​​​​​​​पैंगॉन्ग के उत्तर में दोनों देशों के सैनिक कुछ सौ मीटर की दूरी पर, यहां वॉर्निंग शॉट्स फायर हुए थे; दक्षिण की 3 लोकेशन पर ये दूरी कुछ मीटरDainik Bhaskar


पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के 4 इलाकों में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। झील के उत्तरी इलाके में एक लोकेशन पर ये दूरी राइफल रेंज यानी कुछ सौ मीटर की है। वहीं, दक्षिणी इलाके में ये दूरी कुछ मीटर की है। इससे पहले रूस में भारत और चीन के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री तनाव कम करने के लिए बातचीत कर चुके हैं। इसके बावजूद बॉर्डर पर टेंशन बरकरार है।

न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि एक इलाके में सैनिकों की आमने-सामने तैनाती तब हुई थी, जब मिलिट्री लेवल की बातचीत में डिस-इंगेजमेंट की सहमति बनी थी। अब एक और इलाके में यही स्थिति तब बनी है, जब चीन को अगली मिलिट्री लेवल की बातचीत की तारीख के बारे में बताना है।

इन इलाकों में आमने-सामने हैं दोनों ओर के सैनिक
सूत्रों के मुताबिक, पैंगॉन्ग के दक्षिणी इलाके में 3 लोकेशन और उत्तरी इलाके में एक लोकेशन पर भारत-चीन के सैनिक आमने सामने हैं। उत्तरी इलाके में फिंगर 4 से फिंगर 3 एरिया के बीच दोनों सैनिक तैनात हैं और यहां दोनों ही ओर से एक-दूसरे पर वॉर्निंग शॉट्स फायर किए जा चुके हैं। दक्षिण में स्पैन्गुर, मुखपारी और रेजांग ला में दोनों ओर के सैनिक कुछ ही मीटर की दूरी पर हैं।

इन इलाकों में उकसावे की पहल चीन ने की थी, इसके बाद भारत ने इन इलाकों में अपने सैनिक तैनात किए हैं। फिंगर 3 से फिंगर 4 के बीच इसी महीने की शुरुआत में 200 वॉर्निंग शॉट्स फायर किए गए थे।

सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव के लिए सेना तैयार
इसी बीच, सेना ने सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय सेना वहां बोफोर्स होवित्जर तोपें तैनात करने की तैयारी में है। उधर, फॉरवर्ड लोकेशन पर साजो-सामान की सप्लाई के लिए वायुसेना ने सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17 ग्लोबमास्टर और आईएल-76 ल्यूशिन को तैनात किया है। चिनूक हेलिकॉप्टर भी इस काम में लगा है।

भारत-चीन सीमा पर पिछले 20 दिन में 3 बार गोलियां चलीं
लद्दाख में भारत-चीन के बीच मई से तनाव बना हुआ है। 15 जून को गलवान में दोनों देशों की झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए, लेकिन उसने कबूला नहीं। ताजा विवाद 29-30 अगस्त की रात से शुरू हुआ, जब चीन ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों नाकाम कर दी। बीते 20 दिन में दोनों तरफ से 3 बार हवा में गोलियां चल चुकी हैं।

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पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के चार इलाकों में दोनों देशों के सैनिक आमने-सामने हैं। दोनों देशों के बीच पिछले 4 महीनों से तनाव जारी है। (फाइल फोटो)

पूर्वी लद्दाख में पैंगॉन्ग झील के 4 इलाकों में भारत और चीन के सैनिक आमने-सामने हैं। झील के उत्तरी इलाके में एक लोकेशन पर ये दूरी राइफल रेंज यानी कुछ सौ मीटर की है। वहीं, दक्षिणी इलाके में ये दूरी कुछ मीटर की है। इससे पहले रूस में भारत और चीन के रक्षा मंत्री और विदेश मंत्री तनाव कम करने के लिए बातचीत कर चुके हैं। इसके बावजूद बॉर्डर पर टेंशन बरकरार है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस ने एक वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से बताया है कि एक इलाके में सैनिकों की आमने-सामने तैनाती तब हुई थी, जब मिलिट्री लेवल की बातचीत में डिस-इंगेजमेंट की सहमति बनी थी। अब एक और इलाके में यही स्थिति तब बनी है, जब चीन को अगली मिलिट्री लेवल की बातचीत की तारीख के बारे में बताना है। इन इलाकों में आमने-सामने हैं दोनों ओर के सैनिक सूत्रों के मुताबिक, पैंगॉन्ग के दक्षिणी इलाके में 3 लोकेशन और उत्तरी इलाके में एक लोकेशन पर भारत-चीन के सैनिक आमने सामने हैं। उत्तरी इलाके में फिंगर 4 से फिंगर 3 एरिया के बीच दोनों सैनिक तैनात हैं और यहां दोनों ही ओर से एक-दूसरे पर वॉर्निंग शॉट्स फायर किए जा चुके हैं। दक्षिण में स्पैन्गुर, मुखपारी और रेजांग ला में दोनों ओर के सैनिक कुछ ही मीटर की दूरी पर हैं। इन इलाकों में उकसावे की पहल चीन ने की थी, इसके बाद भारत ने इन इलाकों में अपने सैनिक तैनात किए हैं। फिंगर 3 से फिंगर 4 के बीच इसी महीने की शुरुआत में 200 वॉर्निंग शॉट्स फायर किए गए थे। सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव के लिए सेना तैयार इसी बीच, सेना ने सर्दियों के सीजन में लंबे टकराव की तैयारी शुरू कर दी है। भारतीय सेना वहां बोफोर्स होवित्जर तोपें तैनात करने की तैयारी में है। उधर, फॉरवर्ड लोकेशन पर साजो-सामान की सप्लाई के लिए वायुसेना ने सबसे बड़े ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी-17 ग्लोबमास्टर और आईएल-76 ल्यूशिन को तैनात किया है। चिनूक हेलिकॉप्टर भी इस काम में लगा है। भारत-चीन सीमा पर पिछले 20 दिन में 3 बार गोलियां चलीं लद्दाख में भारत-चीन के बीच मई से तनाव बना हुआ है। 15 जून को गलवान में दोनों देशों की झड़प में भारत के 20 जवान शहीद हो गए थे। चीन के 40 से ज्यादा सैनिक मारे गए, लेकिन उसने कबूला नहीं। ताजा विवाद 29-30 अगस्त की रात से शुरू हुआ, जब चीन ने पैंगॉन्ग झील के दक्षिणी छोर की पहाड़ी पर कब्जे की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय जवानों नाकाम कर दी। बीते 20 दिन में दोनों तरफ से 3 बार हवा में गोलियां चल चुकी हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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