अनलॉक में कम होने लगी है बेरोजगारी दर, तब मोदी के जन्मदिन पर बधाइयों की जगह बेरोजगारी दिवस ट्रेंड क्यों हो रहा है?Dainik Bhaskar


प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन पर उन्हें बधाइयों का तांता लगा है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर बेरोजगारी दिवस भी ट्रेंड हो रहा है। भाजपा मोदी के जन्मदिन पर 14 से 20 सितंबर तक सेवा सप्ताह के तौर पर मना रही है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत उनकी पार्टी के तमाम नेता इस दिन को बेरोजगारी दिवस के तौर पर मना रहे हैं।

ट्विटर पर तो गुरुवार को #NationalUnemploymentDay #बेरोजगारी_दिवस #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस टॉप ट्रेंड्स बने रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि सच्चाई क्या है? क्या वाकई में बेरोजगारी दर बढ़ रही है? क्या वाकई में युवा मोदी से नाराज हैं, जिसका फायदा उठाने की कोशिश कांग्रेस कर रही है?

क्या वाकई में बेरोजगारी बढ़ रही है?

  • लॉकडाउन की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हुआ है। एनएसएसओ के आंकड़े कहते हैं कि अप्रैल-जून की तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर पहली बार -23.9% तक पहुंच गई है। निश्चित तौर पर इसका असर रोजगार पर भी दिख रहा है।

  • सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी प्रा.लि. (सीएमआईई) के आंकड़े बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान शहरी बेरोजगारी दर अप्रैल और मई में 24% तक पहुंच गई थी। हालांकि, अब हालात में सुधार है। जुलाई में बेरोजगारी दर गिरकर जनवरी-फरवरी के स्तर पर यानी कोविड-19 के स्तर पर आ गई थी। हालांकि, अगस्त में मामूली बढ़ोतरी हुई है।

  • सीएमआईई के मुताबिक 28 अगस्त से 7 सितंबर तक बेरोजगारी दर का 30 दिन का मूविंग एवरेज 8% से ऊपर रहा। लेकिन, उसके बाद उसमें गिरावट आ रही है। 16 सितंबर को यह एवरेज 7.30% के स्तर पर आ गया है। इसमें शहरी दर (8.92%) और ग्रामीण दर (6.55%) में भी गिरावट आ रही है।

मोदी सरकार से युवाओं की नाराजगी की 4 वजहें यह हो सकती हैं

  1. कोविड के डर के बावजूद देनी पड़ी परीक्षा: कोविड-19 का डर था, इसके बाद भी छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की एंट्रेंस एग्जाम्स -जेईई मेन्स और जेईई एडवांस, एनईईटी- के साथ-साथ फाइनल ईयर की परीक्षाओं में भाग लेना पड़ा। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने जो कहा, उससे भी युवा मोदी सरकार से नाराज हैं।

  2. नौकरी गंवाने वालों में 35% 20-25 साल एज ग्रुप के: 20 से 25 साल एज ग्रुप के कर्मचारी कुल वर्कफोर्स का 9% है। दूसरी तिमाही में जिन लोगों को कोविड-19 की वजह से नौकरी गंवानी पड़ी, उनमें इनकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 35% तक रही है।

  3. फॉर्मल सेक्टर में 11.5 लाख नौकरियां गईं: सीएमआईई डायरेक्टर महेश व्यास का कहना है कि भारत का डेमोक्रेटिक डिविडेंड ही उसके लिए परेशानी बन रहा है। कोविड-19 की वजह से फॉर्मल सेक्टर में 11.5 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं। इनमें एक-तिहाई की उम्र 25 वर्ष से कम थी।

  4. कॉस्ट कटिंग में सबसे ऊपर युवा ही होते हैं: आर्थिक संकट के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें होता है, जिन्हें कम अनुभव होता है और कॉस्ट कटिंग में कंपनियां हमेशा ऐसे लोगों को ही सबसे पहले कम करती हैं। 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की नौकरियां जाने की एक बड़ी वजह यह ही है।

कुछ इस तरह से ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है बेरोजगारी दिवस

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Unemployment rate is starting to come down in unlock, then why is unemployment day trend in place of greetings on Modi’s birthday? Youth angry with Narendra Modi

