वकील ने अपनी एप्लीकेशन चीनी ऐप से स्कैन करके कोर्ट को भेजी, अदालत ने कहा- लीगल काम में इन ऐप के इस्तेमाल से बचेंDainik Bhaskar


दिल्ली की एक कोर्ट ने एक वकील को प्रतिबंधित चीनी ऐप का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है। एडिशनल सेशन जज सुनील चौधरी ने कहा कि एडवोकेट प्रवीण चौधरी की ओर दायर की गई जमानत याचिका को कैम-स्कैनर ऐप से स्कैन किया गया था।

कोर्ट ने कहा कि जमानत से जुड़ा आवेदन को मेल के जरिए भेजा गया था, जिसमें इसकी फाइल को कैम स्कैनर से स्कैन की गई थी। कोर्ट ने कहा कि वकील को सलाह दी जाती है कि वह भविष्य में किसी भी लीगल काम में प्रतिबंधित ऐप्स का इस्तेमाल करने से बचें।

कैम स्कैनर को सरकार ने बैन कर रखा है

एडवोकेट चौधरी ने घरेलु हिंसा और दहेज हत्या से जुड़े मामले में आरोपी रुपेंद्र कुमार की जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया था। कैम स्कैनर उन 106 चीनी ऐप्स में से एक है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए केंद्र सरकार ने बैन कर दिया था।

सरकार ने 29 जुलाई को टिकटॉक, कैम स्कैनर समेत कुल 59 छोटे-बड़े चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था। हालांकि, 30 दिनों के भीतर ही बैन किए गए 59 ऐप्स के क्लोन ऐप के भारत में घुसपैठ करने की खबरें आने लगीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने 24 जुलाई को इन 47 ऐप्स पर भी बैन लगा दिया था। सरकार ने चीनी ऐप्स पर बैन की 7 वजहें बताईं और अपने आदेश में 7 बार देश की सम्प्रभुता और एकता का जिक्र किया था।

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कोर्ट ने कहा कि वकील को सलाह दी जाती है कि वह भविष्य में किसी भी लीगल कामों में प्रतिबंधित ऐप्स का इस्तेमाल करने से बचें।

दिल्ली की एक कोर्ट ने एक वकील को प्रतिबंधित चीनी ऐप का इस्तेमाल करने से बचने की सलाह दी है। एडिशनल सेशन जज सुनील चौधरी ने कहा कि एडवोकेट प्रवीण चौधरी की ओर दायर की गई जमानत याचिका को कैम-स्कैनर ऐप से स्कैन किया गया था। कोर्ट ने कहा कि जमानत से जुड़ा आवेदन को मेल के जरिए भेजा गया था, जिसमें इसकी फाइल को कैम स्कैनर से स्कैन की गई थी। कोर्ट ने कहा कि वकील को सलाह दी जाती है कि वह भविष्य में किसी भी लीगल काम में प्रतिबंधित ऐप्स का इस्तेमाल करने से बचें। कैम स्कैनर को सरकार ने बैन कर रखा है एडवोकेट चौधरी ने घरेलु हिंसा और दहेज हत्या से जुड़े मामले में आरोपी रुपेंद्र कुमार की जमानत के लिए आवेदन दाखिल किया था। कैम स्कैनर उन 106 चीनी ऐप्स में से एक है, जिन्हें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए केंद्र सरकार ने बैन कर दिया था। सरकार ने 29 जुलाई को टिकटॉक, कैम स्कैनर समेत कुल 59 छोटे-बड़े चीनी ऐप्स को बैन कर दिया था। हालांकि, 30 दिनों के भीतर ही बैन किए गए 59 ऐप्स के क्लोन ऐप के भारत में घुसपैठ करने की खबरें आने लगीं। इसके बाद केंद्र सरकार ने 24 जुलाई को इन 47 ऐप्स पर भी बैन लगा दिया था। सरकार ने चीनी ऐप्स पर बैन की 7 वजहें बताईं और अपने आदेश में 7 बार देश की सम्प्रभुता और एकता का जिक्र किया था। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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