कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा- जिसको पार्टी में जरा सी भी रुचि होती तो वह हमारे प्रपोजल्स का स्वागत करताDainik Bhaskar


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को कहा कि कोई भी कांग्रेसी, जिसको पार्टी में जरा सी भी रुचि होती वो तो हमारे प्रपोजल्स का स्वागत करता। प्रदेश, जिला, ब्लॉक का प्रेसिडेंट और कांग्रेस वर्किंग कमेटी इलेक्टेड होनी चाहिए।

आजाद ने कहा कि मंशा कांग्रेस को मजबूत करने की है। मैं पिछले 34 साल से वर्किंग कमेटी में हूं। जिनको कुछ भी नहीं मालुम और अप्वाइंटमेंट वाला कार्ड मिल गया है वो सब विरोध करते हैं, वो सब बाहर जाएंगे।

कांग्रेस में चल रही उठापटक

कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक सोमवार को हुई थी। बैठक शुरू होते ही अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेतृत्व में बदलाव संबंधी 23 वरिष्ठ नेताओं की चिट्ठी का हवाला देते हुए पद छोड़ने की पेशकश की। हालांकि, 7 घंटे मंथन के बाद वह 6 महीने और अंतरिम अध्यक्ष बनी रहने पर सहमत हो गईं। बैठक में चिट्ठी लिखने वाले नेताओं की भाजपा से मिलीभगत का आरोप हावी रहा। ऐसा कहा गया कि ये आरोप राहुल गांधी ने लगाया। राहुल ने चिट्ठी की टाइमिंग पर सवाल उठाए। चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों में शामिल गुलाम नबी आजाद ने भाजपा से मिलीभगत साबित होने पर संन्यास लेने की बात कह दी। कपिल सिब्बल भी नाराज हो गए थे।

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कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रदेश, जिला, ब्लॉक आदि का प्रेसिडेंट और कांग्रेस वर्किंग कमेटी इलेक्टेड होनी चाहिए। (फाइल फोटो)

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद ने गुरुवार को कहा कि कोई भी कांग्रेसी, जिसको पार्टी में जरा सी भी रुचि होती वो तो हमारे प्रपोजल्स का स्वागत करता। प्रदेश, जिला, ब्लॉक का प्रेसिडेंट और कांग्रेस वर्किंग कमेटी इलेक्टेड होनी चाहिए। आजाद ने कहा कि मंशा कांग्रेस को मजबूत करने की है। मैं पिछले 34 साल से वर्किंग कमेटी में हूं। जिनको कुछ भी नहीं मालुम और अप्वाइंटमेंट वाला कार्ड मिल गया है वो सब विरोध करते हैं, वो सब बाहर जाएंगे। कांग्रेस में चल रही उठापटक कांग्रेस वर्किंग कमेटी (सीडब्ल्यूसी) की बैठक सोमवार को हुई थी। बैठक शुरू होते ही अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी ने नेतृत्व में बदलाव संबंधी 23 वरिष्ठ नेताओं की चिट्ठी का हवाला देते हुए पद छोड़ने की पेशकश की। हालांकि, 7 घंटे मंथन के बाद वह 6 महीने और अंतरिम अध्यक्ष बनी रहने पर सहमत हो गईं। बैठक में चिट्ठी लिखने वाले नेताओं की भाजपा से मिलीभगत का आरोप हावी रहा। ऐसा कहा गया कि ये आरोप राहुल गांधी ने लगाया। राहुल ने चिट्ठी की टाइमिंग पर सवाल उठाए। चिट्ठी पर दस्तखत करने वालों में शामिल गुलाम नबी आजाद ने भाजपा से मिलीभगत साबित होने पर संन्यास लेने की बात कह दी। कपिल सिब्बल भी नाराज हो गए थे। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने कहा कि प्रदेश, जिला, ब्लॉक आदि का प्रेसिडेंट और कांग्रेस वर्किंग कमेटी इलेक्टेड होनी चाहिए। (फाइल फोटो)Read More

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