प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के 71वें जन्मदिन पर उन्हें बधाइयों का तांता लगा है। दूसरी ओर सोशल मीडिया पर बेरोजगारी दिवस भी ट्रेंड हो रहा है। भाजपा मोदी के जन्मदिन पर 14 से 20 सितंबर तक सेवा सप्ताह के तौर पर मना रही है। वहीं, कांग्रेस नेता राहुल गांधी समेत उनकी पार्टी के तमाम नेता इस दिन को बेरोजगारी दिवस के तौर पर मना रहे हैं। ट्विटर पर तो गुरुवार को #NationalUnemploymentDay #बेरोजगारी_दिवस #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस टॉप ट्रेंड्स बने रहे। ऐसे में सवाल उठता है कि सच्चाई क्या है? क्या वाकई में बेरोजगारी दर बढ़ रही है? क्या वाकई में युवा मोदी से नाराज हैं, जिसका फायदा उठाने की कोशिश कांग्रेस कर रही है? क्या वाकई में बेरोजगारी बढ़ रही है? लॉकडाउन की वजह से भारतीय अर्थव्यवस्था को बहुत नुकसान हुआ है। एनएसएसओ के आंकड़े कहते हैं कि अप्रैल-जून की तिमाही में जीडीपी की वृद्धि दर पहली बार -23.9% तक पहुंच गई है। निश्चित तौर पर इसका असर रोजगार पर भी दिख रहा है। सेंटर फॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी प्रा.लि. (सीएमआईई) के आंकड़े बताते हैं कि लॉकडाउन के दौरान शहरी बेरोजगारी दर अप्रैल और मई में 24% तक पहुंच गई थी। हालांकि, अब हालात में सुधार है। जुलाई में बेरोजगारी दर गिरकर जनवरी-फरवरी के स्तर पर यानी कोविड-19 के स्तर पर आ गई थी। हालांकि, अगस्त में मामूली बढ़ोतरी हुई है। सीएमआईई के मुताबिक 28 अगस्त से 7 सितंबर तक बेरोजगारी दर का 30 दिन का मूविंग एवरेज 8% से ऊपर रहा। लेकिन, उसके बाद उसमें गिरावट आ रही है। 16 सितंबर को यह एवरेज 7.30% के स्तर पर आ गया है। इसमें शहरी दर (8.92%) और ग्रामीण दर (6.55%) में भी गिरावट आ रही है। मोदी सरकार से युवाओं की नाराजगी की 4 वजहें यह हो सकती हैं कोविड के डर के बावजूद देनी पड़ी परीक्षा: कोविड-19 का डर था, इसके बाद भी छात्रों को इंजीनियरिंग और मेडिकल की एंट्रेंस एग्जाम्स -जेईई मेन्स और जेईई एडवांस, एनईईटी- के साथ-साथ फाइनल ईयर की परीक्षाओं में भाग लेना पड़ा। इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट में केंद्र सरकार ने जो कहा, उससे भी युवा मोदी सरकार से नाराज हैं। नौकरी गंवाने वालों में 35% 20-25 साल एज ग्रुप के: 20 से 25 साल एज ग्रुप के कर्मचारी कुल वर्कफोर्स का 9% है। दूसरी तिमाही में जिन लोगों को कोविड-19 की वजह से नौकरी गंवानी पड़ी, उनमें इनकी हिस्सेदारी सबसे ज्यादा 35% तक रही है। फॉर्मल सेक्टर में 11.5 लाख नौकरियां गईं: सीएमआईई डायरेक्टर महेश व्यास का कहना है कि भारत का डेमोक्रेटिक डिविडेंड ही उसके लिए परेशानी बन रहा है। कोविड-19 की वजह से फॉर्मल सेक्टर में 11.5 लाख लोगों की नौकरियां चली गई हैं। इनमें एक-तिहाई की उम्र 25 वर्ष से कम थी। कॉस्ट कटिंग में सबसे ऊपर युवा ही होते हैं: आर्थिक संकट के दौरान सबसे ज्यादा नुकसान उन्हें होता है, जिन्हें कम अनुभव होता है और कॉस्ट कटिंग में कंपनियां हमेशा ऐसे लोगों को ही सबसे पहले कम करती हैं। 25 वर्ष से कम उम्र के युवाओं की नौकरियां जाने की एक बड़ी वजह यह ही है। कुछ इस तरह से ट्विटर पर ट्रेंड हो रहा है बेरोजगारी दिवस #NationalUnemploymentDay#राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस Our Govt get a solution to control over increasing populaton and the solution is “Don’t give the employment to people, and watch them dying due to starving and suicide” Thanks dear @narendramodi pic.twitter.com/ubyCbFS7Dx — Rajneesh Rajput (@rajneeshrajput7) September 17, 2020 #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस#NationlUnemploymentDay #NationalUnemploymentDay @narendramodi you doesn’t talk about employment, small enterprises and also education. You are the PM of India we don’t need @mannkibaat we need you to fulfill that duty for which we choose you. pic.twitter.com/cGKSzdF01w — Rajat Kumar Jha (@rajat_raman_jha) September 17, 2020 #NationlUnemploymentDay#राष्ट्रीय_बेरोजगार_दिवस#NationalUnemploymentDay Unemployment is more dangerous than COVID19 pandemic. Employment is the right for youngsters. They will fight for their right. Stop जुमेलाबाजी Give रोज़गार pic.twitter.com/dwfVzmzR1M — ManMohan CheChi (@ChechiManmohan) September 17, 2020 इसलिए समय के सैलाबों को मत रोको बेचैन हवाओं में न खिड़कियाँ बंद करो, हर किरन ज़िंदगी के आँगन तक आने दो नवनिर्माणों की गति को अब स्वच्छंद करो🙏 यदि बाँध बांधने से पहले जल सूख गया धरती की छाती में दरार पड़ जाएँगीं😢🇮🇳#राष्ट्रीय_रोजगार_दिवस#बेरोजगार_दिवस #राष्ट्रीय_बेरोजगारी_दिवस — Dr Kumar Vishvas (@DrKumarVishwas) September 17, 2020आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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