पुलिस का दावा- कस्टडी में मोबाइल का इस्तेमाल कर रहे थे अर्नब, इसलिए जेल भेजाDainik Bhaskar


रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को रविवार को रायगढ़ जिले की तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि अर्नब न्यायिक हिरासत में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए यह कार्रवाई की गई है। इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें अलीबाग के एक स्कूल में बनाए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था।

अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को हिरासत में लेते समय उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। रायगढ़ क्राइम ब्रांच ने पाया कि अर्नब किसी और का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। तलोजा जेल शिफ्ट किए जाते वक्त गोस्वामी ने चिल्लाते हुए आरोप लगाया कि शनिवार शाम को अलीबाग जेल के जेलर ने उनके साथ मारपीट की है। उनकी जिंदगी खतरे में थी। उन्हें अपने वकील से बात करने की इजाजत भी नहीं दी गई।

किरीट सोमैया ने जेलर से मुलाकात की

भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने ट्वीट कर बताया कि वह तलोजा जेल के जेलर से मिले। उनसे आश्वासन लिया कि गोस्वामी को परेशान नहीं किया जाएगा और जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाएगा।

अर्नब की गिरफ्तारी पर दिल्ली में राजघाट के पास प्रदर्शन

इस बीच, अर्नब गोस्वामी के समर्थन में दिल्ली में राजघाट के पास भाजपा नेता कपिल मिश्रा और तेजिंदर बग्गा ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने उनको हिरासत में लिया। कपिल मिश्रा ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि न केवल एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया।

ऐसा इसलिए, क्योंकि उसने सरकार पर सवाल उठाए थे। हम महाराष्ट्र सरकार द्वारा गोस्वामी पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मिश्रा और बग्गा सहित 23 लोगों को सुबह 10.30 बजे हिरासत में लिया गया था। वे आदेशों का उल्लंघन कर राजघाट पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया।

4 नवंबर को हुई थी गिरफ्तारी

बता दें कि अर्नब के साथ फिरोज शेख और नीतीश सारदा को 4 नवंबर को अलीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने कथित तौर पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक से काम कराने के बाद उन्हें भुगतान नहीं किया। इससे परेशान होकर अन्वय और उनकी मां ने 2018 में आत्महत्या कर ली थी।

जमानत पर कल फैसला होगा

अर्नब को उनके मुंबई के लोअर परेल वाले घर से गिरफ्तार करने के बाद अलीबाग ले जाया गया। वहां मजिस्ट्रेट ने उन्हें 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अर्नब को एक स्कूल में रखा गया था। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट सोमवार को अपना फैसला सुनाएगी।

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अर्नब गोस्वामी को 4 नवंबर को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अर्नब 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं।

रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी को रविवार को रायगढ़ जिले की तलोजा जेल शिफ्ट कर दिया गया। पुलिस का कहना है कि अर्नब न्यायिक हिरासत में मोबाइल फोन का इस्तेमाल कर रहे थे, इसलिए यह कार्रवाई की गई है। इंटीरियर डिजाइनर को आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में गिरफ्तारी के बाद उन्हें अलीबाग के एक स्कूल में बनाए क्वारैंटाइन सेंटर में रखा गया था। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने 4 नवंबर को अर्नब को हिरासत में लेते समय उनका मोबाइल फोन जब्त कर लिया था। रायगढ़ क्राइम ब्रांच ने पाया कि अर्नब किसी और का मोबाइल फोन इस्तेमाल कर सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं। तलोजा जेल शिफ्ट किए जाते वक्त गोस्वामी ने चिल्लाते हुए आरोप लगाया कि शनिवार शाम को अलीबाग जेल के जेलर ने उनके साथ मारपीट की है। उनकी जिंदगी खतरे में थी। उन्हें अपने वकील से बात करने की इजाजत भी नहीं दी गई। किरीट सोमैया ने जेलर से मुलाकात की I met Jailer Kurlekar at Taloja Jail, insisted proper care and protection of #ArnabGoswami . Jailer assured me, No Harrasment will take place in Jail. Required Medical treatment will also be provided @BJP4India @Dev_Fadnavis @BJP4Maharashtra pic.twitter.com/P2RIpngwPa — Kirit Somaiya (@KiritSomaiya) November 8, 2020भाजपा के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने ट्वीट कर बताया कि वह तलोजा जेल के जेलर से मिले। उनसे आश्वासन लिया कि गोस्वामी को परेशान नहीं किया जाएगा और जरूरी मेडिकल ट्रीटमेंट दिया जाएगा। अर्नब की गिरफ्तारी पर दिल्ली में राजघाट के पास प्रदर्शन इस बीच, अर्नब गोस्वामी के समर्थन में दिल्ली में राजघाट के पास भाजपा नेता कपिल मिश्रा और तेजिंदर बग्गा ने प्रदर्शन किया। पुलिस ने उनको हिरासत में लिया। कपिल मिश्रा ने कहा कि देश में पहली बार ऐसा हुआ है कि न केवल एक पत्रकार को गिरफ्तार किया गया, बल्कि उसके परिवार के सदस्यों पर भी मुकदमा दर्ज किया गया। ऐसा इसलिए, क्योंकि उसने सरकार पर सवाल उठाए थे। हम महाराष्ट्र सरकार द्वारा गोस्वामी पर किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि मिश्रा और बग्गा सहित 23 लोगों को सुबह 10.30 बजे हिरासत में लिया गया था। वे आदेशों का उल्लंघन कर राजघाट पर प्रदर्शन करने जा रहे थे। बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। pic.twitter.com/LRdE79Hfhm — Kapil Mishra (@KapilMishra_IND) November 8, 20204 नवंबर को हुई थी गिरफ्तारी बता दें कि अर्नब के साथ फिरोज शेख और नीतीश सारदा को 4 नवंबर को अलीबाग पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उन्होंने कथित तौर पर इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक से काम कराने के बाद उन्हें भुगतान नहीं किया। इससे परेशान होकर अन्वय और उनकी मां ने 2018 में आत्महत्या कर ली थी। जमानत पर कल फैसला होगा अर्नब को उनके मुंबई के लोअर परेल वाले घर से गिरफ्तार करने के बाद अलीबाग ले जाया गया। वहां मजिस्ट्रेट ने उन्हें 18 नवंबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। अर्नब को एक स्कूल में रखा गया था। इस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। कोर्ट सोमवार को अपना फैसला सुनाएगी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

अर्नब गोस्वामी को 4 नवंबर को मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। अर्नब 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में हैं।Read More

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