शीना बोरा-सुनंदा पुष्कर केस की जांच करने वाले फॉरेंसिक एक्सपर्ट टीम में, सुशांत की मौत का सीन री-क्रिएट किया जाएगाDainik Bhaskar


सुशांत केस की सीबीआई जांच के आदेश के बाद ही सीबीआई की टीम एक्टिव हो गई है। ये वो टीम है, जिसने विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों की जांच की है। अब इस टीम के साथ वो फॉरेंसिक एक्सपर्ट जुड़ गए हैं, जिन्होंने सुनंदा पुष्कर और शीना बोरा जैसे मामलों की जांच की है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की जांच टीम में अब टॉप फॉरेंसिक डॉक्टर सुधीर गुप्ता भी शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि सुशांत ने आत्महत्या की थी, या फिर कोई और वजह थी। इसके लिए एसआईटी क्राइम सीन री-क्रिएट करने की कोशिश करेगी। इस दौरान सुशांत की अटॉप्सी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अलावा ‌फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच भी की जाएगी।

मुंबई पुलिस से एसआईटी टीम ने दस्तावेज मांगे

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में एसआईटी की टीम को गुरुवार को पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया ये भी जा रहा है कि टीम ने मुंबई पुलिस से सुशांत केस की फाइल्स और सभी सबूतों भी मांगे हैं। इसके अलावा पहले चरण की जांच में 6 लोगों से सवाल-जवाब किए गए हैं। हालांकि, इस बारे में सीबीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

एसआईटी टीम इसलिए है खास

एसआईटी टीम का नेतृत्व गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर मनोज शशिधर करेंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। चार सदस्यों वाली एसआईटी टीम में गगनदीप गंभीर और नुपूर प्रसाद को भी रखा गया है ताकि महिला आरोपियों से पूछताछ में दिक्कत न हो। इस मामले में अनिल यादव जांच अधिकारी रहेंगे।

  • मनोज शशिधर गुजरात कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं। जनवरी में ही सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। पहले विजय माल्या केस की जांच की निगरानी कर चुके हैं।
  • गगनदीप गंभीर गुजरात कैडर की 2004 बैच की आईपीएस अफसर हैं और सीबीआई में उन्हें घोटालों की जांच में महारथी माना जाता है।
  • नुपूर प्रसाद 2007 बैच की एजीएमयूटी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। सीबीआई की तेजतर्रार महिला अधिकारियों के रूप में गिना जाता है।
  • डीएसपी अनिल कुमार यादव मध्यप्रदेश से हैं। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की मौत की जांच उन्होंने ही की है। यादव कॉमनवेल्थ घोटाले और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में भी जांच टीम का हिस्सा रहे हैं।

अब हत्या की एफआईआर दर्ज करवाने अपील

इस बीच एक वरिष्ठ वकील ने सीबीआई प्रमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। वकील अटल बिहारी दुबे ने ट्विटर पर इस पत्र की फोटो शेयर की हैं। जिसमें वकील ने कई पॉइंट्स की एक लिस्ट भी दी है जिसके आधार पर उन्होंने सुशांत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था।

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Sushant Death Mystery Top forensic experts join CBI SIT, team to create death scene news and updates

सुशांत केस की सीबीआई जांच के आदेश के बाद ही सीबीआई की टीम एक्टिव हो गई है। ये वो टीम है, जिसने विजय माल्या और अगस्ता वेस्टलैंड जैसे मामलों की जांच की है। अब इस टीम के साथ वो फॉरेंसिक एक्सपर्ट जुड़ गए हैं, जिन्होंने सुनंदा पुष्कर और शीना बोरा जैसे मामलों की जांच की है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सीबीआई की जांच टीम में अब टॉप फॉरेंसिक डॉक्टर सुधीर गुप्ता भी शामिल हो चुके हैं। इसके अलावा सीबीआई की स्पेशल इन्वेस्टिगेटिव टीम (एसआईटी) ये पता लगाने की कोशिश करेगी कि सुशांत ने आत्महत्या की थी, या फिर कोई और वजह थी। इसके लिए एसआईटी क्राइम सीन री-क्रिएट करने की कोशिश करेगी। इस दौरान सुशांत की अटॉप्सी, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अलावा ‌फॉरेंसिक रिपोर्ट की जांच भी की जाएगी। मुंबई पुलिस से एसआईटी टीम ने दस्तावेज मांगे मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई में एसआईटी की टीम को गुरुवार को पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बताया ये भी जा रहा है कि टीम ने मुंबई पुलिस से सुशांत केस की फाइल्स और सभी सबूतों भी मांगे हैं। इसके अलावा पहले चरण की जांच में 6 लोगों से सवाल-जवाब किए गए हैं। हालांकि, इस बारे में सीबीआई की तरफ से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। एसआईटी टीम इसलिए है खास एसआईटी टीम का नेतृत्व गुजरात कैडर के आईपीएस अफसर मनोज शशिधर करेंगे, जिन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। चार सदस्यों वाली एसआईटी टीम में गगनदीप गंभीर और नुपूर प्रसाद को भी रखा गया है ताकि महिला आरोपियों से पूछताछ में दिक्कत न हो। इस मामले में अनिल यादव जांच अधिकारी रहेंगे। मनोज शशिधर गुजरात कैडर के 1994 बैच के आईपीएस अफसर हैं। जनवरी में ही सीबीआई के जॉइंट डायरेक्टर बनाए गए हैं। पहले विजय माल्या केस की जांच की निगरानी कर चुके हैं।गगनदीप गंभीर गुजरात कैडर की 2004 बैच की आईपीएस अफसर हैं और सीबीआई में उन्हें घोटालों की जांच में महारथी माना जाता है।नुपूर प्रसाद 2007 बैच की एजीएमयूटी कैडर की आईपीएस अधिकारी हैं। सीबीआई की तेजतर्रार महिला अधिकारियों के रूप में गिना जाता है।डीएसपी अनिल कुमार यादव मध्यप्रदेश से हैं। मध्यप्रदेश के व्यापमं घोटाले से जुड़े लोगों की मौत की जांच उन्होंने ही की है। यादव कॉमनवेल्थ घोटाले और अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले जैसे हाई-प्रोफाइल मामलों में भी जांच टीम का हिस्सा रहे हैं। अब हत्या की एफआईआर दर्ज करवाने अपील इस बीच एक वरिष्ठ वकील ने सीबीआई प्रमुख को पत्र लिखकर सुशांत सिंह राजपूत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया है। वकील अटल बिहारी दुबे ने ट्विटर पर इस पत्र की फोटो शेयर की हैं। जिसमें वकील ने कई पॉइंट्स की एक लिस्ट भी दी है जिसके आधार पर उन्होंने सुशांत की मौत की जांच में हत्या के लिए एफआईआर दर्ज करने का अनुरोध किया था। Complaint to #cbi for registration of FIR for murder in #SushantSinghRajputCase @barandbench @LiveLawIndia @republic @aajtak @timesofindia 1/2 pic.twitter.com/tISl2nI81p — Atal Bihari Dubey (@ataltheonlyone) August 20, 2020सुशांत केस में सीबीआई जांच से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं.. भास्कर एक्सप्लेनर:मोदी-शाह के भरोसेमंद रहे मनोज शशिधर के नेतृत्व में सुशांत मामले की जांच शुरू; आज तक किसी भी जांच में नाकाम नहीं हुए सुशांत की मौत का मामला:मुंबई पुलिस सीबीआई को कल दस्तावेज सौंपेगी, जांच के लिए 3 टीमें बनाई गईं; नोडल अफसर भी नियुक्त आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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