इसका मतलब हर 100 में से 29 लोग कोरोना संक्रमित हो चुके, पिछली बार से आंकड़ा 6% बढ़ा; इस मामले में महिलाएं पुरुषों से 4% आगेDainik Bhaskar


दिल्ली में दूसरी बार हुए सीरो सर्वे में 29.1% लोगों में एंटीबॉडी पाई गई हैं। दिल्ली की आबादी करीब 2 करोड़ है। इनमें से 15 हजार सैम्पल लिए गए थे। यहां पिछली बार हुए सीरो सर्वे में 23.48% लोगों में एंटीबॉडी पाई गई थीं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दूसरे सीरो सर्वे में 28.3% पुरुषों में और 32.2% महिलाओं में एंटीबॉडी मिली हैं।

उत्तर-पूर्व दिल्ली में 29%, दक्षिण में 27%, दक्षिण-पूर्व में 33%, जबकि नई दिल्ली में 24% लोगों में एंटीबॉडी मिली हैं। दिल्ली में तीसरा सीरो सर्वे 1 सितंबर से किया जाएगा। यहां पहला सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच किया गया था। इसमें 21 हजार से ज्यादा लोगों का टेस्ट किया गया था। इनमें से 23.48% लोगों में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी मिली थी।

किस उम्र के कितने फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली

18 साल से कम 34%
18-49 साल 28.5%
50 साल से ज्यादा 31.2%

सीरो सर्वे क्या है?
किसी आबादी में संक्रमण कितना फैल गया है, यह पता लगाने के लिए सीरोलॉजिकल सर्वे किया जाता है। इसे ही सीरो सर्वे कहते हैं। इसमें लोगों के ब्लड में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी की मौजूदगी पता की जाती है।

एंटीबॉडी क्या होती है?
जब वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो शरीर उसे खत्म करने के लिए कुछ प्रोटीन बनाता है। इन्हें एंटीबॉडी कहते हैं। इनका आकार Y जैसा होता है।

एंटीबॉडी मिलने का क्या मतलब है?
जिन मरीजों के शरीर में एंटीबॉडी मिले, वे या तो कोरोना संक्रमित हैं या हो कर ठीक हो चुके हैं। इनमें कई ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें संक्रमित होने का पता भी नहीं चलता। दरअसल, उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आते। ऐसे संक्रमितों को एसिम्पटाेमैटिक कहा जाता है। जिन मरीजों में लक्षण नजर आते हैं, उन्हें सिम्पटोमैटिक्स कहा जाता है।

एंटीबॉडी डेवलप होने से क्या फायदा होगा
एक्सपर्ट के मुताबिक अगर 40 से 60 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बन जाएं तो इसे हर्ड इम्युनिटी की स्टेज कहते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। लेकिन एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि हर्ड इम्युनिटी की बात तभी की जानी चाहिए, जब वैक्सीन देकर उन लोगों की सुरक्षा तय कर दी जाए, जिन्हें बीमारी से ज्यादा खतरा है।

दिल्ली में कोरोना की स्थिति काबू में
राजधानी में बुधवार को 1374 कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। यहां बुधवार देर रात तक 1.56 लाख केस आए। इनमें से 1.40 लाख से ज्यादा ठीक हो गए, जबकि करीब 11 हजाार एक्टिव केस हैं। यहां 27 जून को 28 हजर 329 एक्टिव केस हो चुके थे, लेकिन बाद में की गई कोशिशों से यह आंकड़ा कम हो गया। यहां हर 100 लोगों की जांच पर औसतन 11 लोग संक्रमित मिल रहे हैं।

सीरो सर्वे से जुड़ी ये खबर भी आप पढ़ सकते हैं…

1. पुणे में पहला सीरो सर्वे: सैंपल में शामिल लोगों में से 51.5% लोगों में मिली एंटीबॉडी, पुणे में हैं राज्य के सबसे ज्यादा एक्टिव केस

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Delhi Coronavirus Sero-survey Results News Updates; 29.1 Percent Have Antibodies

