धार्मिक स्कूल आतंकी संगठनों के लिए भर्ती का जरिया बना; 13 छात्र आतंकवादी बने, इनमें पुलवामा हमले में शामिल सज्जाद भीDainik Bhaskar


साउथ कश्मीर के शोपियां जिले का एक धार्मिक स्कूल सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है। ये स्कूल आतंकी संगठनों में भर्ती का जरिया बन चुका है। खुफिया एजेंसियों ने ऐसे 13 छात्रों और पूर्व छात्रों के किसी न किसी आतंकी ग्रुप में शामिल होने का पता लगाया है। इन स्टूडेंट्स में आतंकवादी सज्जाद भट का नाम भी है। वह पिछले साल फरवरी में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में शामिल था।

पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, इस स्कूल में पढ़ने वाले दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों के ज्यादातर छात्रों और पूर्व छात्रों को आतंकी संगठन अपने खेमे में शामिल करते हैं। उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना के कई छात्रों ने भी इस स्कूल में एडमिशन लिया था, लेकिन पिछले साल आर्टिकल 370 खत्म होने बाद ऐसे छात्रों की संख्या जीरो हो गई।

13 छात्रों की लिस्ट में ज्यादातर शोपियां और पुलवामा के
सूत्रों के मुताबिक, आतंकी सज्जाद भट का नाम आने के बाद इस मामले में जांच शुरू हुई। ऐसे 13 छात्रों या पूर्व छात्रों का इस लिस्ट में नाम है। सैकड़ों ऐसे ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यूएस) हैं, जो इस संस्थान के छात्र या पूर्व छात्र हैं। ये तमाम आतंकी संगठनों की मदद करते हैं।

हाल ही में, बारामूला का एक युवक छुट्टियों के बाद अपने घर से स्कूल लौटते समय लापता हो गया था। बाद में पता चला कि वह आतंकवादी ग्रुपों में शामिल हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन 13 आतंकवादियों में से ज्यादातर शोपियां और पुलवामा के रहने वाले हैं।

ये बड़े आतंकी भी इसी स्कूल से
इस साल अगस्त में प्रतिबंधित किए गए अल-बद्र आतंकी संगठन का तथाकथित कमांडर जुबैर नेंग्रू भी इसी स्कूल से था। इसके अलावा हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी नाजिम नजीर डार और ऐजाज अहमद पॉल भी शामिल हैं, जिन्हें शोपियां में 4 अगस्त को एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था।

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खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, धार्मिक स्कूल आतंकी संगठनों में रिक्रूटमेंट के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बन गए हैं। (फाइल फोटो)

साउथ कश्मीर के शोपियां जिले का एक धार्मिक स्कूल सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया है। ये स्कूल आतंकी संगठनों में भर्ती का जरिया बन चुका है। खुफिया एजेंसियों ने ऐसे 13 छात्रों और पूर्व छात्रों के किसी न किसी आतंकी ग्रुप में शामिल होने का पता लगाया है। इन स्टूडेंट्स में आतंकवादी सज्जाद भट का नाम भी है। वह पिछले साल फरवरी में पुलवामा में सीआरपीएफ के काफिले पर हुए हमले में शामिल था। पुलवामा हमले में सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। अधिकारियों के मुताबिक, इस स्कूल में पढ़ने वाले दक्षिण कश्मीर के कुलगाम, पुलवामा और अनंतनाग जिलों के ज्यादातर छात्रों और पूर्व छात्रों को आतंकी संगठन अपने खेमे में शामिल करते हैं। उत्तर प्रदेश, केरल और तेलंगाना के कई छात्रों ने भी इस स्कूल में एडमिशन लिया था, लेकिन पिछले साल आर्टिकल 370 खत्म होने बाद ऐसे छात्रों की संख्या जीरो हो गई। 13 छात्रों की लिस्ट में ज्यादातर शोपियां और पुलवामा के सूत्रों के मुताबिक, आतंकी सज्जाद भट का नाम आने के बाद इस मामले में जांच शुरू हुई। ऐसे 13 छात्रों या पूर्व छात्रों का इस लिस्ट में नाम है। सैकड़ों ऐसे ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यूएस) हैं, जो इस संस्थान के छात्र या पूर्व छात्र हैं। ये तमाम आतंकी संगठनों की मदद करते हैं। हाल ही में, बारामूला का एक युवक छुट्टियों के बाद अपने घर से स्कूल लौटते समय लापता हो गया था। बाद में पता चला कि वह आतंकवादी ग्रुपों में शामिल हो गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन 13 आतंकवादियों में से ज्यादातर शोपियां और पुलवामा के रहने वाले हैं। ये बड़े आतंकी भी इसी स्कूल से इस साल अगस्त में प्रतिबंधित किए गए अल-बद्र आतंकी संगठन का तथाकथित कमांडर जुबैर नेंग्रू भी इसी स्कूल से था। इसके अलावा हिजबुल मुजाहिदीन का आतंकी नाजिम नजीर डार और ऐजाज अहमद पॉल भी शामिल हैं, जिन्हें शोपियां में 4 अगस्त को एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने मार गिराया था। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक, धार्मिक स्कूल आतंकी संगठनों में रिक्रूटमेंट के लिए ब्रीडिंग ग्राउंड बन गए हैं। (फाइल फोटो)Read More

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