डेमोक्रेट से मुकाबले के लिए ट्रम्प डिजिटल प्रचार पर 4 दिन में 75 करोड़ खर्च करेंगे; जो बिडेन ने 1 हफ्ते में 111 करोड़ रुपए खर्च किएDainik Bhaskar


कोरोना संकट के कारण अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार के तरीके बदल गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेशनल कन्वेंशन को कड़ी टक्कर देने के लिए बड़ा डिजिटल अभियान चलाने की योजना बनाई है। यह कन्वेंशन चार दिन तक चलेगा। ट्रम्प के प्रवक्ता टिम मुर्तो ने कहा कि उनकी पार्टी इन चार दिनों में डिजिटल प्रचार पर 75 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यू ट्यूब पर लगातार 96 घंटे भी प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा कई बड़ी वेबसाइट और न्यूज आउटलेट्स पर कैंपेन चलाए जाएंगे।

डेमोक्रेटिक कैंडिडेट जो बिडेन टेलीविजन और रेडियो के जरिए प्रचार कर रहे हैं। एड ट्रैकिंग फर्म एडवरटाइजिंग एनालिटिक्स के मुताबिक, बिडेन ने 8 अगस्त से 14 अगस्त तक प्रचार पर 111 करोड़ और ट्रम्प ने 53 करोड़ रुपए खर्च किए। दोनों पार्टियां इस बार चुनाव प्रचार कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही हैं। कई कार्यकर्ताओं ने वोटिंग के दिन भी काम करने से मना कर दिया है। अकेले मैरीलैंड राज्य में ही 14 हजार कार्यकर्ताओं की कमी है।

कोरोना के चलते कई कार्यक्रम रद्द

रैलियां, चंदा जुटाने के लिए सभाएं और चुनावी मुद्दों पर बहस जैसे कार्यक्रम लगभग रद्द किए जा चुके हैं। इस बार प्रत्यक्ष रैलियों, घर-घर पहुंचकर प्रचार जैसी गतिविधियों का स्थान डिजिटल माध्यम ने ले लिया है। पार्टियां वेबसाइट, यूट्यूब आदि पर विज्ञापन देकर प्रचार कर रही हैं। पहले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अगस्त के मध्य तक पार्टियों के कार्यकर्ता वोटरों के दरवाजों पर दस्तक दे चुके होते थे। इस साल ऐसा नहीं हुआ।

चुनाव में दोनों पार्टियों का नेशनल कन्वेंशन अहम होता है। यहीं पार्टियां उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार करती हैं। इस साल डेमोक्रेटिक पार्टी का नेशनल कन्वेंशन अप्रैल में होना था। इसे बढ़ाकर जुलाई और फिर 17 अगस्त करना पड़ा। पहले ट्रम्प कह रहे थे कि उनकी चुनावी रैलियों में ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचना चाहिए। इससे कोरोना का डर खत्म होने लगेगा, लेकिन ट्रम्प को फ्लोरिडा में कन्वेंशन रद्द करना पड़ा। वे चारलोट के कन्वेंशन में भी शामिल नहीं होंगे।

यहीं नहीं, ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी के एंड्रयू मेलन ऑडिटोरियम में नॉमिनेशन स्वीकार करेंगे, लेकिन भाषण व्हाइट हाउस से ही देंगे। चारलोट कन्वेंशन में 400 पार्टी डेलिगेट्स हिस्सा लेंगे।

भारतीयता: डेमोक्रेट का कन्वेंशन मंत्र और अरदास के साथ शुरू हुआ
डेमोक्रेटिक पार्टी का चार दिवसीय नेशनल कन्वेंशन सोमवार से शुरू हुआ। इसके लिए देशभर में अलग-अलग जगह कार्यक्रम हो रहे हैं। पहले दिन टेक्सास में ऑनलाइन सर्वधर्म प्रार्थना सभा हुई। इसमें वेदों और महाभारत के श्लोक पढ़ गए। सिख धर्म की अरदास भी गई। टेक्सास में चिन्मय मिशन की एक अनुयाई ने मंत्रोच्चार किया। विस्कोंसिन गुरुद्वारे से जुड़े सिख समुदाय के एक नेता ने अरदास की।

इस सम्मेलन में बिडेन को डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति और भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार चुना जाएगा। इससे पहले ‘बिडेन फॉर प्रेसीडेंट’ अभियान के लिए रविवार को भी सर्वधर्म प्रार्थना सभा हुई। इसमें बिडेन और हैरिस के लिए महाभारत की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा गया- ‘यतो कृष्ण ततो धर्म, यतो धर्म ततो जय।’ ट्रम्प और बिडेन के बीच पहली बहस 29 सितंबर को होनी है।

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ट्रम्प और बिडेन के बीच पहली बहस 29 सितंबर को होनी है। (फाइल फोटो)

