनकर तैनात रहेंगे। लाइन न लगे, इसलिए अतिरिक्त मेटल डिटेक्टर डोर लगाए गए हैं। प्रधानमंत्री इन 5 मुद्दों पर बात कर सकते हैं राम मंदिर: 5 अगस्त को मोदी ने अयोध्या में राम मंदिर का शिलान्यास किया था। 3 दशकों से राम मंदिर आंदोलन भाजपा का सबसे बड़ा एजेंडा रहा है।चीन सीमा विवाद: जून में लद्दाख के भारत और चीन की सेनाओं की हिंसक झड़प हुई। इसको सुलझाने के लिए दोनों देशों में मिलिट्री और कूटनीतिक स्तर पर कई बातचीत हो चुकी हैं।योजनाएं: प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर भारत समेत रक्षा-कृषि क्षेत्र की योजनाओं को भाषण में जगह दे सकते हैं।कोरोना: देश में कोरोना के 25 लाख से ज्यादा मामले हो चुके हैं। मोदी वैक्सीन को लेकर अहम घोषणा कर सकते हैं।जम्मू-कश्मीर: अनुच्छेद 370 को हटाए हुए एक साल हो गया है। इस संबंध में मोदी लाल किले से सरकार के इनीशिएटिव पर बात कर सकते हैं। 4000 मेहमान आएंगे इस बार नेताओं, अफसर, डिप्लोमैट्स और मीडियाकर्मियों समेत 4 हजार से कुछ ज्यादा लोगों को न्योता दिया गया है। समारोह में इनविटेशन कार्ड से ही एंट्री मिलेगी। पिछले साल तक प्रधानमंत्री के भाषण को देखने के लिए कम से कम 10,000 लोग समारोह में शामिल होते थे। कार्यक्रम खत्म होने के बाद एक्जिट को लेकर भी निर्देश दिए गए हैं। हर सीट पर लिखा गया है- अपनी बारी का इंतजार करें। लोग निकलने की जल्दबाजी न करें, इसको लेकर समय-समय पर घोषणा भी की जाएगी। केवल 100 वीवीआईपी शामिल होंगे सूत्रों के मुताबिक, इस बार का समारोह पूरी तरह से बदला होगा। एनसीसी (नेशनल कैडेट कॉर्प्स) के कैडेट भी अपनी प्रस्तुति नहीं दे पाएंगे। इसी तरह वीवीआईपी भी लालकिले में उस स्थान पर नहीं बैठ पाएंगे, जहां पहले दोनों तरफ करीब 900 लोग बैठते थे। इस बार केवल 100 लोग शामिल होंगे। उन्हें भी लोअर लेवल पर ही बैठना होगा। प्राचीर से ही पीएम भाषण देते हैं। ड्रोन से सुरक्षा लाल किला, इंडिया गेट (विजय चौक से 5 किमी के घेरे में) पर ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जाएगी। केंद्र ने इसको लेकर स्थानीय पुलिस को स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी जारी किया है। धमकी या रोक वाले स्थानों में जाने पर व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है। स्वतंत्रता दिवस को लेकर गृह मंत्रालय की एडवाइजरी स्वतंत्रता दिवस समारोह मनाने को लेकर गृह मंत्रालय ने गाइडलाइन भी जारी की है। इसके मुताबिक, स्वतंत्रता दिवस पर सामूहिक आयोजनों से बचने की सलाह दी गई है। इसमें कहा गया है कि आजादी का पर्व मनाने के लिए टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करें। सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क, सैनिटाइजेशन जैसे उपाय अपनाने होंगे। भीड़ न जुटे, इसका ध्यान रखना होगा। मोदी सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश में सबसे लंबे समय तक पद पर रहने वाले चौथे प्रधानमंत्री हैं। गुरुवार को मोदी ने यह रिकॉर्ड बनाया। उनसे पहले सिर्फ जवाहर लाल नेहरू, इंदिरा गांधी और मनमोहन सिंह का नाम हैं। मोदी ने एक और रिकॉर्ड बनाया है। वे सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले गैर-कांग्रेसी हैं। इस मामले में मोदी ने अटल बिहारी वाजपेयी को पीछे छोड़ा। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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