देश में अगले कुछ महीनों में मिल सकती है तीन कोरोना वैक्सीन, इन्हें स्टोर करने के लिए सभी जिले में कोल्ड स्टोरेज तलाश रही सरकारDainik Bhaskar


देश को कोरोना वैक्सीन अगले कुछ महीनों में मिल जाने की उम्मीद है। सरकार ने देश भर में इसे जल्द पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे स्टोर करने के लिए अलग-अलग जगहों पर कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की तलाश की जा रही है। एक नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। यह ग्रुप फार्मास्यूटिकल सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, एग्रो बिजनेस के साथ स्वीगी और जोमैटो जैसे स्टार्ट अप से बातचीत कर ऐसी सुविधाओं की पहचान कर रहा है।

सूत्रों के मुताबिक, वैक्सीन स्टोर करने के सभी राज्यों में जिला स्तर पर स्टोरेज और बड़े फ्रीज वाली सुविधाएं ढूंंढी जा रही हैं। ऐसे कोल्ड स्टोरेज की पहचान की जा रही है जहां का तापमान जीरो से माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक बनाए रखा जा सके। वैक्सीन 2 से 8 डिग्री सेल्सियस से के तापमान पर स्टोर की जा सकेंगी।

छह महीने में देश के 18% लोगों को लगाया जाएगा टीका

सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर वैक्सीन कैंडिडेट लिक्विड फॉर्म में होंगी। इनमें से कुछ फ्रीज-ड्राइड भी हो सकती हैं। इंजेक्शन के जरिए इनके दो डोज दिए जाएंगे। कुछ के वैक्सीन के इससे ज्यादा डोज देने की भी जरूरत हो सकती है। इसके मल्टी डोज वायल सभी जगहों पर पहुंचाए जाएंगे। सभी वैक्सीन को रखने के लिए कितनी कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की जरूरत होगी, इसका भी अनुमान लगा लिया गया है। अगले छह महीनों में देश की 18% आबादी को वैक्सीन लगाने की योजना है।

वैक्सीन लाने जे जाने के लिए रेफ्रिजेरेटेड वैन का इस्तेमाल होगा

सरकार वैक्सीन को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने के लिए रेफ्रिजेरेटेड वैन का इस्तेमाल करने के बारे में भी सोच रही है। इनकी संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। ऐसी सरकारी वैन के अलावा प्राइवेट सेक्टर के पास मौजूद वैन को भी जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है। बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन चलाने के लिए वैक्सीन को एक जगह से दूसरे जगह सुरक्षित पहुंचाना ही सबसे बड़ी चुनौती है।

कई राज्यों में कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं बढ़ानी होंगी
वैक्सीन को स्टोर करने के लिहाज से फिलहाल कई राज्यों में कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएं कम हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसे राज्यों में इन सुविधाओं को बढ़ाने का फैसला किया है। जिन राज्यों में इसके लिए काम किया जाएगा उनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल, तेलंगाना, दिल्ली, असम, झारखंड और ओडिशा शामिल हैं।

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पुणे के सेरम इंस्टीट्यूट में वैक्सीन तैयार करने में जुटा रिसर्चर। सेरम इंस्टीट्यूट स्वदेशी वैक्सीन के साथ कुछ विदेशी वैक्सीन तैयार करने में भी साथ मिलकर काम कर रहा है।- फाइल फोटो

देश को कोरोना वैक्सीन अगले कुछ महीनों में मिल जाने की उम्मीद है। सरकार ने देश भर में इसे जल्द पहुंचाने की तैयारी शुरू कर दी है। इसे स्टोर करने के लिए अलग-अलग जगहों पर कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की तलाश की जा रही है। एक नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप को इसकी जिम्मेदारी दी गई है। यह ग्रुप फार्मास्यूटिकल सेक्टर, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री, एग्रो बिजनेस के साथ स्वीगी और जोमैटो जैसे स्टार्ट अप से बातचीत कर ऐसी सुविधाओं की पहचान कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, वैक्सीन स्टोर करने के सभी राज्यों में जिला स्तर पर स्टोरेज और बड़े फ्रीज वाली सुविधाएं ढूंंढी जा रही हैं। ऐसे कोल्ड स्टोरेज की पहचान की जा रही है जहां का तापमान जीरो से माइनस 80 डिग्री सेल्सियस तक बनाए रखा जा सके। वैक्सीन 2 से 8 डिग्री सेल्सियस से के तापमान पर स्टोर की जा सकेंगी। छह महीने में देश के 18% लोगों को लगाया जाएगा टीका सूत्रों के मुताबिक, ज्यादातर वैक्सीन कैंडिडेट लिक्विड फॉर्म में होंगी। इनमें से कुछ फ्रीज-ड्राइड भी हो सकती हैं। इंजेक्शन के जरिए इनके दो डोज दिए जाएंगे। कुछ के वैक्सीन के इससे ज्यादा डोज देने की भी जरूरत हो सकती है। इसके मल्टी डोज वायल सभी जगहों पर पहुंचाए जाएंगे। सभी वैक्सीन को रखने के लिए कितनी कोल्ड स्टोरेज सुविधाओं की जरूरत होगी, इसका भी अनुमान लगा लिया गया है। अगले छह महीनों में देश की 18% आबादी को वैक्सीन लगाने की योजना है। वैक्सीन लाने जे जाने के लिए रेफ्रिजेरेटेड वैन का इस्तेमाल होगा सरकार वैक्सीन को एक जगह से दूसरे जगह पहुंचाने के लिए रेफ्रिजेरेटेड वैन का इस्तेमाल करने के बारे में भी सोच रही है। इनकी संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। ऐसी सरकारी वैन के अलावा प्राइवेट सेक्टर के पास मौजूद वैन को भी जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सकता है। बड़े पैमाने पर वैक्सीनेशन चलाने के लिए वैक्सीन को एक जगह से दूसरे जगह सुरक्षित पहुंचाना ही सबसे बड़ी चुनौती है। कई राज्यों में कोल्ड स्टोरेज सुविधाएं बढ़ानी होंगी वैक्सीन को स्टोर करने के लिहाज से फिलहाल कई राज्यों में कोल्ड स्टोरेज की सुविधाएं कम हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ऐसे राज्यों में इन सुविधाओं को बढ़ाने का फैसला किया है। जिन राज्यों में इसके लिए काम किया जाएगा उनमें उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, आंध्रप्रदेश, कर्नाटक, गुजरात, केरल, तेलंगाना, दिल्ली, असम, झारखंड और ओडिशा शामिल हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

पुणे के सेरम इंस्टीट्यूट में वैक्सीन तैयार करने में जुटा रिसर्चर। सेरम इंस्टीट्यूट स्वदेशी वैक्सीन के साथ कुछ विदेशी वैक्सीन तैयार करने में भी साथ मिलकर काम कर रहा है।- फाइल फोटोRead More

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