एनआईए ने कहा- जैश सरगना मसूद अजहर और उसके भाइयों ने भारत में आतंकियों को निर्देश देने के लिए पाकिस्तानी सिम इस्तेमाल कीDainik Bhaskar


नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एनआईए ने 13,500 पेज की चार्जशीट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) चीफ मसूद अजहर समेत 19 लोगों को आरोपी बनाया है।

एजेंसी ने कहा कि मसूद अजहर अपने भाइयों अब्दुल रऊफ असगर और अम्मार अल्वी के साथ पुलवामा हमले के लिए आतंकियों को लगातार निर्देश दे रहा था। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तानी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। सिम कार्ड पुलवामा हमले के बाद भी एक्टिव थे।

पहले 6 फरवरी को हमला किया जाना था

चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ कि जैश ने पहले 6 फरवरी को हमले की योजना बनाई थी, लेकिन भारी बर्फबारी और हाईवे बंद होने के कारण हमले को 14 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया था। हमले की जांच से जुड़े एनआईए के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया कि अजहर और उसके भाई पाकिस्तानी सिम कार्ड के जरिए फारूक और अन्य पाकिस्तानी आतंकियों के लगातार संपर्क में थे।

चार्जशीट में मसूद के रिश्तेदार अम्मर अल्वी और अब्दुल रऊफ असगर के अलावा मारे गए आतंकी मोहम्मद उमर फारूख, सुसाइड बॉम्बर आदिल अहमद डार समेत अन्य पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी कमांडरों की भी नाम है।

दूसरे हमले की भी योजना थी

अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एक और हमले की भी योजना बनाई थी। लेकिन, इंडियन एयर फोर्स के बालाकोट एयर स्ट्राइक में मुख्य साजिशकर्ता फारूक की हत्या के बाद योजना टाल दी गई। एनआई ने अपनी जांच में बताया कि पाकिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तान के शंकरगढ़ स्थित लॉन्च पैड से भारतीय सीमा तक पहुंचाने के लिए आतंकी संगठन ने काफी सोच-समझकर मैकेनिज्म तैयार किया था।

आतंकी ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान गए थे

चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि जैश सरगना ने विस्फोटक और अन्य आतंकी साजिश की ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान में अल-कायदा-तालिबान-जैश और हक्कानी-जैश के आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप में भेजा था। आरोप पत्र में कहा गया कि मुख्य आरोपी फारूक 2016-17 में विस्फोटक के ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान गया था।

फारूक ने अप्रैल 2018 में जम्मू-सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए भारत में घुसपैठ की थी। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर में पुलवामा का जैश कमांडर बना था।

अहम सबूतों के साथ मजबूत केस बनाया
एनआईए अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि एजेंसी ने चार्जशीट में सभी आरोपियों के खिलाफ अहम सबूतों के साथ मजबूत केस बनाया है। इसमें उनकी चैट, कॉल डिटेल्स आदि शामिल हैं, जो 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए हमले में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करते हैं।

जुलाई में मोहम्मद इकबाल राथेड़ को किया था गिरफ्तार
एजेंसी ने जुलाई में जम्मू-कश्मीर के बडगाम निवासी 25 साल के मोहम्मद इकबाल राथेड़ को भी गिरफ्तार किया था। उस पर घुसपैठ कराने, जेईएम आतंकवादी और इस हमले के प्रमुख साजिशकर्ता मुहम्मद उमर फारूक की जम्मू में आवाजाही में मदद करने का आरोप है। आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए आईडी को फारूक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इकट्ठा किया था।

चार्जशीट में नामजद अन्य गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अब्बास राथर, वैज-उल-इस्लाम, पिता-पुत्री तारिक अहमद शाह और इंशा जान जैश के कथित ग्राउंड वर्कर हैं।

भारत के 40 जवान हुए थे शहीद
जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बीते साल 14 फरवरी को सीआरपीएफ के एक काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने आतंकी हमला किया था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके करीब 12 दिन बाद भारत ने बालाकोट में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी।

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चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ असगर का भी नाम शामिल है। -फाइल फोटो

