प्रधानमंत्री मोदी ने आज 7 राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की, कहा- देश में करीब 700 जिले हैं, लेकिन 7 राज्यों के 60 जिले ही चिंता की वजह हैंDainik Bhaskar


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इनमें महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब शामिल हैं। मोदी ने कहा- देश में करीब 700 जिले हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 7 राज्यों के 60 जिले ही चिंता की वजह हैं। मैं इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सलाह देता हूं कि वे 7 दिन तक जिला और ब्लॉक स्तर पर लोगों से वर्चुअल कॉन्फ्रेंस करें।

उन्होंने कहा कि जिन राज्यों ने संक्रमण रोकने में बेहतर काम किया है, हमें उनसे सीखना है। असरकारी ढंग से लोगों तक संदेश पहुंचाना भी जरूरी है, क्योंकि ज्यादातर संक्रमण के मामले बिना लक्षण वाले हैं। ऐसी स्थिति में अफवाह फैल सकती हैं। लोगों के मन में यह संदेह पैदा हो सकता है कि टेस्टिंग करवाना बुरा है। कुछ लोग इस संक्रमण से होने वाले खतरे को कम आंकने की भूल भी कर सकते हैं।

मोदी बोले कि भारत ने महामारी के इस कठिन समय यह सुनिश्चित किया है कि दुनिया भर में जीवन बचाने वाली दवाएं पहुंच सके। हमें एक राज्य से दूसरे राज्य में आसानी से दवाएं पहुंचाने के लिए साथ मिलकर काम करना होगा।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ आठवीं बार बैठक की

देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से प्रधानमंत्री की यह अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आठवीं बैठक थी। इस दौरान कोरोना के हालात पर चर्चा हुई। यह मीटिंग अनलॉक-4 के खत्म होने के 7 दिन पहले की गई। देश में बुधवार तक कोरोना के 56 लाख से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। वहीं, 90 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

देश के 63% मरीज इन 7 राज्यों में हैं

राज्य केस मौतें
महाराष्ट्र 12.42 लाख 33,407
आंध्रप्रदेश 6.39 लाख 5,461
कर्नाटक 5.33 लाख 8,228
तमिलनाडु 5.52 लाख 8,947
दिल्ली 2.43 लाख 5,051
पंजाब 1.01 लाख 2,926

पिछली 7 मीटिंग कब-कब हुईं, तब क्या स्थिति थी?

मीटिंग की तारीख क्या चर्चा हुई कोरोना के केस कोरोना से मौतें
20 मार्च मोदी ने सोशल डिस्टेंसिंग और 22 मार्च के जनता कर्फ्यू पर फोकस किया। 249 5
2 अप्रैल 9 मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा हुई। मोदी ने कहा- लॉकडाउन के बाद धीरे-धीरे छूट देना ही बेहतर होगा। 2,543 72
11 अप्रैल लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने पर सहमति बनी। मीटिंग में शामिल 10 मुख्यमंत्रियों ने समर्थन किया। 8,446 288
27 अप्रैल हॉटस्पॉट के बाहर 4 मई को लॉकडाउन खोलने पर सहमति बनी। पांच राज्य 3 मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने के फेवर में थे। 29,451 939
11 मई मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा- 15 मई तक बताएं कि अपने राज्य में कैसा लॉकडाउन चाहते हैं। 70,768 2,294
16-17 जून प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव के तरीकों, लॉकडाउन के असर, अनलॉक-1, इकोनॉमी और रिफॉर्म्स की बात की। 3,67,263 12,262
18 अगस्त मोदी ने कहा कि 72 घंटे के फॉर्मूले पर बात की। उन्होंने कहा कि 72 घंटे में संक्रमित व्यक्ति के आस-पास वालों की भी टेस्टिंग हो जानी चाहिए। 2766627 53015

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प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले अगस्त में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब, तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से बात की थी। – फाइल फोटो

