रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, एनएसए अजित डोवाल समेत सेना के अफसरों के बीच डेढ़ घंटे चली मीटिंग, पूर्वी लद्दाख के हालात का रिव्यू किया गयाDainik Bhaskar


सरकार ने पूर्वी लद्दाख के हालात को लेकर शुक्रवार को विस्तार से रिव्यू किया। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में चीनी सेना के आक्रामक रवैये और ताजा उकसावे की कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए भारत की ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मीटिंग करीब डेढ़ घंटे चली।

इस दौरान हाई-पावर चीन स्टडी ग्रुप, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोवाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। मीटिंग में अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सेक्टर समेत लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर सतर्कता बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई।

आर्मी चीफ ने मीटिंग में दी जानकारी
सूत्रों के मुताबिक, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने मीटिंग को पैंगॉन्ग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर भारत और चीन सैनिकों के ताजा फेस-ऑफ के बारे में बताया। उन्होंनें हालातों से निपटने के लिए भारतीय सेना द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी ब्रीफ किया। सूत्रों के मुताबिक, चीन स्टडी ग्रुप की मीटिंग में हालात के सभी पहलुओं का रिव्यू किया गया।

मीटिंग में पूर्वी लद्दाख और अन्य संवेदनशील इलाकों में भीषण सर्दियों में भी सैनिकों और हथियारों के वर्तमान स्तर को बनाए रखने के लिए किया जा रहे प्रबंधों पर भी चर्चा की गई।

कॉर्प्स कमांडर लेवल की मीटिंग अगले हफ्ते संभव
सूत्रों के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से कॉर्प्स कमांडर लेवल की अगले राउंड की मीटिंग को लेकर कोई जवाब नहीं दिया गया है। मीटिंग अगले हफ्ते होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख के तनाव वाले इलाकों के साथ-साथ पैंगॉन्ग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं।

अब तक 5 राउंड की मीटिंग्स हो चुकीं
भारत-चीन के आर्मी अफसरों के बीच पहले 5 राउंड की मीटिंग्स का कोई अहम नतीजा नहीं निकला। पूर्वी लद्दाख के फिंगर-4 इलाके से चीन पीछे नहीं हटा है, बल्कि उसने सैनिकों की संख्या और बढ़ा दी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक भूटान में चीन के बिल्डअप को लेकर सरकार ने कुछ दिन पहले भी चर्चा की थी।

चीन बार-बार घुसपैठ की कोशिश कर रहा
भारत-चीन के बीच अप्रैल-मई से ही तनाव बना हुआ है। चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी से लेकर फिंगर एरिया और पैंगॉन्ग झील इलाके में कई बार घुसपैठ की कोशिश कर चुके हैं। 15 जून को गलवान में भारत-चीन की झड़प भी हुई थी। 29-30 अगस्त की रात चीन ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी।

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लेह में उड़ान भरते एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट की फोटो मंगलवार की है। चीन से तनाव को देखते हुए लद्दाख में सेना का मूवमेंट बढ़ गया है।

सरकार ने पूर्वी लद्दाख के हालात को लेकर शुक्रवार को विस्तार से रिव्यू किया। सरकार के सूत्रों के मुताबिक, मीटिंग में चीनी सेना के आक्रामक रवैये और ताजा उकसावे की कार्रवाई को ध्यान में रखते हुए भारत की ऑपरेशनल तैयारियों की भी समीक्षा की गई। मीटिंग करीब डेढ़ घंटे चली। इस दौरान हाई-पावर चीन स्टडी ग्रुप, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर अजित डोवाल, चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ जनरल बिपिन रावत और तीनों सेनाओं के प्रमुख मौजूद थे। मीटिंग में अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम सेक्टर समेत लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (एलएसी) पर सतर्कता बढ़ाने को लेकर चर्चा हुई। आर्मी चीफ ने मीटिंग में दी जानकारी सूत्रों के मुताबिक, आर्मी चीफ जनरल एमएम नरवणे ने मीटिंग को पैंगॉन्ग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारे पर भारत और चीन सैनिकों के ताजा फेस-ऑफ के बारे में बताया। उन्होंनें हालातों से निपटने के लिए भारतीय सेना द्वारा उठाए गए कदमों के बारे में भी ब्रीफ किया। सूत्रों के मुताबिक, चीन स्टडी ग्रुप की मीटिंग में हालात के सभी पहलुओं का रिव्यू किया गया। मीटिंग में पूर्वी लद्दाख और अन्य संवेदनशील इलाकों में भीषण सर्दियों में भी सैनिकों और हथियारों के वर्तमान स्तर को बनाए रखने के लिए किया जा रहे प्रबंधों पर भी चर्चा की गई। कॉर्प्स कमांडर लेवल की मीटिंग अगले हफ्ते संभव सूत्रों के मुताबिक, चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) की तरफ से कॉर्प्स कमांडर लेवल की अगले राउंड की मीटिंग को लेकर कोई जवाब नहीं दिया गया है। मीटिंग अगले हफ्ते होने की उम्मीद है। सूत्रों के मुताबिक, पूर्वी लद्दाख के तनाव वाले इलाकों के साथ-साथ पैंगॉन्ग झील के उत्तरी और दक्षिणी किनारों पर हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। अब तक 5 राउंड की मीटिंग्स हो चुकीं भारत-चीन के आर्मी अफसरों के बीच पहले 5 राउंड की मीटिंग्स का कोई अहम नतीजा नहीं निकला। पूर्वी लद्दाख के फिंगर-4 इलाके से चीन पीछे नहीं हटा है, बल्कि उसने सैनिकों की संख्या और बढ़ा दी है। न्यूज एजेंसी के मुताबिक भूटान में चीन के बिल्डअप को लेकर सरकार ने कुछ दिन पहले भी चर्चा की थी। चीन बार-बार घुसपैठ की कोशिश कर रहा भारत-चीन के बीच अप्रैल-मई से ही तनाव बना हुआ है। चीन के सैनिक पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी से लेकर फिंगर एरिया और पैंगॉन्ग झील इलाके में कई बार घुसपैठ की कोशिश कर चुके हैं। 15 जून को गलवान में भारत-चीन की झड़प भी हुई थी। 29-30 अगस्त की रात चीन ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जा करने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों ने नाकाम कर दी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

लेह में उड़ान भरते एयरफोर्स के एयरक्राफ्ट की फोटो मंगलवार की है। चीन से तनाव को देखते हुए लद्दाख में सेना का मूवमेंट बढ़ गया है।Read More

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