पार्टी में बदलाव की मांग करने वाले नेताओं ने कहा- हमने लीडरशिप को चैलेंज नहीं किया और ना ही हम असंतुष्ट हैंDainik Bhaskar


कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के एक दिन बाद सोनिया को चिट्‌ठी लिखने वाले 23 नेताओं में से कुछ ने मंगलवार को सफाई दी। इन नेताओं ने कहा कि वे असंतुष्ट नहीं हैं, बल्कि बदलाव के समर्थक हैं। कई नेताओं ने सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बने रहने का समर्थन भी किया।

इतिहास बहादुरों को याद रखता है : तन्खा
कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि चिट्‌ठी लीडरशिप को चैलेंज करने के लिए नहीं थी, बल्कि पार्टी को मजबूत करने की कार्रवाई की शुरुआत थी। तन्खा ने ट्विटर पर लिखा कि हर जगह सच्चाई ही सबसे बड़ा बचाव है, चाहे वह कोर्ट में हो या फिर सार्वजनिक मामलों में। इतिहास बहादुरों को याद रखता है, कायरों को नहीं।

तन्खा का जवाब देते हुए वहीं पूर्व केंद्रीय तंत्री मुकुल वासनिक ने कहा कि जिन्हें आज ये खत अपराध लग रहा है, वह जल्दी ही समझ जाएंगे कि उठाए गए मुद्दे पर विचार करना कितना जरूरी था।

सीनियर पार्टी लीडर आनंद शर्मा ने तन्खा के ट्वीट को टैग करते हुए कहा कि खत पार्टी के भले के लिए लिखा गया था और देश के वर्तमान माहौल और संविधान पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता साझा करने के लिए लिखा गया था।

पार्टी को सोनिया गांधी के नेतृत्व की हमेशा जरूरत : मोइली
वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि यह बात सही है कि संगठन इस समय ‘कांग्रेस फिलॉसफी और लोकतंत्र की रक्षा’ को आगे ले जाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को सोनिया गांधी के नेतृत्व की हमेशा जरूरत रही है। खत लिखने का मकसद पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ देश में विधानसभा और स्थानीय चुनावों के लिए के लिए तैयार करने का था।

मोइली ने कहा कि गांधी परिवार हमेशा से राष्ट्रभक्ति और बलिदान के लिए जाना जाता है। पार्टी को सोनिया गांधी की लीडरशिप की हमेशा से जरूरत रही है और उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना स्वागत करने योग्य कदम है।

सोमवार को हुई थी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक
कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक सोमवार को हुई थी। इसमें नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर माहौल तनावपूर्ण रहा। बैठक शुरू होते ही अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेतृत्व में बदलाव संबंधी 23 वरिष्ठ नेताओं की चिट्ठी का हवाला देते हुए पद छोड़ने की पेशकश की। हालांकि, 7 घंटे मंथन के बाद वह 6 महीने और अंतरिम अध्यक्ष बने रहने पर सहमत हो गईं थीं।

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अभी सोनिया ही रहेंगी अंतरिम अध्यक्ष, कहा- आगे बढ़ते हैं, जिन लोगों ने चिट्ठी लिखी, उनके लिए कोई दुर्भावना नहीं

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कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक सोमवार को हुई थी। 7 घंटे मंथन के बाद सोनिया गांधी 6 महीने और अंतरिम अध्यक्ष बने रहने पर सहमत हो गईं थी। (फाइल फोटो)

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक के एक दिन बाद सोनिया को चिट्‌ठी लिखने वाले 23 नेताओं में से कुछ ने मंगलवार को सफाई दी। इन नेताओं ने कहा कि वे असंतुष्ट नहीं हैं, बल्कि बदलाव के समर्थक हैं। कई नेताओं ने सोनिया गांधी के अंतरिम अध्यक्ष बने रहने का समर्थन भी किया। इतिहास बहादुरों को याद रखता है : तन्खा कांग्रेस के राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा ने कहा कि चिट्‌ठी लीडरशिप को चैलेंज करने के लिए नहीं थी, बल्कि पार्टी को मजबूत करने की कार्रवाई की शुरुआत थी। तन्खा ने ट्विटर पर लिखा कि हर जगह सच्चाई ही सबसे बड़ा बचाव है, चाहे वह कोर्ट में हो या फिर सार्वजनिक मामलों में। इतिहास बहादुरों को याद रखता है, कायरों को नहीं। Friends we are not dissenters but proponents of revival :: the letter was not a challenge to leadership but a parchment of action to strengthen the party :: universally truth is best defence whether it be Court or Public Affairs :: history acknowledges the brave & not the timid. — Vivek Tankha (@VTankha) August 25, 2020तन्खा का जवाब देते हुए वहीं पूर्व केंद्रीय तंत्री मुकुल वासनिक ने कहा कि जिन्हें आज ये खत अपराध लग रहा है, वह जल्दी ही समझ जाएंगे कि उठाए गए मुद्दे पर विचार करना कितना जरूरी था। Well said. The letter was written with the best interest of the party in our hearts and conveying shared concerns over the present environment in the country and sustained assault on the foundational values of the constitution. https://t.co/SoH725j5Ve — Anand Sharma (@AnandSharmaINC) August 25, 2020सीनियर पार्टी लीडर आनंद शर्मा ने तन्खा के ट्वीट को टैग करते हुए कहा कि खत पार्टी के भले के लिए लिखा गया था और देश के वर्तमान माहौल और संविधान पर लगातार हो रहे हमलों पर चिंता साझा करने के लिए लिखा गया था। पार्टी को सोनिया गांधी के नेतृत्व की हमेशा जरूरत : मोइली वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरप्पा मोइली ने कहा कि यह बात सही है कि संगठन इस समय ‘कांग्रेस फिलॉसफी और लोकतंत्र की रक्षा’ को आगे ले जाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी को सोनिया गांधी के नेतृत्व की हमेशा जरूरत रही है। खत लिखने का मकसद पार्टी को 2024 के लोकसभा चुनाव के साथ-साथ देश में विधानसभा और स्थानीय चुनावों के लिए के लिए तैयार करने का था। मोइली ने कहा कि गांधी परिवार हमेशा से राष्ट्रभक्ति और बलिदान के लिए जाना जाता है। पार्टी को सोनिया गांधी की लीडरशिप की हमेशा से जरूरत रही है और उनका अध्यक्ष पद पर बने रहना स्वागत करने योग्य कदम है। सोमवार को हुई थी कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक सोमवार को हुई थी। इसमें नेतृत्व परिवर्तन की मांग को लेकर माहौल तनावपूर्ण रहा। बैठक शुरू होते ही अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेतृत्व में बदलाव संबंधी 23 वरिष्ठ नेताओं की चिट्ठी का हवाला देते हुए पद छोड़ने की पेशकश की। हालांकि, 7 घंटे मंथन के बाद वह 6 महीने और अंतरिम अध्यक्ष बने रहने पर सहमत हो गईं थीं। ये भी पढ़ सकते हैं… अभी सोनिया ही रहेंगी अंतरिम अध्यक्ष, कहा- आगे बढ़ते हैं, जिन लोगों ने चिट्ठी लिखी, उनके लिए कोई दुर्भावना नहीं आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

कांग्रेस वर्किंग कमेटी की बैठक सोमवार को हुई थी। 7 घंटे मंथन के बाद सोनिया गांधी 6 महीने और अंतरिम अध्यक्ष बने रहने पर सहमत हो गईं थी। (फाइल फोटो)Read More

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