देश में ठीक होने वाले मरीजों की संख्या 29 लाख के पार, यह संक्रमितों से 3.5 गुना ज्यादा; संक्रमण के 62% मामले सिर्फ 5 राज्यों सेDainik Bhaskar


स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश में संक्रमण से ठीक हुए मरीजों की संख्या 29.70 लाख हो गई है। यह संक्रमितों के मुकाबले 3.5 गुना ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सेक्रेटरी राजेश भूषण ने बताया कि 24 घंटे में 68 हजार 584 लोग ठीक हुए हैं। हमारा रिकवरी रेट 77.09 प्रतिशत हो गया है।

हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में हर दिन सामने आने वाले मामले बढ़ रहे हैं। इसे देश की आबादी के लिहाज से देखना चाहिए। दूसरे देशों की तुलना में हमारे यहां हर 10 लाख लोगों पर मिलने वाले मरीज कम हैं।

देश के सिर्फ पांच राज्यों में 62% मामले

भूषण ने कहा कि देश के कुल मामलों में से 62% मामले सिर्फ पांच राज्यों से सामने आए हैं। इनमें तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। देश में फिलहाल 8 लाख 15 हजार 538 एक्टिव केस हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25% केस महाराष्ट्र में हैं। आंधप्रदेश में एक्टिव मामलों में 13.7%, कर्नाटक में 16.1%, महाराष्ट्र में 6.8%, तमिलनाडु में 23.9% और उत्तरप्रदेश में 17.1% मामले कम हुए।

पांच राज्यों में मृत्यु दर ज्यादा
उन्होंने बताया कि पांच राज्यों में मृत्यु दर ज्यादा है। इनमें आंध्रप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र शामिल हैं। देश में संक्रमण से हुई कुल मौतों में से 70% इन पांच राज्यों में ही हुई हैं। हालांकि, अब कुछ राज्यों में मृत्यु दर में सुधार आ रहा है।

आंध्रप्रदेश में हर हफ्ते 4.5%, महाराष्ट्र में 11.5% और तमिलनाडु में 18.2% मौतें कम हुई हैं। वहीं, दिल्ली और महाराष्ट्र में मृत्यु दर बढ़ी है। दिल्ली में हर दिन होने वाली मौतें औसत 50% और कर्नाटक में 9.6% बढ़ी हैं।

4 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में हेल्थकेयर वर्कर ज्यादा संक्रमित

भूषण ने बताया कि देश के 4 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना संक्रमित होने वाले हेल्थ वर्कर्स की संख्या ज्यादा है। इन हेल्थ वर्कर्स में डॉक्टर्स, पैरा-मेडिक्स, नर्स और दूसरे स्टाफ शामिल हैं। सबसे ज्यादा 18% तेलंगाना में, महाराष्ट्र में 16%, पुडुचेरी में 12% और पंजाब में 11% हेल्थकेयर वर्कर्स संक्रमित हैं। हम इसकी जानकारी सभी राज्यों से साझा करते हैं, जिससे वे सतर्क रह सकें।

अकेले टहलने या जॉगिंग करने जा रहे लोगों के लिए मास्क जरूरी नहीं

उन्होंने कहा कि अब ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग की जा रही है। क्लीनिकल ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के लिए गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। हम अस्पतालों की सुविधाएं भी बढ़ा रहे हैं। लोगों को हिदायत दी गई है कि वे सुरक्षा उपायों का पालन करें। जो लोग अकेले टहलने या जॉगिंग करने निकल रहे हैं, उनके लिए मास्क जरूरी नहीं है। हालांकि, दोस्तों या झुंड में निकलने वाले लोगों के लिए मास्क लगाना जरूरी है।

