कांग्रेस ने एक महीने में दूसरी बार मार्क जकरबर्ग को चिट्ठी लिखी; पूछा- हेट स्पीच पोस्ट हटाने के आरोपों पर क्या कदम उठाएDainik Bhaskar


फेसबुक हेट स्पीच मामले में आज कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग को चिट्ठी लिखकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि हेट स्पीच मामले में लगाए गए आरोपों पर आपने क्या कदम उठाए जा रहे हैं और क्या उठाए गए हैं।

कांग्रेस ने कहा कि हम भारत में इस मामले पर कानूनी सलाह ले रहें। अगर जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक विदेशी कंपनी देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान न पहुंचा सके।

इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टाइम मैगजीन की एक रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल ने ट्वीट कर कहा “टाइम ने वॉट्सऐप और भाजपा की साठगांठ का खुलासा किया है। 40 करोड़ भारतीय यूजर वाला वॉट्सऐप पेमेंट सर्विस भी शुरू करना चाहता है, इसके लिए मोदी सरकार की मंजूरी जरूरी है। इस तरह वॉट्सऐप पर भाजपा के नियंत्रण का पता चलता है।” टाइम की रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक भाजपा नेताओं के मामलों में भेदभाव करती है। वॉट्सऐप भी फेसबुक की कंपनी है।

टाइम की रिपोर्ट में क्या?
‘फेसबुक के भारत की सत्ताधारी पार्टी से संबंधों की वजह से हेट स्पीच के खिलाफ कंपनी की लड़ाई मुश्किल हो रही है।’ इस टाइटल से पब्लिश रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक हेट स्पीच से जुड़े बयानों को हटाने में भेदभाव करती है।

रिपोर्ट की 3 बड़ी बातें

1. “फेसबुक की कर्मचारी अलाफिया जोयब जुलाई 2019 में कंपनी के भारतीय स्टाफ से वीडियो कॉल के जरिए उन 180 पोस्ट पर चर्चा कर रही थीं, जिनमें हेट स्पीच से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई। वॉचडॉग ग्रुप आवाज ने इन पोस्ट पर आपत्ति दर्ज करवाई थी। फेसबुक के सबसे सीनियर अफसर शिवनाथ ठुकराल पूरी बात सुने बिना ही मीटिंग छोड़कर चले गए थे।”

2. “जिन पोस्ट पर बात हो रही थी, उनमें असम से मोदी की पार्टी के नेता शिलादित्य देव की पोस्ट भी शामिल थी। शिलादित्य ने एक न्यूज रिपोर्ट शेयर की थी, जिसमें मुस्लिम लड़के पर रेप का आरोप था। शिलादित्य ने कमेंट किया था कि बांग्लादेश के मुस्लिम हमारे लोगों को टार्गेट कर रहे हैं। इस पोस्ट पर आपत्ति दर्ज होने के बाद भी फेसबुक ने इसे एक साल से ज्यादा समय तक नहीं हटाया।”

3. “ठुकराल उस वक्त भारत और दक्षिण एशिया में फेसबुक पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर थे। भारत सरकार से लॉबीइंग करना ही उनका काम था। फेसबुक के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने बताया कि ठुकराल 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त इस बात पर भी चर्चा करते थे कि किसी पॉलिटिशियन की पोस्ट हेट स्पीच के दायरे में आए तो, उससे कैसे निपटा जाए। ठुकराल ने आई लाइक नरेंद्र मोदी पेज को लाइक कर रखा है। फेसबुक से जुड़ने से पहले वे भाजपा के लिए काम करते थे।”

फेसबुक ने गलती मानी
टाइम का कहना है कि उसने 21 अगस्त को फेसबुक से बात की थी। फेसबुक ने कहा, “आवाज ने जब पहली बार मुद्दा उठाया तो हमने जांच की थी और इस बयान को हेट स्पीच माना था। शुरुआती रिव्यू के बाद हम इसे हटा नहीं पाए, यह हमारी गलती थी।”

वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी फेसबुक पर भाजपा के कंट्रोल की बात कही थी
टाइम से पहले अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी 14 अगस्त को पब्लिश किए आर्टिकल में कहा था “फेसबुक कुछ भाजपा नेताओं पर हेट स्पीच के नियम लागू नहीं करती।” इस पर फेसबुक ने सफाई दी थी कि वह बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के पॉलिसी लागू करती है। किसी व्यक्ति के पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े होने से नीतियों पर फर्क नहीं पड़ता।

ये खबरें भी पढ़ सकते हैं…

1. फेसबुक कंट्रोल पर विवाद: संसदीय स्थायी समिति ने फेसबुक के अफसरों को 2 सितंबर को तलब किया, भाजपा सांसद ने शशि थरूर को समिति से हटाने की मांग

2. फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज; कांग्रेस ने जकरबर्ग को चिट्ठी लिखकर जांच की सिफारिश की

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


Rahul Gandhi | Time Report On India Hate Speech ; Rahul Gandhi Attacks On Narendra Modi Govt