कोरोना संकट के कारण अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए प्रचार के तरीके बदल गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक पार्टी के नेशनल कन्वेंशन को कड़ी टक्कर देने के लिए बड़ा डिजिटल अभियान चलाने की योजना बनाई है। यह कन्वेंशन चार दिन तक चलेगा। ट्रम्प के प्रवक्ता टिम मुर्तो ने कहा कि उनकी पार्टी इन चार दिनों में डिजिटल प्रचार पर 75 करोड़ रुपए खर्च करेगी। यू ट्यूब पर लगातार 96 घंटे भी प्रचार किया जाएगा। इसके अलावा कई बड़ी वेबसाइट और न्यूज आउटलेट्स पर कैंपेन चलाए जाएंगे। डेमोक्रेटिक कैंडिडेट जो बिडेन टेलीविजन और रेडियो के जरिए प्रचार कर रहे हैं। एड ट्रैकिंग फर्म एडवरटाइजिंग एनालिटिक्स के मुताबिक, बिडेन ने 8 अगस्त से 14 अगस्त तक प्रचार पर 111 करोड़ और ट्रम्प ने 53 करोड़ रुपए खर्च किए। दोनों पार्टियां इस बार चुनाव प्रचार कार्यकर्ताओं की कमी से जूझ रही हैं। कई कार्यकर्ताओं ने वोटिंग के दिन भी काम करने से मना कर दिया है। अकेले मैरीलैंड राज्य में ही 14 हजार कार्यकर्ताओं की कमी है। कोरोना के चलते कई कार्यक्रम रद्द रैलियां, चंदा जुटाने के लिए सभाएं और चुनावी मुद्दों पर बहस जैसे कार्यक्रम लगभग रद्द किए जा चुके हैं। इस बार प्रत्यक्ष रैलियों, घर-घर पहुंचकर प्रचार जैसी गतिविधियों का स्थान डिजिटल माध्यम ने ले लिया है। पार्टियां वेबसाइट, यूट्यूब आदि पर विज्ञापन देकर प्रचार कर रही हैं। पहले राष्ट्रपति चुनाव को लेकर अगस्त के मध्य तक पार्टियों के कार्यकर्ता वोटरों के दरवाजों पर दस्तक दे चुके होते थे। इस साल ऐसा नहीं हुआ। चुनाव में दोनों पार्टियों का नेशनल कन्वेंशन अहम होता है। यहीं पार्टियां उम्मीदवारों के नामांकन स्वीकार करती हैं। इस साल डेमोक्रेटिक पार्टी का नेशनल कन्वेंशन अप्रैल में होना था। इसे बढ़ाकर जुलाई और फिर 17 अगस्त करना पड़ा। पहले ट्रम्प कह रहे थे कि उनकी चुनावी रैलियों में ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचना चाहिए। इससे कोरोना का डर खत्म होने लगेगा, लेकिन ट्रम्प को फ्लोरिडा में कन्वेंशन रद्द करना पड़ा। वे चारलोट के कन्वेंशन में भी शामिल नहीं होंगे। यहीं नहीं, ट्रम्प वॉशिंगटन डीसी के एंड्रयू मेलन ऑडिटोरियम में नॉमिनेशन स्वीकार करेंगे, लेकिन भाषण व्हाइट हाउस से ही देंगे। चारलोट कन्वेंशन में 400 पार्टी डेलिगेट्स हिस्सा लेंगे। भारतीयता: डेमोक्रेट का कन्वेंशन मंत्र और अरदास के साथ शुरू हुआ डेमोक्रेटिक पार्टी का चार दिवसीय नेशनल कन्वेंशन सोमवार से शुरू हुआ। इसके लिए देशभर में अलग-अलग जगह कार्यक्रम हो रहे हैं। पहले दिन टेक्सास में ऑनलाइन सर्वधर्म प्रार्थना सभा हुई। इसमें वेदों और महाभारत के श्लोक पढ़ गए। सिख धर्म की अरदास भी गई। टेक्सास में चिन्मय मिशन की एक अनुयाई ने मंत्रोच्चार किया। विस्कोंसिन गुरुद्वारे से जुड़े सिख समुदाय के एक नेता ने अरदास की। इस सम्मेलन में बिडेन को डेमोक्रेटिक पार्टी की ओर से राष्ट्रपति और भारतीय मूल की सीनेटर कमला हैरिस को उपराष्ट्रपति पद के लिए उम्मीदवार चुना जाएगा। इससे पहले ‘बिडेन फॉर प्रेसीडेंट’ अभियान के लिए रविवार को भी सर्वधर्म प्रार्थना सभा हुई। इसमें बिडेन और हैरिस के लिए महाभारत की पंक्तियां पढ़ते हुए कहा गया- ‘यतो कृष्ण ततो धर्म, यतो धर्म ततो जय।’ ट्रम्प और बिडेन के बीच पहली बहस 29 सितंबर को होनी है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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