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को सात राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक की। इनमें महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु, दिल्ली और पंजाब शामिल हैं। मोदी ने कहा- देश में करीब 700 जिले हैं, लेकिन इनमें से सिर्फ 7 राज्यों के 60 जिले ही चिंता की वजह हैं। मैं इन राज्यों के मुख्यमंत्रियों को सलाह देता हूं कि वे 7 दिन तक जिला और ब्लॉक स्तर पर लोगों से वर्चुअल कॉन्फ्रेंस करें। उन्होंने कहा कि जिन राज्यों ने संक्रमण रोकने में बेहतर काम किया है, हमें उनसे सीखना है। असरकारी ढंग से लोगों तक संदेश पहुंचाना भी जरूरी है, क्योंकि ज्यादातर संक्रमण के मामले बिना लक्षण वाले हैं। ऐसी स्थिति में अफवाह फैल सकती हैं। लोगों के मन में यह संदेह पैदा हो सकता है कि टेस्टिंग करवाना बुरा है। कुछ लोग इस संक्रमण से होने वाले खतरे को कम आंकने की भूल भी कर सकते हैं। मोदी बोले कि भारत ने महामारी के इस कठिन समय यह सुनिश्चित किया है कि दुनिया भर में जीवन बचाने वाली दवाएं पहुंच सके। हमें एक राज्य से दूसरे राज्य में आसानी से दवाएं पहुंचाने के लिए साथ मिलकर काम करना होगा। प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों के साथ आठवीं बार बैठक की देश में 25 मार्च को लॉकडाउन लगने के बाद से प्रधानमंत्री की यह अलग-अलग राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ आठवीं बैठक थी। इस दौरान कोरोना के हालात पर चर्चा हुई। यह मीटिंग अनलॉक-4 के खत्म होने के 7 दिन पहले की गई। देश में बुधवार तक कोरोना के 56 लाख से ज्यादा केस सामने आ चुके हैं। वहीं, 90 हजार से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। देश के 63% मरीज इन 7 राज्यों में हैं राज्य केस मौतें महाराष्ट्र 12.42 लाख 33,407 आंध्रप्रदेश 6.39 लाख 5,461 कर्नाटक 5.33 लाख 8,228 तमिलनाडु 5.52 लाख 8,947 दिल्ली 2.43 लाख 5,051 पंजाब 1.01 लाख 2,926 पिछली 7 मीटिंग कब-कब हुईं, तब क्या स्थिति थी? मीटिंग की तारीख क्या चर्चा हुई कोरोना के केस कोरोना से मौतें 20 मार्च मोदी ने सोशल डिस्टेंसिंग और 22 मार्च के जनता कर्फ्यू पर फोकस किया। 249 5 2 अप्रैल 9 मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा हुई। मोदी ने कहा- लॉकडाउन के बाद धीरे-धीरे छूट देना ही बेहतर होगा। 2,543 72 11 अप्रैल लॉकडाउन 30 अप्रैल तक बढ़ाने पर सहमति बनी। मीटिंग में शामिल 10 मुख्यमंत्रियों ने समर्थन किया। 8,446 288 27 अप्रैल हॉटस्पॉट के बाहर 4 मई को लॉकडाउन खोलने पर सहमति बनी। पांच राज्य 3 मई के बाद भी लॉकडाउन बढ़ाने के फेवर में थे। 29,451 939 11 मई मोदी ने मुख्यमंत्रियों से कहा- 15 मई तक बताएं कि अपने राज्य में कैसा लॉकडाउन चाहते हैं। 70,768 2,294 16-17 जून प्रधानमंत्री ने कोरोना से बचाव के तरीकों, लॉकडाउन के असर, अनलॉक-1, इकोनॉमी और रिफॉर्म्स की बात की। 3,67,263 12,262 18 अगस्त मोदी ने कहा कि 72 घंटे के फॉर्मूले पर बात की। उन्होंने कहा कि 72 घंटे में संक्रमित व्यक्ति के आस-पास वालों की भी टेस्टिंग हो जानी चाहिए। 2766627 53015 आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

प्रधानमंत्री मोदी ने इससे पहले अगस्त में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, बिहार, गुजरात, पंजाब, तमिलनाडु और कर्नाटक के मुख्यमंत्रियों से बात की थी। – फाइल फोटोRead More

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