लोन लेने वालों को ब्याज पर ब्याज में छूट मिलेगी या नहीं, सुप्रीम कोर्ट में शाम तक के लिए सुनवाई टली; सरकार ने कहा था- ज्यादा राहत देना संभव नहींDainik Bhaskar


सुप्रीम कोर्ट ने मोरेटोरियम पर सुनवाई शाम तक के लिए टाल दिया है। 12 बजे सुनवाई शुरू होने के बाद कोर्ट ने कहा कि इसमें अब शाम को सुनवाई होगी। इसमें यह फैसला हो सकता है कि लोन लेने वालों को ब्याज पर ब्याज में छूट मिलेगी या नहीं। इससे पहले पिछले हफ्ते कोर्ट ने 8 दिन के लिए सुनवाई टाल दी थी। साथ ही आरबीआई और सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा था।

और ज्यादा राहत देना संभव नहीं

सरकार ने पिछले हफ्ते इस मामले में हलफनामा पेश किया था। हलफनामे में कहा गया कि कोरोना महामारी में विभिन्न क्षेत्रों को ज्यादा राहत देना संभव नहीं है। साथ ही सरकार ने जोर देकर कहा कि अदालतों को राजकोषीय नीति (फिस्कल पॉलिसी) में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को सरकार ने बताया कि विभिन्न सेक्टर्स को पर्याप्त राहत पैकेज दिया गया है। मौजूदा महामारी के बीच सरकार के लिए संभव नहीं है कि इन सेक्टर्स को और ज्यादा राहत दी जाए।

2 करोड़ तक के लोन पर चक्रवृद्धि ब्याज माफ हुआ है

सरकार ने हलफनामे में कहा था कि 2 करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने के अलावा कोई और राहत राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र के लिए हानिकारक है। पहले दाखिल किए गए हलफनामे में केंद्र सरकार ने 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर ‘ब्याज पर ब्याज’ माफ करने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि ब्याज पर जो राहत देने की बात की गई है, उसके लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किसी तरह का दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया।

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सरकार ने पिछले हफ्ते हलफनामा पेश किया था। हलफनामे में कहा गया कि कोरोना महामारी में विभिन्न क्षेत्रों को अधिक राहत देना संभव नहीं है

सुप्रीम कोर्ट ने मोरेटोरियम पर सुनवाई शाम तक के लिए टाल दिया है। 12 बजे सुनवाई शुरू होने के बाद कोर्ट ने कहा कि इसमें अब शाम को सुनवाई होगी। इसमें यह फैसला हो सकता है कि लोन लेने वालों को ब्याज पर ब्याज में छूट मिलेगी या नहीं। इससे पहले पिछले हफ्ते कोर्ट ने 8 दिन के लिए सुनवाई टाल दी थी। साथ ही आरबीआई और सरकार को अपना पक्ष रखने को कहा था। और ज्यादा राहत देना संभव नहीं सरकार ने पिछले हफ्ते इस मामले में हलफनामा पेश किया था। हलफनामे में कहा गया कि कोरोना महामारी में विभिन्न क्षेत्रों को ज्यादा राहत देना संभव नहीं है। साथ ही सरकार ने जोर देकर कहा कि अदालतों को राजकोषीय नीति (फिस्कल पॉलिसी) में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट को सरकार ने बताया कि विभिन्न सेक्टर्स को पर्याप्त राहत पैकेज दिया गया है। मौजूदा महामारी के बीच सरकार के लिए संभव नहीं है कि इन सेक्टर्स को और ज्यादा राहत दी जाए। 2 करोड़ तक के लोन पर चक्रवृद्धि ब्याज माफ हुआ है सरकार ने हलफनामे में कहा था कि 2 करोड़ रुपए तक के कर्ज के लिए चक्रवृद्धि ब्याज माफ करने के अलावा कोई और राहत राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था और बैंकिंग क्षेत्र के लिए हानिकारक है। पहले दाखिल किए गए हलफनामे में केंद्र सरकार ने 2 करोड़ रुपए तक के लोन पर ‘ब्याज पर ब्याज’ माफ करने को कहा था। कोर्ट ने कहा था कि ब्याज पर जो राहत देने की बात की गई है, उसके लिए केंद्रीय बैंक द्वारा किसी तरह का दिशा निर्देश जारी नहीं किया गया। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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