दो दिन के बच्चे को जमीन में जिंदा गाड़ रहे थे, रोने की आवाज सुनकर आए किसानों ने बचायाDainik Bhaskar


पुणे में गुरुवार को किसानों ने एक नवजात को बचाया, जिसे दो लोग जिंदा ही गाड़ने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी बच्चे को आधा जमीन में गाड़ भी चुके थे, लेकिन बच्चा रोने लगा। रोना सुनकर किसान वहां पहुंचे और आरोपियों को पकड़ लिया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी किसानों को धक्का देकर फरार हो गए।

नवजात को सिविल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, उसकी तबीयत फिलहाल ठीक है। बच्चे को आरोपी साड़ी में लपेटकर लाए थे।

किसान ने कहा- कुछ सेकंड की देरी होती तो दफन हो जाता बच्चा

घटना पुणे के पुरंदर के अंबोड़ी इलाके की है। प्रकाश पांडुरंग नाम के किसान ने बताया कि दोनों आरोपी बच्चे को आधा गाड़ चुके थे और अगर कुछ सेकंड की देरी होती तो वह उसे पूरी तरह दफन कर देते। मिट्टी में दबने के कारण वह तेज आवाज में चीख रहा था।

सासवड़ पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डीएस हाके ने बताया- हमें फोन से घटना की जानकारी मिली और हमने एक टीम को मौके पर भेजा। बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है। आरोपी बाइक से आए थे। आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे जब्त कर लिए गए हैं। उनके जरिए बाइक का नंबर ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है।

बच्चे को एक साड़ी में लपेट दफनाया जा रहा था।

वाखड़ में भी कूड़े के ढेर में मिली थी बच्ची
एक दिन पहले पुणे के वाखड़ इलाके में एक चौराहे के पास कूड़े के ढेर में एक दिन की बच्ची बिलखती हुई मिली थी। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसे देखा और पुलिस को इसकी सूचना दे दी। फिलहाल बच्ची का पुणे के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज जारी है।

कूड़े के ढेर में मिली बच्ची की पूरी स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए…

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


दो आरोपी नवजात को आधा दफना चुके थे और मिट्टी में दबने के कारण वह तेज आवाज में रो रहा था।

पुणे में गुरुवार को किसानों ने एक नवजात को बचाया, जिसे दो लोग जिंदा ही गाड़ने की कोशिश कर रहे थे। आरोपी बच्चे को आधा जमीन में गाड़ भी चुके थे, लेकिन बच्चा रोने लगा। रोना सुनकर किसान वहां पहुंचे और आरोपियों को पकड़ लिया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी किसानों को धक्का देकर फरार हो गए। नवजात को सिविल हॉस्पिटल में एडमिट कराया गया है। डॉक्टर्स के मुताबिक, उसकी तबीयत फिलहाल ठीक है। बच्चे को आरोपी साड़ी में लपेटकर लाए थे। किसान ने कहा- कुछ सेकंड की देरी होती तो दफन हो जाता बच्चा घटना पुणे के पुरंदर के अंबोड़ी इलाके की है। प्रकाश पांडुरंग नाम के किसान ने बताया कि दोनों आरोपी बच्चे को आधा गाड़ चुके थे और अगर कुछ सेकंड की देरी होती तो वह उसे पूरी तरह दफन कर देते। मिट्टी में दबने के कारण वह तेज आवाज में चीख रहा था। सासवड़ पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर डीएस हाके ने बताया- हमें फोन से घटना की जानकारी मिली और हमने एक टीम को मौके पर भेजा। बच्चे की पहचान नहीं हो सकी है। आरोपी बाइक से आए थे। आसपास के सभी सीसीटीवी कैमरे जब्त कर लिए गए हैं। उनके जरिए बाइक का नंबर ट्रेस करने की कोशिश की जा रही है। बच्चे को एक साड़ी में लपेट दफनाया जा रहा था।वाखड़ में भी कूड़े के ढेर में मिली थी बच्ची एक दिन पहले पुणे के वाखड़ इलाके में एक चौराहे के पास कूड़े के ढेर में एक दिन की बच्ची बिलखती हुई मिली थी। कुछ सामाजिक कार्यकर्ताओं ने उसे देखा और पुलिस को इसकी सूचना दे दी। फिलहाल बच्ची का पुणे के एक प्राइवेट हॉस्पिटल में इलाज जारी है। कूड़े के ढेर में मिली बच्ची की पूरी स्टोरी पढ़ने के लिए यहां क्लिक कीजिए… आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

दो आरोपी नवजात को आधा दफना चुके थे और मिट्टी में दबने के कारण वह तेज आवाज में रो रहा था।Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *