चिराग की संजीवनी से भाजपा पहली बार बिहार में नंबर-1 पार्टी बन सकती है, NDA में भी सबसे ज्यादा सीटें और वोट शेयरDainik Bhaskar


यह महज संयोग है या फिर बजरंगबली का आशीर्वाद है। आज दिन मंगलवार है और भाजपा पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। नतीजों से साफ दिख रहा है कि चिराग पासवान वास्तव में भाजपा के लिए हनुमान साबित हो रहे हैं। चिराग ने प्रचार के दौरान कहा ही था कि वह मोदी के हनुमान हैं।

चिराग की संजीवनी से भाजपा का वोट शेयर और सीटें, दोनों बढ़ गई हैं। लोजपा ने 134 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से सिर्फ 6 सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा के प्रत्याशी के खिलाफ लोजपा उम्मीदवार मैदान में थे। यही वजह है कि भाजपा (गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए) को 15 साल में पहली बार सबसे ज्यादा 19.6% वोट हासिल होता दिख रखा है।

लोजपा ने जदयू के खिलाफ सभी 115 सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके चलते जदयू को पिछले चुनाव की तुलना में करीब 2% वोटों का नुकसान होता दिख रहा है। 20 से 22 सीटें भी कम आ रही हैं। वहीं, लोजपा जिन 134 सीटों पर लड़ी, उसमें से उसे महज एक सीट ही मिलती दिख रही है, लेकिन वोट 5.7% मिल रहे हैं।

2019 लोकसभा की तुलना में भाजपा को करीब 4% वोट का नुकसान

2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले वोट शेयर से तुलना करें तो उसका वोट शेयर करीब 4% कम हुआ है। भाजपा को आम चुनाव में 23.58% वोट मिले थे। जबकि, इस बार 19.6% वोट मिलते दिख रह हैं। वहीं, आम चुनाव की तुलना में जदयू का वोट शेयर 6.5% कम हुआ है।

15 साल में भाजपा का वोट शेयर 9% बढ़ा

मार्च 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव से भाजपा-जदयू साथ लड़ रहे। इस चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 11% था, सीटें 37 थीं। इस बार भाजपा का वोट शेयर 19.6% और सीटें 72 मिलती दिख रही हैं। यानी भाजपा ने 15 सालों में जेडीयू के साथ चुनाव लड़ते हुए वोट शेयर में 9% का इजाफा किया है और सीटें करीब दोगुनी कर ली हैं। इस दौरान जदयू का वोट शेयर 1% ही बढ़ा है। 2015 भाजपा-जेडीयू ने अलग चुनाव लड़ा था इसलिए दोनों को वोट शेयर इन आंकड़ों से बाहर है।

2020 के नतीजे, जो अभी आ रहे हैं

पार्टी सीट वोट%
भाजपा 72 19.6
राजद 64 22.9
जेडीयू 47 15.2
कांग्रेस 18 9.4

* टेबल के आंकड़ों में लगातार अपडेट होता रहेगा।

2015 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन

पार्टी सीट वोट%
राजद 80 18.8
जेडीयू 71 17.3
भाजपा 53 25
कांग्रेस 27 6.8

* 2015 में भाजपा अकेले दम पर चुनाव लड़ी थी।

2010 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन
पार्टी सीट वोट%
जेडीयू 115 22.6
भाजपा 91 16.5
राजद 22 18.8
कांग्रेस 4 8.4

अक्टूबर- 2005 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन

पार्टी सीट वोट%
जेडीयू 88 20.5
भाजपा 55 15.6
राजद 54 23.5
लोजपा 10 11.1

मार्च 2005 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन

पार्टी सीट वोट%
राजद 75 25.1%
जेडीयू 55 14.6%
भाजपा 37 11%
लोजपा 29 12.6%

2020 में NDA और महागठबंधन का वोट शेयर

पार्टी सीट वोट%
एनडीए 125 37.18%
महागठबंधन 115 37.08%
लोजपा 01 5.7%

2020 में अपनी-अपनी सीट के लिहाज से पार्टियों की वोट शेयरिंग

पार्टी सीट वोट%
भाजपा 110 43.2
सीपीआई-एमएल-एलआईबी 19 41.4
राजद 144 38.24
जेडीयू 115 33.15
कांग्रेस 70 32.2

* ये आंकड़े- 81.9% वोटों की काउंटिंग होने तक के हैं।

NDA का वोट शेयर 2019 आम चुनाव की तुलना में करीब 20% घट गया
2019 लोकसभा चुनाव में बिहार में NDA ने 40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल किया था। एनडीए का वोट शेयर 57.33% था। विधानसभा सीटों के लिहाज से NDA की 243 में से करीब 215 सीटों पर बढ़त थी। इस लिहाज से एक साल बाद हो रहे चुनाव में NDA को करीब 80 से 90 सीटों का नुकसान हो रहा है। लोकसभा चुनाव की तुलना में NDA का वोट शेयर भी करीब 20% कम हुआ है।

2019 लोकसभा चुनाव के नतीजों में एनडीए

पार्टी सीट वोट%
भाजपा 17 23.58
जेडीयू 16 21.81
लोजपा 06 7.86

2014 लोकसभा चुनाव में जब भाजपा और जदयू अलग-अलग लड़े थे

पार्टी सीट वोट%
भाजपा 22 29.86%
जेडीयू 02 16.09%

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Chirag Paswan LJP Party Vs Nitsh Kumar JDU NDA; Bihar (Vidhan Sabha) Assembly Election Results 2020

