सरकार ने संसद में बताया- देश के 12 राज्यों में आईएस सक्रिय, दक्षिण के पांच राज्यों में इससे जुड़े 122 लोग गिरफ्तार हुएDainik Bhaskar


देश में आतंकी संगठन आईएस का नेटवर्क 12 राज्यों में फैल चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मुताबिक, जिन राज्यों में आईएस सबसे ज्यादा सक्रिय है उनमें दक्षिण के पांच राज्य केरल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं।

इन पांच राज्यों में आईएस की मौजूदगी से जुड़े 17 मामले दर्ज किए हैं। 122 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी इसके तार जुड़े हैं।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को संसद में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईएस भारत के लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए और अपनी विचारधारा फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करता है। भारतीय एजेंसियां इन प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही हैं। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

विदेश से मिलती है फंडिंग

रेड्‌डी ने माना आईएस से जुड़ने वाले लोगों को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेश से फंडिंग होती है। यह फंडिंग कौन सा देश करता है, इसके बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। रेड्‌डी ने बताया कि आईएस, इस्लामिक स्टेट, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और लेवैंट (आईएसआईएल), इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस), दाऐश, इस्लामिक स्टेट खुरासान जैसे कई नामों से काम करता है। इन संगठनों को केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के कानून के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है।

कई देशों में आईएस की ब्रांच

आईएस ने 2014 में सीरिया और इराक के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इसकी बांग्लादेश, माली, सोमालिया मिस्र जैसे देशों में ब्रांच है। यह दूसरे आतंकी संगठनों जैसे कि लश्कर-ए- तैयबा और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर काम करता है।

अगस्त 2014 में अमेरिका और ईरान ने इराक और सीरिया में आईएस के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे। इसके बाद 14 दूसरे देशों ने भी इस पर हमले किए। इन हमलों में आईएस के कई बड़े आतंकी मारे गए और यह कमजोर हुआ।

आईएस ने भारत में नया प्रांत बनाने का दावा किया था

आईएस ने 10 मई 2019 को अपनी न्यूज एजेंसी अमाक के हवाले से दावा किया था कि वह भारत में एक नया प्रांत ‘विलायाह ऑफ हिंद’ स्थापित करने में कामयाब हो गया है। यह दावा कश्मीर में एक एनकाउंटर के बाद किया गया था। इस मुठभेड़ में सोफी नाम का आतंकी मारा गया था, जिसका संबंध इसी संगठन से था।

वह करीब 10 साल से भी अधिक समय से कश्मीर में कई आतंकी संगठनों के साथ काम कर रहा था। बाद में वह आईएस में शामिल हो गया था।

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केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में माना कि देश में आईएस के आतंकियों को विदेश से फंडिंग हो रही है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ऐसा करने वाला कौन सा देश है।- फाइल फोटो

देश में आतंकी संगठन आईएस का नेटवर्क 12 राज्यों में फैल चुका है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) के मुताबिक, जिन राज्यों में आईएस सबसे ज्यादा सक्रिय है उनमें दक्षिण के पांच राज्य केरल, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक और तमिलनाडु शामिल हैं। इन पांच राज्यों में आईएस की मौजूदगी से जुड़े 17 मामले दर्ज किए हैं। 122 आरोपियों को गिरफ्तार भी किया गया है। इसके साथ ही महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और जम्मू-कश्मीर से भी इसके तार जुड़े हैं। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी. किशन रेड्डी ने बुधवार को संसद में इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आईएस भारत के लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए और अपनी विचारधारा फैलाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करता है। भारतीय एजेंसियां इन प्लेटफॉर्म्स पर नजर रख रही हैं। ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई की जा रही है। विदेश से मिलती है फंडिंग रेड्‌डी ने माना आईएस से जुड़ने वाले लोगों को आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए विदेश से फंडिंग होती है। यह फंडिंग कौन सा देश करता है, इसके बारे में उन्होंने कुछ भी नहीं कहा। रेड्‌डी ने बताया कि आईएस, इस्लामिक स्टेट, इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक और लेवैंट (आईएसआईएल), इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया (आईएसआईएस), दाऐश, इस्लामिक स्टेट खुरासान जैसे कई नामों से काम करता है। इन संगठनों को केंद्र सरकार ने गैरकानूनी गतिविधियों पर रोक लगाने के कानून के तहत प्रतिबंधित सूची में शामिल किया है। कई देशों में आईएस की ब्रांच आईएस ने 2014 में सीरिया और इराक के कई इलाकों पर कब्जा कर लिया था। इसकी बांग्लादेश, माली, सोमालिया मिस्र जैसे देशों में ब्रांच है। यह दूसरे आतंकी संगठनों जैसे कि लश्कर-ए- तैयबा और अल कायदा जैसे आतंकी संगठनों के साथ मिलकर काम करता है। अगस्त 2014 में अमेरिका और ईरान ने इराक और सीरिया में आईएस के ठिकानों पर हवाई हमले शुरू किए थे। इसके बाद 14 दूसरे देशों ने भी इस पर हमले किए। इन हमलों में आईएस के कई बड़े आतंकी मारे गए और यह कमजोर हुआ। आईएस ने भारत में नया प्रांत बनाने का दावा किया था आईएस ने 10 मई 2019 को अपनी न्यूज एजेंसी अमाक के हवाले से दावा किया था कि वह भारत में एक नया प्रांत ‘विलायाह ऑफ हिंद’ स्थापित करने में कामयाब हो गया है। यह दावा कश्मीर में एक एनकाउंटर के बाद किया गया था। इस मुठभेड़ में सोफी नाम का आतंकी मारा गया था, जिसका संबंध इसी संगठन से था। वह करीब 10 साल से भी अधिक समय से कश्मीर में कई आतंकी संगठनों के साथ काम कर रहा था। बाद में वह आईएस में शामिल हो गया था। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद में माना कि देश में आईएस के आतंकियों को विदेश से फंडिंग हो रही है। हालांकि, उन्होंने ये नहीं बताया कि ऐसा करने वाला कौन सा देश है।- फाइल फोटोRead More

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