दिल्ली में दूसरी बार हुए सीरो सर्वे में 29.1% लोगों में एंटीबॉडी पाई गई हैं। दिल्ली की आबादी करीब 2 करोड़ है। इनमें से 15 हजार सैम्पल लिए गए थे। यहां पिछली बार हुए सीरो सर्वे में 23.48% लोगों में एंटीबॉडी पाई गई थीं। स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया कि दूसरे सीरो सर्वे में 28.3% पुरुषों में और 32.2% महिलाओं में एंटीबॉडी मिली हैं। उत्तर-पूर्व दिल्ली में 29%, दक्षिण में 27%, दक्षिण-पूर्व में 33%, जबकि नई दिल्ली में 24% लोगों में एंटीबॉडी मिली हैं। दिल्ली में तीसरा सीरो सर्वे 1 सितंबर से किया जाएगा। यहां पहला सर्वे 27 जून से 10 जुलाई के बीच किया गया था। इसमें 21 हजार से ज्यादा लोगों का टेस्ट किया गया था। इनमें से 23.48% लोगों में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी मिली थी। किस उम्र के कितने फीसदी लोगों में एंटीबॉडी मिली 18 साल से कम 34% 18-49 साल 28.5% 50 साल से ज्यादा 31.2% सीरो सर्वे क्या है? किसी आबादी में संक्रमण कितना फैल गया है, यह पता लगाने के लिए सीरोलॉजिकल सर्वे किया जाता है। इसे ही सीरो सर्वे कहते हैं। इसमें लोगों के ब्लड में कोरोना वायरस की एंटीबॉडी की मौजूदगी पता की जाती है। एंटीबॉडी क्या होती है? जब वायरस शरीर में प्रवेश करता है तो शरीर उसे खत्म करने के लिए कुछ प्रोटीन बनाता है। इन्हें एंटीबॉडी कहते हैं। इनका आकार Y जैसा होता है। एंटीबॉडी मिलने का क्या मतलब है? जिन मरीजों के शरीर में एंटीबॉडी मिले, वे या तो कोरोना संक्रमित हैं या हो कर ठीक हो चुके हैं। इनमें कई ऐसे लोग भी होते हैं जिन्हें संक्रमित होने का पता भी नहीं चलता। दरअसल, उनमें कोई लक्षण नजर नहीं आते। ऐसे संक्रमितों को एसिम्पटाेमैटिक कहा जाता है। जिन मरीजों में लक्षण नजर आते हैं, उन्हें सिम्पटोमैटिक्स कहा जाता है। एंटीबॉडी डेवलप होने से क्या फायदा होगा एक्सपर्ट के मुताबिक अगर 40 से 60 फीसदी लोगों में एंटीबॉडी बन जाएं तो इसे हर्ड इम्युनिटी की स्टेज कहते हैं। इससे संक्रमण फैलने का खतरा कम होता है। लेकिन एक्सपर्ट यह भी कहते हैं कि हर्ड इम्युनिटी की बात तभी की जानी चाहिए, जब वैक्सीन देकर उन लोगों की सुरक्षा तय कर दी जाए, जिन्हें बीमारी से ज्यादा खतरा है। दिल्ली में कोरोना की स्थिति काबू में राजधानी में बुधवार को 1374 कोरोना रिपोर्ट पॉजिटिव आईं। यहां बुधवार देर रात तक 1.56 लाख केस आए। इनमें से 1.40 लाख से ज्यादा ठीक हो गए, जबकि करीब 11 हजाार एक्टिव केस हैं। यहां 27 जून को 28 हजर 329 एक्टिव केस हो चुके थे, लेकिन बाद में की गई कोशिशों से यह आंकड़ा कम हो गया। यहां हर 100 लोगों की जांच पर औसतन 11 लोग संक्रमित मिल रहे हैं। सीरो सर्वे से जुड़ी ये खबर भी आप पढ़ सकते हैं… 1. पुणे में पहला सीरो सर्वे: सैंपल में शामिल लोगों में से 51.5% लोगों में मिली एंटीबॉडी, पुणे में हैं राज्य के सबसे ज्यादा एक्टिव केस आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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