नेशनल इंवेस्टिगेशन एजेंसी (एनआईए) ने मंगलवार को 2019 के पुलवामा आतंकी हमले के मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी है। एनआईए ने 13,500 पेज की चार्जशीट में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद (जेईएम) चीफ मसूद अजहर समेत 19 लोगों को आरोपी बनाया है। एजेंसी ने कहा कि मसूद अजहर अपने भाइयों अब्दुल रऊफ असगर और अम्मार अल्वी के साथ पुलवामा हमले के लिए आतंकियों को लगातार निर्देश दे रहा था। इसके लिए उन्होंने पाकिस्तानी सिम कार्ड का इस्तेमाल किया था। सिम कार्ड पुलवामा हमले के बाद भी एक्टिव थे। पहले 6 फरवरी को हमला किया जाना था चार्जशीट में यह भी खुलासा हुआ कि जैश ने पहले 6 फरवरी को हमले की योजना बनाई थी, लेकिन भारी बर्फबारी और हाईवे बंद होने के कारण हमले को 14 फरवरी तक के लिए टाल दिया गया था। हमले की जांच से जुड़े एनआईए के एक अधिकारी ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस को बताया कि अजहर और उसके भाई पाकिस्तानी सिम कार्ड के जरिए फारूक और अन्य पाकिस्तानी आतंकियों के लगातार संपर्क में थे। चार्जशीट में मसूद के रिश्तेदार अम्मर अल्वी और अब्दुल रऊफ असगर के अलावा मारे गए आतंकी मोहम्मद उमर फारूख, सुसाइड बॉम्बर आदिल अहमद डार समेत अन्य पाकिस्तान से ऑपरेट करने वाले आतंकी कमांडरों की भी नाम है। दूसरे हमले की भी योजना थी अधिकारी ने बताया कि उन्होंने एक और हमले की भी योजना बनाई थी। लेकिन, इंडियन एयर फोर्स के बालाकोट एयर स्ट्राइक में मुख्य साजिशकर्ता फारूक की हत्या के बाद योजना टाल दी गई। एनआई ने अपनी जांच में बताया कि पाकिस्तानी आतंकियों को पाकिस्तान के शंकरगढ़ स्थित लॉन्च पैड से भारतीय सीमा तक पहुंचाने के लिए आतंकी संगठन ने काफी सोच-समझकर मैकेनिज्म तैयार किया था। National Investigation Agency (NIA) is filing a 13,500-page charge sheet in the Pulwama terror attack case, naming a number of Pakistani nationals, including JeM chief Masood Azhar. In photos- vehicle used in the attack and terrorists who made the IED: NIA sources pic.twitter.com/tgAsXYwTlN — ANI (@ANI) August 25, 2020आतंकी ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान गए थे चार्जशीट में आरोप लगाया गया है कि जैश सरगना ने विस्फोटक और अन्य आतंकी साजिश की ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान में अल-कायदा-तालिबान-जैश और हक्कानी-जैश के आतंकवादी ट्रेनिंग कैंप में भेजा था। आरोप पत्र में कहा गया कि मुख्य आरोपी फारूक 2016-17 में विस्फोटक के ट्रेनिंग के लिए अफगानिस्तान गया था। फारूक ने अप्रैल 2018 में जम्मू-सांबा सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय सीमा के जरिए भारत में घुसपैठ की थी। इसके बाद वह जम्मू-कश्मीर में पुलवामा का जैश कमांडर बना था। अहम सबूतों के साथ मजबूत केस बनाया एनआईए अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी को बताया कि एजेंसी ने चार्जशीट में सभी आरोपियों के खिलाफ अहम सबूतों के साथ मजबूत केस बनाया है। इसमें उनकी चैट, कॉल डिटेल्स आदि शामिल हैं, जो 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए हमले में पाकिस्तान की भूमिका को उजागर करते हैं। जुलाई में मोहम्मद इकबाल राथेड़ को किया था गिरफ्तार एजेंसी ने जुलाई में जम्मू-कश्मीर के बडगाम निवासी 25 साल के मोहम्मद इकबाल राथेड़ को भी गिरफ्तार किया था। उस पर घुसपैठ कराने, जेईएम आतंकवादी और इस हमले के प्रमुख साजिशकर्ता मुहम्मद उमर फारूक की जम्मू में आवाजाही में मदद करने का आरोप है। आतंकी हमले में इस्तेमाल किए गए आईडी को फारूक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर इकट्ठा किया था। चार्जशीट में नामजद अन्य गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद अब्बास राथर, वैज-उल-इस्लाम, पिता-पुत्री तारिक अहमद शाह और इंशा जान जैश के कथित ग्राउंड वर्कर हैं। भारत के 40 जवान हुए थे शहीद जम्मू-कश्मीर के पुलवामा में बीते साल 14 फरवरी को सीआरपीएफ के एक काफिले पर जैश-ए-मोहम्मद के आत्मघाती हमलावर ने आतंकी हमला किया था। इसमें 40 जवान शहीद हुए थे। इसके करीब 12 दिन बाद भारत ने बालाकोट में घुसकर एयरस्ट्राइक की थी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

चार्जशीट में जैश-ए-मोहम्मद चीफ मसूद अजहर के भाई अब्दुल रऊफ असगर का भी नाम शामिल है। -फाइल फोटोRead More

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