यह महज संयोग है या फिर बजरंगबली का आशीर्वाद है। आज दिन मंगलवार है और भाजपा पहली बार बिहार विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभर सकती है। नतीजों से साफ दिख रहा है कि चिराग पासवान वास्तव में भाजपा के लिए हनुमान साबित हो रहे हैं। चिराग ने प्रचार के दौरान कहा ही था कि वह मोदी के हनुमान हैं। चिराग की संजीवनी से भाजपा का वोट शेयर और सीटें, दोनों बढ़ गई हैं। लोजपा ने 134 सीटों पर उम्मीदवार उतारे थे। इनमें से सिर्फ 6 सीटें ऐसी हैं, जहां भाजपा के प्रत्याशी के खिलाफ लोजपा उम्मीदवार मैदान में थे। यही वजह है कि भाजपा (गठबंधन में चुनाव लड़ते हुए) को 15 साल में पहली बार सबसे ज्यादा 19.6% वोट हासिल होता दिख रखा है। लोजपा ने जदयू के खिलाफ सभी 115 सीटों पर चुनाव लड़ा। इसके चलते जदयू को पिछले चुनाव की तुलना में करीब 2% वोटों का नुकसान होता दिख रहा है। 20 से 22 सीटें भी कम आ रही हैं। वहीं, लोजपा जिन 134 सीटों पर लड़ी, उसमें से उसे महज एक सीट ही मिलती दिख रही है, लेकिन वोट 5.7% मिल रहे हैं। 2019 लोकसभा की तुलना में भाजपा को करीब 4% वोट का नुकसान 2019 लोकसभा चुनाव में भाजपा को मिले वोट शेयर से तुलना करें तो उसका वोट शेयर करीब 4% कम हुआ है। भाजपा को आम चुनाव में 23.58% वोट मिले थे। जबकि, इस बार 19.6% वोट मिलते दिख रह हैं। वहीं, आम चुनाव की तुलना में जदयू का वोट शेयर 6.5% कम हुआ है। 15 साल में भाजपा का वोट शेयर 9% बढ़ा मार्च 2005 के बिहार विधानसभा चुनाव से भाजपा-जदयू साथ लड़ रहे। इस चुनाव में भाजपा का वोट शेयर 11% था, सीटें 37 थीं। इस बार भाजपा का वोट शेयर 19.6% और सीटें 72 मिलती दिख रही हैं। यानी भाजपा ने 15 सालों में जेडीयू के साथ चुनाव लड़ते हुए वोट शेयर में 9% का इजाफा किया है और सीटें करीब दोगुनी कर ली हैं। इस दौरान जदयू का वोट शेयर 1% ही बढ़ा है। 2015 भाजपा-जेडीयू ने अलग चुनाव लड़ा था इसलिए दोनों को वोट शेयर इन आंकड़ों से बाहर है। 2020 के नतीजे, जो अभी आ रहे हैं पार्टी सीट वोट% भाजपा 72 19.6 राजद 64 22.9 जेडीयू 47 15.2 कांग्रेस 18 9.4 * टेबल के आंकड़ों में लगातार अपडेट होता रहेगा। 2015 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन पार्टी सीट वोट% राजद 80 18.8 जेडीयू 71 17.3 भाजपा 53 25 कांग्रेस 27 6.8 * 2015 में भाजपा अकेले दम पर चुनाव लड़ी थी। 2010 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन पार्टी सीट वोट% जेडीयू 115 22.6 भाजपा 91 16.5 राजद 22 18.8 कांग्रेस 4 8.4 अक्टूबर- 2005 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन पार्टी सीट वोट% जेडीयू 88 20.5 भाजपा 55 15.6 राजद 54 23.5 लोजपा 10 11.1 मार्च 2005 में टॉप-4 पार्टियों का प्रदर्शन पार्टी सीट वोट% राजद 75 25.1% जेडीयू 55 14.6% भाजपा 37 11% लोजपा 29 12.6% 2020 में NDA और महागठबंधन का वोट शेयर पार्टी सीट वोट% एनडीए 125 37.18% महागठबंधन 115 37.08% लोजपा 01 5.7% 2020 में अपनी-अपनी सीट के लिहाज से पार्टियों की वोट शेयरिंग पार्टी सीट वोट% भाजपा 110 43.2 सीपीआई-एमएल-एलआईबी 19 41.4 राजद 144 38.24 जेडीयू 115 33.15 कांग्रेस 70 32.2 * ये आंकड़े- 81.9% वोटों की काउंटिंग होने तक के हैं।NDA का वोट शेयर 2019 आम चुनाव की तुलना में करीब 20% घट गया 2019 लोकसभा चुनाव में बिहार में NDA ने 40 में से 39 सीटों पर जीत हासिल किया था। एनडीए का वोट शेयर 57.33% था। विधानसभा सीटों के लिहाज से NDA की 243 में से करीब 215 सीटों पर बढ़त थी। इस लिहाज से एक साल बाद हो रहे चुनाव में NDA को करीब 80 से 90 सीटों का नुकसान हो रहा है। लोकसभा चुनाव की तुलना में NDA का वोट शेयर भी करीब 20% कम हुआ है। 2019 लोकसभा चुनाव के नतीजों में एनडीए पार्टी सीट वोट% भाजपा 17 23.58 जेडीयू 16 21.81 लोजपा 06 7.86 2014 लोकसभा चुनाव में जब भाजपा और जदयू अलग-अलग लड़े थे पार्टी सीट वोट% भाजपा 22 29.86% जेडीयू 02 16.09% आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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