फेसबुक हेट स्पीच मामले में आज कांग्रेस ने फेसबुक के सीईओ मार्क जकरबर्ग को चिट्ठी लिखकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। कांग्रेस ने कहा कि हेट स्पीच मामले में लगाए गए आरोपों पर आपने क्या कदम उठाए जा रहे हैं और क्या उठाए गए हैं। कांग्रेस ने कहा कि हम भारत में इस मामले पर कानूनी सलाह ले रहें। अगर जरूरत पड़ी तो कार्रवाई भी की जाएगी। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि एक विदेशी कंपनी देश के सामाजिक ताने-बाने को नुकसान न पहुंचा सके। इससे पहले, कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टाइम मैगजीन की एक रिपोर्ट को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला। राहुल ने ट्वीट कर कहा “टाइम ने वॉट्सऐप और भाजपा की साठगांठ का खुलासा किया है। 40 करोड़ भारतीय यूजर वाला वॉट्सऐप पेमेंट सर्विस भी शुरू करना चाहता है, इसके लिए मोदी सरकार की मंजूरी जरूरी है। इस तरह वॉट्सऐप पर भाजपा के नियंत्रण का पता चलता है।” टाइम की रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक भाजपा नेताओं के मामलों में भेदभाव करती है। वॉट्सऐप भी फेसबुक की कंपनी है। America’s Time magazine exposes WhatsApp-BJP nexus: Used by 40 Cr Indians, WhatsApp also wants to be used for making payments for which Modi Govt’s approval is needed. Thus, BJP has a hold over WhatsApp.https://t.co/ahkBD2o1WI — Rahul Gandhi (@RahulGandhi) August 29, 2020टाइम की रिपोर्ट में क्या? ‘फेसबुक के भारत की सत्ताधारी पार्टी से संबंधों की वजह से हेट स्पीच के खिलाफ कंपनी की लड़ाई मुश्किल हो रही है।’ इस टाइटल से पब्लिश रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक हेट स्पीच से जुड़े बयानों को हटाने में भेदभाव करती है। रिपोर्ट की 3 बड़ी बातें 1. “फेसबुक की कर्मचारी अलाफिया जोयब जुलाई 2019 में कंपनी के भारतीय स्टाफ से वीडियो कॉल के जरिए उन 180 पोस्ट पर चर्चा कर रही थीं, जिनमें हेट स्पीच से जुड़े नियमों की अनदेखी की गई। वॉचडॉग ग्रुप आवाज ने इन पोस्ट पर आपत्ति दर्ज करवाई थी। फेसबुक के सबसे सीनियर अफसर शिवनाथ ठुकराल पूरी बात सुने बिना ही मीटिंग छोड़कर चले गए थे।” 2. “जिन पोस्ट पर बात हो रही थी, उनमें असम से मोदी की पार्टी के नेता शिलादित्य देव की पोस्ट भी शामिल थी। शिलादित्य ने एक न्यूज रिपोर्ट शेयर की थी, जिसमें मुस्लिम लड़के पर रेप का आरोप था। शिलादित्य ने कमेंट किया था कि बांग्लादेश के मुस्लिम हमारे लोगों को टार्गेट कर रहे हैं। इस पोस्ट पर आपत्ति दर्ज होने के बाद भी फेसबुक ने इसे एक साल से ज्यादा समय तक नहीं हटाया।” 3. “ठुकराल उस वक्त भारत और दक्षिण एशिया में फेसबुक पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर थे। भारत सरकार से लॉबीइंग करना ही उनका काम था। फेसबुक के कुछ पूर्व कर्मचारियों ने बताया कि ठुकराल 2019 के लोकसभा चुनाव के वक्त इस बात पर भी चर्चा करते थे कि किसी पॉलिटिशियन की पोस्ट हेट स्पीच के दायरे में आए तो, उससे कैसे निपटा जाए। ठुकराल ने आई लाइक नरेंद्र मोदी पेज को लाइक कर रखा है। फेसबुक से जुड़ने से पहले वे भाजपा के लिए काम करते थे।” फेसबुक ने गलती मानी टाइम का कहना है कि उसने 21 अगस्त को फेसबुक से बात की थी। फेसबुक ने कहा, “आवाज ने जब पहली बार मुद्दा उठाया तो हमने जांच की थी और इस बयान को हेट स्पीच माना था। शुरुआती रिव्यू के बाद हम इसे हटा नहीं पाए, यह हमारी गलती थी।” वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी फेसबुक पर भाजपा के कंट्रोल की बात कही थी टाइम से पहले अमेरिकी अखबार वॉल स्ट्रीट जर्नल ने भी 14 अगस्त को पब्लिश किए आर्टिकल में कहा था “फेसबुक कुछ भाजपा नेताओं पर हेट स्पीच के नियम लागू नहीं करती।” इस पर फेसबुक ने सफाई दी थी कि वह बिना किसी राजनीतिक भेदभाव के पॉलिसी लागू करती है। किसी व्यक्ति के पॉलिटिकल पार्टी से जुड़े होने से नीतियों पर फर्क नहीं पड़ता। ये खबरें भी पढ़ सकते हैं… 1. फेसबुक कंट्रोल पर विवाद: संसदीय स्थायी समिति ने फेसबुक के अफसरों को 2 सितंबर को तलब किया, भाजपा सांसद ने शशि थरूर को समिति से हटाने की मांग 2. फेसबुक इंडिया की पब्लिक पॉलिसी डायरेक्टर के खिलाफ रायपुर में केस दर्ज; कांग्रेस ने जकरबर्ग को चिट्ठी लिखकर जांच की सिफारिश की आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

Rahul Gandhi | Time Report On India Hate Speech ; Rahul Gandhi Attacks On Narendra Modi GovtRead More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *