पाकिस्तान के दावे पर भारत ने कहा- हमने बातचीत का कोई मैसेज नहीं भेजा; लद्दाख पर चीन को बेतुकी बयानबाजी बंद करने की हिदायतDainik Bhaskar


भारत ने चीन और पाकिस्तान को एक बार फिर करारा जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को कहा कि केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश देश के अभिन्न अंग हैं, थे और हमेशा रहेंगे। चीन को कोई हक नहीं है कि वो भारत के अंदरूनी मामलों पर बयानबाजी करे। यह बात चीन को अच्छी तरीके से समझा दी गई है।

वहीं, भारत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने बातचीत के लिए पाकिस्तान को संदेश भेजा था। बता दें कि हाल ही में चीन ने लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को लेकर बेतुका बयान दिया था। चीन ने कहा था कि लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश पर भारत का अवैध कब्जा है। इन इलाकों में भारत को निर्माण कार्य रोकने चाहिए।

अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे: भारत

भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने का काम शुरू किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगी। साथ ही भारत की सुरक्षा और रणनीतिक आवश्यकताओं को भी पूरी करने में मदद मिलेगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कोई भी देश भारत के अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी नहीं करेगा।

चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की वैधता पर उठाए थे सवाल

बता दें कि हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इन इलाकों पर भारत का अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि ‘चीन इन इलाकों में किसी भी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का विरोध करता है। भारत ने सीमावर्ती इलाकों में सेना की तैनाती भी बढ़ाई है। दोनों देश ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे मौजूदा कोशिशों को चोट पहुंचे।’

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पिछले कुछ महीनों से एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। इस इलाके में भारतीय सेना की आवाजाही भी बढ़ गई है। -फाइल फोटो

भारत ने चीन और पाकिस्तान को एक बार फिर करारा जवाब दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने गुरुवार को कहा कि केंद्र शासित जम्मू-कश्मीर, लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश देश के अभिन्न अंग हैं, थे और हमेशा रहेंगे। चीन को कोई हक नहीं है कि वो भारत के अंदरूनी मामलों पर बयानबाजी करे। यह बात चीन को अच्छी तरीके से समझा दी गई है। वहीं, भारत ने पाकिस्तानी प्रधानमंत्री के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार के उस दावे का भी खंडन किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि भारत ने बातचीत के लिए पाकिस्तान को संदेश भेजा था। बता दें कि हाल ही में चीन ने लद्दाख, जम्मू-कश्मीर और अरुणाचल प्रदेश को लेकर बेतुका बयान दिया था। चीन ने कहा था कि लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश पर भारत का अवैध कब्जा है। इन इलाकों में भारत को निर्माण कार्य रोकने चाहिए। The union territories of Ladakh, Jammu & Kashmir have been, are & would remain an integral part of India. China has no locus standi to comment on India’s internal matters: Anurag Srivastava, Spokesperson of Ministry of External Affairs (MEA) pic.twitter.com/d9VVxhQrDD — ANI (@ANI) October 15, 2020अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी बर्दाश्त नहीं करेंगे: भारत Arunachal Pradesh is also an integral part of India, this fact has also been clearly conveyed to the Chinese side on several occasions, including at the highest level: Anurag Srivastava, Ministry of External Affairs (MEA) https://t.co/623BSP8PaS — ANI (@ANI) October 15, 2020भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर को सुधारने का काम शुरू किया गया है, जिससे स्थानीय लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकेगी। साथ ही भारत की सुरक्षा और रणनीतिक आवश्यकताओं को भी पूरी करने में मदद मिलेगी। विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमें उम्मीद है कोई भी देश भारत के अंदरूनी मामलों में दखलअंदाजी नहीं करेगा। Govt focused on creating infrastructure for improving livelihood, economic welfare of people. Govt gives specific attention to development of border areas for economic development & to meet India’s security,strategic requirements: MEA on China’s remarks over border infrastructure pic.twitter.com/jFADHtlE4P — ANI (@ANI) October 15, 2020चीन ने लद्दाख और अरुणाचल प्रदेश की वैधता पर उठाए थे सवाल बता दें कि हाल ही में चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा था कि इन इलाकों पर भारत का अवैध कब्जा है। उन्होंने कहा कि ‘चीन इन इलाकों में किसी भी तरह के इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट का विरोध करता है। भारत ने सीमावर्ती इलाकों में सेना की तैनाती भी बढ़ाई है। दोनों देश ऐसा कोई भी काम न करें, जिससे मौजूदा कोशिशों को चोट पहुंचे।’ आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

पिछले कुछ महीनों से एलएसी पर भारत और चीन की सेनाओं के बीच लगातार तनाव बना हुआ है। इस इलाके में भारतीय सेना की आवाजाही भी बढ़ गई है। -फाइल फोटोRead More

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