यूएस-इंडिया फोरम में मोदी ने कहा- कोरोना के दौर में नई सोच की जरूरत, जिसमें विकास लोगों पर आधारित होना चाहिएDainik Bhaskar


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा दौर में नई सोच की जरूरत है। एक ऐसी सोच जिसमें विकास के केंद्र में लोग हों। प्रधानमंत्री भारत-अमेरिका साझेदारी फोरम की तीसरी सालाना समिट में बोल रहे थे। मोदी ने कहा- जब साल 2020 शुरू हुआ था तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह कैसा गुजरेगा। वैश्विक महामारी कोरोना ने हर किसी पर असर डाला है।

यह हमारी सहनशीलता, पब्लिक हेल्थ सिस्टम और इकॉनोमिक सिस्टम की परीक्षा है। इन हालात में हमें विकास को लेकर नई सोच की जरूरत है। वैश्विक माहामारी कोरोना ने हर किसी पर असर डाला है। यह हमारी सहनशीलता, पब्लिक हेल्थ सिस्टम और इकॉनोमिक सिस्टम की परीक्षा है। इन हालात में हमें विकास को लेकर नई सोच की जरूरत है।

भारत में बिजनेस आसान हुआ, लाल फीताशाही कम हुई

मोदी ने कहा- कोरोना के काल में सीमित संसाधनों वाले 130 करोड़ लोगों के देश भारत दुनिया में सबसे कम मृत्युदर वाला देश है। हर 10 लाख लोगों में यहां सबसे कम मौतें हुई हैं। रिकवरी रेट भी लगातार बढ़ रहा है। इस महामारी ने कुछ चीजों पर असर डाला है, लेकिन भारत के 130 करोड़ लोगों की आशाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। हाल के महीनों में बहुत सारे सुधार किए गए हैं। इनके जरिए बिजनेस आसान हुआ है और लाल फीताशाही कम हुई है।

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मोदी ने कहा- कोरोना के काल में सीमित संसाधनों वाले 130 करोड़ लोगों के देश भारत दुनिया में सबसे कम मृत्युदर वाला देश है। हर 10 लाख लोगों में यहां सबसे कम मौतें हुई हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को कहा कि मौजूदा दौर में नई सोच की जरूरत है। एक ऐसी सोच जिसमें विकास के केंद्र में लोग हों। प्रधानमंत्री भारत-अमेरिका साझेदारी फोरम की तीसरी सालाना समिट में बोल रहे थे। मोदी ने कहा- जब साल 2020 शुरू हुआ था तो किसी ने नहीं सोचा था कि यह कैसा गुजरेगा। वैश्विक महामारी कोरोना ने हर किसी पर असर डाला है। यह हमारी सहनशीलता, पब्लिक हेल्थ सिस्टम और इकॉनोमिक सिस्टम की परीक्षा है। इन हालात में हमें विकास को लेकर नई सोच की जरूरत है। वैश्विक माहामारी कोरोना ने हर किसी पर असर डाला है। यह हमारी सहनशीलता, पब्लिक हेल्थ सिस्टम और इकॉनोमिक सिस्टम की परीक्षा है। इन हालात में हमें विकास को लेकर नई सोच की जरूरत है। भारत में बिजनेस आसान हुआ, लाल फीताशाही कम हुई मोदी ने कहा- कोरोना के काल में सीमित संसाधनों वाले 130 करोड़ लोगों के देश भारत दुनिया में सबसे कम मृत्युदर वाला देश है। हर 10 लाख लोगों में यहां सबसे कम मौतें हुई हैं। रिकवरी रेट भी लगातार बढ़ रहा है। इस महामारी ने कुछ चीजों पर असर डाला है, लेकिन भारत के 130 करोड़ लोगों की आशाओं पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। हाल के महीनों में बहुत सारे सुधार किए गए हैं। इनके जरिए बिजनेस आसान हुआ है और लाल फीताशाही कम हुई है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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