42 आतंकी हमले झेल चुके बलविंदर सिंह को घर में घुसकर गोलियां मारी गईं, परिवार को आतंकियों पर ही शकDainik Bhaskar


पंजाब के तरनतारन में शौर्य चक्र से सम्मानित एक्टिविस्ट बलविंदर सिंह की हत्या कर दी गई। बलविंदर सिंह ने पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद के दौर में बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया था। उन पर 42 बार आतंकियों ने हमला किया था। इसके चलते उन्हें परिवार समेत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। शौर्य चक्र शांति काल में दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता पदक है।

बलविंदर का घर भिखीविंड कस्बे में है। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे बाइक पर 2 लोगों ने बलविंदर का दरवाजा खटखटाया। बलविंदर ने गेट खोला तो एक हमलावर घर में ही बने ऑफिस में आ गया और बलविंदर पर 4 राउंड फायर कर भाग गया।

भाई ने कहा- इस हमले के पीछे आतंकी हो सकते हैं

बलविंदर के भाई रणजीत सिंह ने संदेह जताया है कि इस हमले के पीछे आतंकी हो सकते हैं। पुलिस अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं। पुलिस पर ढिलाई बरतने का भी आरोप है। परिवार के मुताबिक, हमले की जानकारी दिए जाने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जबकि थाना घर के पास ही है।

सरकार ने SIT को जांच सौंपी
पंजाब सरकार ने बलविंदर सिंह की हत्या के मामले की जांच के लिए SIT बनाई है। फिरोजपुर डीआईजी इसके अध्यक्ष हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए SIT ने 4 स्पेशल टीमें बनाई हैं। एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने कहा कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है।

2017 में भी बलविंदर पर हमला हुआ था

बलजिंदर के गांव के सरपंच राजेंद्र सिंह ने बताया कि बलविंदर को पंजाब पुलिस की तरफ से सिक्योरिटी दी गई थी, लेकिन बाद में हटा ली गई। इसके बाद आईजी सुरेंद्र सिंह परमार और पंजाब पुलिस के अधिकारियों को चिट्ठियां भेजकर और मुलाकात कर फिर से सिक्योरिटी देने की गुजारिश भी की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।

बलजिंदर ने सरकार के फैसले का विरोध किया था, क्योंकि उन पर पहले भी हमला हो चुका था। 2017 में अज्ञात हमलावरों ने उनके घर पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं।

बलिवंदर की पत्नी जगदीश कौर और बेटी अमृत कौर।

बलविंदर पर 42 बार हमले हुए थे

पंजाब में जब आतंकवाद चरम सीमा पर था, तो बलविंदर सिंह पर 42 बार हैंड ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर से हमले हुए थे। हर बार बलविंदर ने आतंकियों से लोहा लिया था। उन्होंने कई आतंकियों को तब मार गिराया था।

इसके बाद बलविंदर को 1993 में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उनके साथ पत्नी जगदीप कौर, भाई रणजीत सिंह और भूपिंदर सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। बलविंदर के जीवन पर दूरदर्शन पर प्रसारित ‘पंजाब एक यात्रा’ व अन्य कई टेलीफिल्म भी बनी थी। वे अपने घर के पास ही एक स्कूल चलाते थे।

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बलविंदर सिंह को 1993 में तब राष्ट्रपति रहे शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।

पंजाब के तरनतारन में शौर्य चक्र से सम्मानित एक्टिविस्ट बलविंदर सिंह की हत्या कर दी गई। बलविंदर सिंह ने पंजाब में खालिस्तानी आतंकवाद के दौर में बहादुरी से आतंकियों का मुकाबला किया था। उन पर 42 बार आतंकियों ने हमला किया था। इसके चलते उन्हें परिवार समेत शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। शौर्य चक्र शांति काल में दिया जाने वाला सर्वोच्च वीरता पदक है। बलविंदर का घर भिखीविंड कस्बे में है। शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे बाइक पर 2 लोगों ने बलविंदर का दरवाजा खटखटाया। बलविंदर ने गेट खोला तो एक हमलावर घर में ही बने ऑफिस में आ गया और बलविंदर पर 4 राउंड फायर कर भाग गया। भाई ने कहा- इस हमले के पीछे आतंकी हो सकते हैं बलविंदर के भाई रणजीत सिंह ने संदेह जताया है कि इस हमले के पीछे आतंकी हो सकते हैं। पुलिस अधिकारी अभी इस बारे में कुछ भी नहीं बता रहे हैं। पुलिस पर ढिलाई बरतने का भी आरोप है। परिवार के मुताबिक, हमले की जानकारी दिए जाने के आधे घंटे बाद पुलिस मौके पर पहुंची, जबकि थाना घर के पास ही है। सरकार ने SIT को जांच सौंपी पंजाब सरकार ने बलविंदर सिंह की हत्या के मामले की जांच के लिए SIT बनाई है। फिरोजपुर डीआईजी इसके अध्यक्ष हैं। आरोपियों को पकड़ने के लिए SIT ने 4 स्पेशल टीमें बनाई हैं। एसएसपी ध्रुमन एच निंबाले ने कहा कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। 2017 में भी बलविंदर पर हमला हुआ था बलजिंदर के गांव के सरपंच राजेंद्र सिंह ने बताया कि बलविंदर को पंजाब पुलिस की तरफ से सिक्योरिटी दी गई थी, लेकिन बाद में हटा ली गई। इसके बाद आईजी सुरेंद्र सिंह परमार और पंजाब पुलिस के अधिकारियों को चिट्ठियां भेजकर और मुलाकात कर फिर से सिक्योरिटी देने की गुजारिश भी की थी, लेकिन सुनवाई नहीं हुई। बलजिंदर ने सरकार के फैसले का विरोध किया था, क्योंकि उन पर पहले भी हमला हो चुका था। 2017 में अज्ञात हमलावरों ने उनके घर पर कई राउंड गोलियां चलाई थीं। बलिवंदर की पत्नी जगदीश कौर और बेटी अमृत कौर।बलविंदर पर 42 बार हमले हुए थे पंजाब में जब आतंकवाद चरम सीमा पर था, तो बलविंदर सिंह पर 42 बार हैंड ग्रेनेड और रॉकेट लॉन्चर से हमले हुए थे। हर बार बलविंदर ने आतंकियों से लोहा लिया था। उन्होंने कई आतंकियों को तब मार गिराया था। इसके बाद बलविंदर को 1993 में राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था। उनके साथ पत्नी जगदीप कौर, भाई रणजीत सिंह और भूपिंदर सिंह को भी शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। बलविंदर के जीवन पर दूरदर्शन पर प्रसारित ‘पंजाब एक यात्रा’ व अन्य कई टेलीफिल्म भी बनी थी। वे अपने घर के पास ही एक स्कूल चलाते थे। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

बलविंदर सिंह को 1993 में तब राष्ट्रपति रहे शंकर दयाल शर्मा ने शौर्य चक्र से सम्मानित किया था।Read More

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