ब्रिक्स से SCO तक, इस महीने नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग 3 बार आमने-सामने होंगेDainik Bhaskar


भारत और चीन की टॉप लीडरशिप के लिए नवंबर इस साल का सबसे व्यस्त महीना रहने वाला है। इस महीने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स, SCO और आसियान समेत कुल पांच बड़ी बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। खास बात यह है कि ऑनलाइन होने वाली इन बैठकों में से 3 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद रहेंगे।

रूस की ओर से आयोजित की जाने वाली वर्चुअल SCO समिट में पीएम मोदी और शी जिनपिंग शामिल होंगे। मई से लद्दाख में चल रहे गतिरोध के बाद से यह पहला मौका होगा, जब दोनों नेता एक साथ किसी बैठक में हिस्सा लेंगे। मोदी और जिनपिंग पिछली बार अप्रैल में कोविड-19 पर चर्चा के लिए जी-20 देशों की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए थे।

तैयारी में जुटा विदेश मंत्रालय

इन मामलों से जुड़े लोगों का कहना है कि विदेश मंत्रालय इन सभी शिखर सम्मेलनों और बैठकों के लिए जबरदस्त तैयारी कर रहा है। खासतौर से कोविड -19 के लिए टीके के प्रोडक्शन और सप्लाई में भारत की भूमिका को बेहतर तरीके से पेश करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की बैठकों में खींचतान या द्विपक्षीय बातचीत जैसी चीजों की कोई गुंजाइश नहीं है। इन बैठकों में सभी नेता सीमित समय में अपने विचार रखेंगे।

जी-20 देशों की बैठक सबसे खास

इन सभी बैठकों के बीच जी-20 देशों के बीच होने वाली बातचीत सबसे खास होगी। सऊदी अरब इसका आयोजन करेगा। कोविड-19 के असर से वैश्विक व्यवस्था को उबारने और आर्थिक सुधार की कोशिशों में इसके महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। इसके अलावा ईस्ट एशिया समिट में आमतौर पर भारत से प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति शामिल होते हैं। इसके बाद आसियान-भारत शिखर सम्मेलन होता है।

पाकिस्तान को भी बुलाएगा भारत

भारत की ओर से आयोजित की जा रही SCO काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान को बुलावा दिया जाएगा। प्रोटोकाल के मुताबिक, ऐसा करना जरूरी है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि बैठक में इस्लामाबाद का प्रतिनिधित्व कौन करेगा।

द्विपक्षीय चर्चा की गुंजाइश नहीं

पूर्व राजदूत विष्णु प्रकाश का कहना है कि यह अच्छा है कि नेताओं के पास बातचीत के लिए थोड़ा समय होगा, लेकिन उनकी द्विपक्षीय चर्चा नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बैठक में शामिल होने का लद्दाख की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इनमें से कुछ बैठकें कोविड -19 से निपटने की तैयारी और आर्थिक सुधार के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगी।

ये बैठकें होंगी

  • 10 नवंबर को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO)
  • 11 नवंबर को ईस्ट एशिया समिट
  • 17 नवंबर को ब्राजील-रूस-इंडिया-चीन-साउथ अफ्रीका (BRICS)
  • 21 और 22 नवंबर को जी-20 देशों की बैठक
  • 30 नवंबर को SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक

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प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग पिछली बार अप्रैल में कोविड-19 पर चर्चा के लिए जी-20 देशों की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए थे। – फाइल फोटो

भारत और चीन की टॉप लीडरशिप के लिए नवंबर इस साल का सबसे व्यस्त महीना रहने वाला है। इस महीने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ब्रिक्स, SCO और आसियान समेत कुल पांच बड़ी बैठकों में हिस्सा ले सकते हैं। खास बात यह है कि ऑनलाइन होने वाली इन बैठकों में से 3 में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग भी मौजूद रहेंगे। रूस की ओर से आयोजित की जाने वाली वर्चुअल SCO समिट में पीएम मोदी और शी जिनपिंग शामिल होंगे। मई से लद्दाख में चल रहे गतिरोध के बाद से यह पहला मौका होगा, जब दोनों नेता एक साथ किसी बैठक में हिस्सा लेंगे। मोदी और जिनपिंग पिछली बार अप्रैल में कोविड-19 पर चर्चा के लिए जी-20 देशों की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए थे। तैयारी में जुटा विदेश मंत्रालय इन मामलों से जुड़े लोगों का कहना है कि विदेश मंत्रालय इन सभी शिखर सम्मेलनों और बैठकों के लिए जबरदस्त तैयारी कर रहा है। खासतौर से कोविड -19 के लिए टीके के प्रोडक्शन और सप्लाई में भारत की भूमिका को बेहतर तरीके से पेश करने पर ध्यान दिया जा रहा है। उनका कहना है कि इस तरह की बैठकों में खींचतान या द्विपक्षीय बातचीत जैसी चीजों की कोई गुंजाइश नहीं है। इन बैठकों में सभी नेता सीमित समय में अपने विचार रखेंगे। जी-20 देशों की बैठक सबसे खास इन सभी बैठकों के बीच जी-20 देशों के बीच होने वाली बातचीत सबसे खास होगी। सऊदी अरब इसका आयोजन करेगा। कोविड-19 के असर से वैश्विक व्यवस्था को उबारने और आर्थिक सुधार की कोशिशों में इसके महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की उम्मीद है। इसके अलावा ईस्ट एशिया समिट में आमतौर पर भारत से प्रधानमंत्री और चीन के राष्ट्रपति शामिल होते हैं। इसके बाद आसियान-भारत शिखर सम्मेलन होता है। पाकिस्तान को भी बुलाएगा भारत भारत की ओर से आयोजित की जा रही SCO काउंसिल की बैठक में शामिल होने के लिए पाकिस्तान को बुलावा दिया जाएगा। प्रोटोकाल के मुताबिक, ऐसा करना जरूरी है। हालांकि, यह साफ नहीं है कि बैठक में इस्लामाबाद का प्रतिनिधित्व कौन करेगा। द्विपक्षीय चर्चा की गुंजाइश नहीं पूर्व राजदूत विष्णु प्रकाश का कहना है कि यह अच्छा है कि नेताओं के पास बातचीत के लिए थोड़ा समय होगा, लेकिन उनकी द्विपक्षीय चर्चा नहीं हो सकती है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बैठक में शामिल होने का लद्दाख की स्थिति पर कोई असर नहीं पड़ेगा। इनमें से कुछ बैठकें कोविड -19 से निपटने की तैयारी और आर्थिक सुधार के लिहाज से महत्वपूर्ण होंगी। ये बैठकें होंगी 10 नवंबर को शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइजेशन (SCO)11 नवंबर को ईस्ट एशिया समिट17 नवंबर को ब्राजील-रूस-इंडिया-चीन-साउथ अफ्रीका (BRICS)21 और 22 नवंबर को जी-20 देशों की बैठक30 नवंबर को SCO काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट की बैठक आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

प्रधानमंत्री मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग पिछली बार अप्रैल में कोविड-19 पर चर्चा के लिए जी-20 देशों की वर्चुअल बैठक में शामिल हुए थे। – फाइल फोटोRead More

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