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तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एगमोर स्टेशन पर गुरुवार को फुटओवर ब्रिज को सैनिटाइज करता कर्मचारी। तमिलनाडु देश के उन पांच राज्यों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि देश में संक्रमण से ठीक हुए मरीजों की संख्या 29.70 लाख हो गई है। यह संक्रमितों के मुकाबले 3.5 गुना ज्यादा है। स्वास्थ्य मंत्रालय के सेक्रेटरी राजेश भूषण ने बताया कि 24 घंटे में 68 हजार 584 लोग ठीक हुए हैं। हमारा रिकवरी रेट 77.09 प्रतिशत हो गया है। हालांकि, उन्होंने कहा कि देश में हर दिन सामने आने वाले मामले बढ़ रहे हैं। इसे देश की आबादी के लिहाज से देखना चाहिए। दूसरे देशों की तुलना में हमारे यहां हर 10 लाख लोगों पर मिलने वाले मरीज कम हैं। देश के सिर्फ पांच राज्यों में 62% मामले भूषण ने कहा कि देश के कुल मामलों में से 62% मामले सिर्फ पांच राज्यों से सामने आए हैं। इनमें तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र शामिल हैं। देश में फिलहाल 8 लाख 15 हजार 538 एक्टिव केस हैं। इनमें सबसे ज्यादा 25% केस महाराष्ट्र में हैं। आंधप्रदेश में एक्टिव मामलों में 13.7%, कर्नाटक में 16.1%, महाराष्ट्र में 6.8%, तमिलनाडु में 23.9% और उत्तरप्रदेश में 17.1% मामले कम हुए। पांच राज्यों में मृत्यु दर ज्यादा उन्होंने बताया कि पांच राज्यों में मृत्यु दर ज्यादा है। इनमें आंध्रप्रदेश, दिल्ली, कर्नाटक, तमिलनाडु और महाराष्ट्र शामिल हैं। देश में संक्रमण से हुई कुल मौतों में से 70% इन पांच राज्यों में ही हुई हैं। हालांकि, अब कुछ राज्यों में मृत्यु दर में सुधार आ रहा है। आंध्रप्रदेश में हर हफ्ते 4.5%, महाराष्ट्र में 11.5% और तमिलनाडु में 18.2% मौतें कम हुई हैं। वहीं, दिल्ली और महाराष्ट्र में मृत्यु दर बढ़ी है। दिल्ली में हर दिन होने वाली मौतें औसत 50% और कर्नाटक में 9.6% बढ़ी हैं। 4 राज्यों और 2 केंद्र शासित प्रदेशों में हेल्थकेयर वर्कर ज्यादा संक्रमित भूषण ने बताया कि देश के 4 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों में कोरोना संक्रमित होने वाले हेल्थ वर्कर्स की संख्या ज्यादा है। इन हेल्थ वर्कर्स में डॉक्टर्स, पैरा-मेडिक्स, नर्स और दूसरे स्टाफ शामिल हैं। सबसे ज्यादा 18% तेलंगाना में, महाराष्ट्र में 16%, पुडुचेरी में 12% और पंजाब में 11% हेल्थकेयर वर्कर्स संक्रमित हैं। हम इसकी जानकारी सभी राज्यों से साझा करते हैं, जिससे वे सतर्क रह सकें। अकेले टहलने या जॉगिंग करने जा रहे लोगों के लिए मास्क जरूरी नहीं उन्होंने कहा कि अब ज्यादा से ज्यादा टेस्टिंग की जा रही है। क्लीनिकल ट्रीटमेंट प्रोटोकॉल के लिए गाइडलाइन्स जारी की गई हैं। हम अस्पतालों की सुविधाएं भी बढ़ा रहे हैं। लोगों को हिदायत दी गई है कि वे सुरक्षा उपायों का पालन करें। जो लोग अकेले टहलने या जॉगिंग करने निकल रहे हैं, उनके लिए मास्क जरूरी नहीं है। हालांकि, दोस्तों या झुंड में निकलने वाले लोगों के लिए मास्क लगाना जरूरी है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

तमिलनाडु की राजधानी चेन्नई में एगमोर स्टेशन पर गुरुवार को फुटओवर ब्रिज को सैनिटाइज करता कर्मचारी। तमिलनाडु देश के उन पांच राज्यों में शामिल है, जहां सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं।Read More

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