अप्रूवल से पहले ही चीन में वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल को मंजूरी, हाई रिस्क जोन वाले लोगों को पहला डोज दिया गयाDainik Bhaskar


चीन ने अप्रूवल से पहले ही वैक्सीन के इमरजेंसी में इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन चीन की ही एक कंपनी ने तैयार किया है। एक चीनी अधिकारी के मुताबिक, वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी वैक्सीन मैनेजमेंट कानून के तहत दी गई है। इस कानून के मुताबिक, मंजूरी मिलने से पहले वैक्सीन उन लोगों को दिया जा सकता है जो बीमारी के हाई रिस्क जोन में हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में जुलाई से ही वैक्सीन लोगों को दी जा रही है। इससे पहले रूस ने अपनी वैक्सीन ‘स्पुतनिक-वी’ के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही उसका रजिस्ट्रेशन करा दिया था। इतना ही नहीं इसके एक्सपोर्ट की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं।

वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के 4 प्लान बनाए
चीन में कोरोना वैक्सीन डेवलेपमेंट टास्क फोर्स के हेड झेंग झोंगवे ने कहा- वैक्सीन के इमरजेंसी में इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है, लेकिन इसके लिए बचाव की योजना भी तैयार की गई है। हमने कई प्लान बनाए हैं। इसमे 4 बड़ी बातें शामिल हैं-

  • पहला: लोगों से अनुमति के बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी।
  • दूसरा : साइड इफेक्ट रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।
  • तीसरा : अगर साइडइ फेक्ट होता है तो बचाव कैसे करें, इसका भी प्लान तैयार है।
  • चौथा : कम्पनसेशन प्लान के तहत नुकसान की भरपाई की जाएगी।

दावा- एक महीने पहले वैक्सीन की इमरजेंसी लॉन्चिंग हुई

झोंगवे के मुताबिक- एक महीने पहले ही 22 जुलाई को आधिकारिक तौर पर कोविड-19 वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए लॉन्च कर दिया गया था। इस दौरान ट्रायल जारी रहे। जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी, उनमें से कुछ में रिएक्शन के हल्के संकेत मिले थे। हालांकि, किसी को बुखार नहीं आया।

अब ट्रायल पेरू, मोरोक्को और अर्जेंटीना में होंगे
वैक्सीन बनाने वाली चीनी कम्पनी सिनोफार्म ने गुरुवार और शुक्रवार को ट्रायल के करार पर दस्तखत किए। इसके मुताबिक, सिनोफार्म की वैक्सीन का तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल पेरू, मोरोक्को और अर्जेंटीना में जल्द शुरू होगा।

अगली योजना सर्दियों में महमारी रोकने के लिए बनेगी
झेंग के मुताबिक, अब आने वाली सर्दियों में महामारी को रोकने की योजना बनाएंगे। वैक्सीन को उपलब्ध कराने का दायरा बढ़ाया जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो फूड मार्केट और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े हैं।

कितने लोगों को डोज दिया गया
शंघाई की इम्यूनोलॉजिस्ट ताओ लिन के मुताबिक- वैक्सीन का इमरजेंसी इस्तेमाल जिन लोगों पर किया जा रहा है, उनकी संख्या हजारों तक पहुंच सकती है। कई सेक्टर में वैक्सीन की डोज मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, कितने लोगों को डोज दिए गए? इसकी सटीक जानकारी नहीं दी जा सकती। इसकी एक वजह यह है कि चीन आर्मी ने अपने आंकड़े जारी नहीं किए।

जिसे वैक्सीन लगी, कैसा रहा उनका अनुभव
चीनी कम्पनी में काम करने वाली वू कहती हैं- 7 अगस्त को मुझे और सहयोगियों को वैक्सीन की डोज मुफ्त लगाई गई थी। किसी में कोई बड़ा साइडइफेक्ट नहीं दिखा।

वू के मुताबिक, जिस दिन वैक्सीन लगी, उस दिन दोपहर में हल्का सा चक्कर आया। तुरंत ठीक भी हो गया। स्किन पर कहीं भी रेडनेस, सूजन या दर्द नहीं हुआ। बुखार भी नहीं आया। अब अगली डोज 28 दिन बाद लगेगी।

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चीन ने कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दे दी है। इसे कई लोगों को लगाया भी जा चुका है। (फाइल)

