मोदी ने लॉन्च की स्वामित्व योजना; गांव में जमीनों के मालिकों को दिए जाएंगे प्रॉपर्टी कार्ड, इसके आधार पर लोन भी मिल सकेगाDainik Bhaskar


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इसके तहत ग्रामीण भारत में जमीनों के मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड बांटे जाएंगे। इस योजना का फायदा ये है कि ग्रामीण अपनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल लोन और दूसरे आर्थिक फायदे उठाने में कर सकेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से ग्रामीणों के बीच जमीनों के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद खत्म हो जाएंगे। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह योजना लॉन्च की और इसे ग्रामीण भारत की सूरत बदलने के लिए ऐतिहासिक कदम बताया।

लॉन्च पर 763 ग्रामीणों को मिला फायदा

इस मौके पर मोदी ने स्वामित्व यानी सर्वे ऑफ विलेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाइस्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरिया का फायदा उठाने वाले कुछ लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश के आत्मनिर्भर होने दिशा में ये बड़ा कदम है। योजना की लॉन्चिंग का फायदा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के 763 ग्रामीणों को दिया गया।

मोदी ने योजना के क्या फायदे बताए?

  • मोदी ने कहा- दुनियाभर में विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि संपत्ति का मालिकाना हक देश के विकास में अहम रोल निभाता है। दुनियाभर में केवल एक तिहाई लोगों ऐसे हैं, जिनके पास अपनी प्रॉपर्टी का लीगल रिकॉर्ड है।
  • उन्होंने कहा कि गांवों में रहने वाले लोग अब अपनी प्रॉपर्टी के आधार पर लोन उठा सकते हैं और उस पैसे से अपना खुद का काम शुरू कर सकते हैं। भारत जैसे विकासशील देश के लिए स्पष्ट मालिकाना हक होना जरूरी है।
  • अगले तीन-चार साल तक सरकार हर घर को ऐसे ही प्रॉपर्टी कार्ड देगी। लॉन्च के दौरान ही एक लाख लोगों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा गया है, जिस पर एक लिंक के जरिए लोग अपना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद राज्य सरकारें फिजिकली ये कार्ड बांटेंगी।
  • इस योजना के जरिए म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरह ही गांवों में भी ग्राम पंचायतों का कामकाज सिस्टेमेटिक हो जाएगा।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से ग्रामीणों के बीच जमीनों के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद खत्म हो जाएंगे।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को स्वामित्व योजना की शुरुआत की। इसके तहत ग्रामीण भारत में जमीनों के मालिकों को प्रॉपर्टी कार्ड बांटे जाएंगे। इस योजना का फायदा ये है कि ग्रामीण अपनी प्रॉपर्टी का इस्तेमाल लोन और दूसरे आर्थिक फायदे उठाने में कर सकेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से ग्रामीणों के बीच जमीनों के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद खत्म हो जाएंगे। मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए यह योजना लॉन्च की और इसे ग्रामीण भारत की सूरत बदलने के लिए ऐतिहासिक कदम बताया। लॉन्च पर 763 ग्रामीणों को मिला फायदा इस मौके पर मोदी ने स्वामित्व यानी सर्वे ऑफ विलेज एंड मैपिंग विद इंप्रोवाइस्ड टेक्नोलॉजी इन विलेज एरिया का फायदा उठाने वाले कुछ लोगों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि देश के आत्मनिर्भर होने दिशा में ये बड़ा कदम है। योजना की लॉन्चिंग का फायदा उत्तर प्रदेश, हरियाणा, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक के 763 ग्रामीणों को दिया गया। मोदी ने योजना के क्या फायदे बताए? मोदी ने कहा- दुनियाभर में विशेषज्ञ इस बात पर जोर दे रहे हैं कि संपत्ति का मालिकाना हक देश के विकास में अहम रोल निभाता है। दुनियाभर में केवल एक तिहाई लोगों ऐसे हैं, जिनके पास अपनी प्रॉपर्टी का लीगल रिकॉर्ड है।उन्होंने कहा कि गांवों में रहने वाले लोग अब अपनी प्रॉपर्टी के आधार पर लोन उठा सकते हैं और उस पैसे से अपना खुद का काम शुरू कर सकते हैं। भारत जैसे विकासशील देश के लिए स्पष्ट मालिकाना हक होना जरूरी है।अगले तीन-चार साल तक सरकार हर घर को ऐसे ही प्रॉपर्टी कार्ड देगी। लॉन्च के दौरान ही एक लाख लोगों को मोबाइल पर एसएमएस भेजा गया है, जिस पर एक लिंक के जरिए लोग अपना प्रॉपर्टी कार्ड डाउनलोड कर सकेंगे। इसके बाद राज्य सरकारें फिजिकली ये कार्ड बांटेंगी।इस योजना के जरिए म्युनिसिपल कॉरपोरेशन की तरह ही गांवों में भी ग्राम पंचायतों का कामकाज सिस्टेमेटिक हो जाएगा। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस योजना के शुरू होने से ग्रामीणों के बीच जमीनों के मालिकाना हक को लेकर चल रहे विवाद खत्म हो जाएंगे।Read More

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