चीन ने अप्रूवल से पहले ही वैक्सीन के इमरजेंसी में इस्तेमाल को मंजूरी दे दी है। यह वैक्सीन चीन की ही एक कंपनी ने तैयार किया है। एक चीनी अधिकारी के मुताबिक, वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी वैक्सीन मैनेजमेंट कानून के तहत दी गई है। इस कानून के मुताबिक, मंजूरी मिलने से पहले वैक्सीन उन लोगों को दिया जा सकता है जो बीमारी के हाई रिस्क जोन में हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चीन में जुलाई से ही वैक्सीन लोगों को दी जा रही है। इससे पहले रूस ने अपनी वैक्सीन ‘स्पुतनिक-वी’ के तीसरे चरण का ट्रायल पूरा होने से पहले ही उसका रजिस्ट्रेशन करा दिया था। इतना ही नहीं इसके एक्सपोर्ट की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। वैक्सीन के इमरजेंसी इस्तेमाल के 4 प्लान बनाए चीन में कोरोना वैक्सीन डेवलेपमेंट टास्क फोर्स के हेड झेंग झोंगवे ने कहा- वैक्सीन के इमरजेंसी में इस्तेमाल की मंजूरी दी गई है, लेकिन इसके लिए बचाव की योजना भी तैयार की गई है। हमने कई प्लान बनाए हैं। इसमे 4 बड़ी बातें शामिल हैं- पहला: लोगों से अनुमति के बाद ही वैक्सीन लगाई जाएगी।दूसरा : साइड इफेक्ट रोकने के लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी।तीसरा : अगर साइडइ फेक्ट होता है तो बचाव कैसे करें, इसका भी प्लान तैयार है।चौथा : कम्पनसेशन प्लान के तहत नुकसान की भरपाई की जाएगी। दावा- एक महीने पहले वैक्सीन की इमरजेंसी लॉन्चिंग हुई झोंगवे के मुताबिक- एक महीने पहले ही 22 जुलाई को आधिकारिक तौर पर कोविड-19 वैक्सीन को इमरजेंसी इस्तेमाल के लिए लॉन्च कर दिया गया था। इस दौरान ट्रायल जारी रहे। जिन लोगों को वैक्सीन की पहली डोज दी गई थी, उनमें से कुछ में रिएक्शन के हल्के संकेत मिले थे। हालांकि, किसी को बुखार नहीं आया। अब ट्रायल पेरू, मोरोक्को और अर्जेंटीना में होंगे वैक्सीन बनाने वाली चीनी कम्पनी सिनोफार्म ने गुरुवार और शुक्रवार को ट्रायल के करार पर दस्तखत किए। इसके मुताबिक, सिनोफार्म की वैक्सीन का तीसरे चरण का ह्यूमन ट्रायल पेरू, मोरोक्को और अर्जेंटीना में जल्द शुरू होगा। अगली योजना सर्दियों में महमारी रोकने के लिए बनेगी झेंग के मुताबिक, अब आने वाली सर्दियों में महामारी को रोकने की योजना बनाएंगे। वैक्सीन को उपलब्ध कराने का दायरा बढ़ाया जाएगा, खासकर उन लोगों के लिए जो फूड मार्केट और ट्रांसपोर्टेशन से जुड़े हैं। कितने लोगों को डोज दिया गया शंघाई की इम्यूनोलॉजिस्ट ताओ लिन के मुताबिक- वैक्सीन का इमरजेंसी इस्तेमाल जिन लोगों पर किया जा रहा है, उनकी संख्या हजारों तक पहुंच सकती है। कई सेक्टर में वैक्सीन की डोज मुफ्त उपलब्ध कराई जा रही है। हालांकि, कितने लोगों को डोज दिए गए? इसकी सटीक जानकारी नहीं दी जा सकती। इसकी एक वजह यह है कि चीन आर्मी ने अपने आंकड़े जारी नहीं किए। जिसे वैक्सीन लगी, कैसा रहा उनका अनुभव चीनी कम्पनी में काम करने वाली वू कहती हैं- 7 अगस्त को मुझे और सहयोगियों को वैक्सीन की डोज मुफ्त लगाई गई थी। किसी में कोई बड़ा साइडइफेक्ट नहीं दिखा। वू के मुताबिक, जिस दिन वैक्सीन लगी, उस दिन दोपहर में हल्का सा चक्कर आया। तुरंत ठीक भी हो गया। स्किन पर कहीं भी रेडनेस, सूजन या दर्द नहीं हुआ। बुखार भी नहीं आया। अब अगली डोज 28 दिन बाद लगेगी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

चीन ने कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज को मंजूरी दे दी है। इसे कई लोगों को लगाया भी जा चुका है। (फाइल)Read More

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