6.8 लाख करोड़ का काम मुफ्त करती हैं गृहलक्ष्मी; सोना नहीं, अब पैलेडियम सबसे महंगा मेटलDainik Bhaskar


आज दिवाली है। कई मायनों में खास। कोरोना महामारी के दौरान पहली दिवाली। दुनिया के सबसे सख्त लॉकडाउन का करारा झटका झेलने के बाद पहली दिवाली। इससे उबरने की कोशिश में जुटे करोड़ों लोगों की दिवाली। ऐसे में सभी के मन में लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने की कामना प्रबल है। तो आइए, लक्ष्मी के उन चौंकाने वाले स्वरूपों को जानते हैं, जिनमें वह हमारे सामने मौजूद हैं। ये स्वरूप हैं – सोना, चांदी, रुपया और गृहलक्ष्मी यानी महिलाएं।

चौंकिए मत। हमारे देश की महिलाएं अपने घरों में हर साल करीब 6.8 लाख करोड़ रुपए का काम मुफ्त में करती हैं। कोरोना के असर को छोड़ दें तो यह रकम हमारी 2.94 ट्रिलियन डॉलर यानी 218 लाख करोड़ रुपए की जीडीपी का 3.1% है। यह रकम 3.25 करोड़ से ज्यादा परिवारों को रोजगार देने वाली मनरेगा के कुल बजट का 11 गुना है।
बात अगर सोने की करें तो अब यह दुनिया की सबसे महंगी धातु नहीं रही। पैलेडियम ने दो साल पहले सोने से यह तमगा छीन लिया। उधर, रुपया और चांदी का नाता बड़ा गहरा है। संस्कृत में रूप्यकम् का अर्थ ही चांदी है और इसी से रुपया शब्द बना है। वहीं, फ्रेंच भाषा में धन और चांदी के लिए एक ही शब्द अर्जेंट इस्तेमाल होता है।

महिलाएं रोज 312 मिनट बिना वेतन करती हैं काम और पुरुष सिर्फ 29 मिनट

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जारी ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं शहरों में रोज 312 मिनट बिना वेतन के काम करती हैं। वहीं, गांवों में 291 मिनट। दूसरी तरफ शहरी पुरुष बिना भुगतान वाले कामों में सिर्फ 29 मिनट लगाते हैं, जबकि गांवों में यह आंकड़ा 32 मिनट का है। पूरी दुनिया की बात करें तो महिलाएं करीब 10 ट्रिलियन डॉलर का काम बिना वेतन के करती हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी एपल के सालाना टर्नओवर का 43 गुना है।

जानिए फूटी कौड़ी से 26.60 लाख करोड़ रुपए का गणित

चांदी के भी भारत में सबसे ज्यादा खरीददार

  • भारत चांदी का सबसे बड़ा ग्राहक है। दुनिया की एक तिहाई चांदी भारत में खरीदी जाती है।
  • दुनिया की ज्यादातर चांदी मैक्सिको और पेरु में मिलती है।
  • 56% चांदी का इस्तेमाल सोलर पावर प्लांट, कैमिकल, फोटोग्राफी जैसे कामों में होता है।
  • मिस्र में चांदी कभी सोने से महंगी थी।
  • 27 मार्च 1980 को एक ही दिन चांदी के दाम 50% से ज्यादा गिर गए थे। इसे सिल्वर थर्सडे कहते हैं।
  • सिल्वर आयोडाइड का इस्तेमाल कृत्रिम बारिश कराने के लिए होता है। इसे क्लाउड सी़डिंग कहते हैं।
  • चांदी 95% प्रकाश को रिफलेक्ट कर देती है, इसलिए इतनी चमकीली होती है।
  • कई भाषाओं में चांदी और धन के लिए एक ही शब्द इस्तेमाल करते हैं, जैसे फ्रेंच भाषा में अरजेंट।
  • किंग जेम्स बाइबिल में चांदी का 320 बार उल्लेख है। माना जाता है कि यीशु को धोखा देने के लिए जुडास को चांदी के 30 टुकड़ों की रिश्वत दी थी।

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Diwali, Deepawali, Know real Laxmi, Stunning facts about Gold, silver, Rupee and Women unpaid work, gold in not costliest metal

आज दिवाली है। कई मायनों में खास। कोरोना महामारी के दौरान पहली दिवाली। दुनिया के सबसे सख्त लॉकडाउन का करारा झटका झेलने के बाद पहली दिवाली। इससे उबरने की कोशिश में जुटे करोड़ों लोगों की दिवाली। ऐसे में सभी के मन में लक्ष्मी का आशीर्वाद लेने की कामना प्रबल है। तो आइए, लक्ष्मी के उन चौंकाने वाले स्वरूपों को जानते हैं, जिनमें वह हमारे सामने मौजूद हैं। ये स्वरूप हैं – सोना, चांदी, रुपया और गृहलक्ष्मी यानी महिलाएं। चौंकिए मत। हमारे देश की महिलाएं अपने घरों में हर साल करीब 6.8 लाख करोड़ रुपए का काम मुफ्त में करती हैं। कोरोना के असर को छोड़ दें तो यह रकम हमारी 2.94 ट्रिलियन डॉलर यानी 218 लाख करोड़ रुपए की जीडीपी का 3.1% है। यह रकम 3.25 करोड़ से ज्यादा परिवारों को रोजगार देने वाली मनरेगा के कुल बजट का 11 गुना है। बात अगर सोने की करें तो अब यह दुनिया की सबसे महंगी धातु नहीं रही। पैलेडियम ने दो साल पहले सोने से यह तमगा छीन लिया। उधर, रुपया और चांदी का नाता बड़ा गहरा है। संस्कृत में रूप्यकम् का अर्थ ही चांदी है और इसी से रुपया शब्द बना है। वहीं, फ्रेंच भाषा में धन और चांदी के लिए एक ही शब्द अर्जेंट इस्तेमाल होता है। महिलाएं रोज 312 मिनट बिना वेतन करती हैं काम और पुरुष सिर्फ 29 मिनट वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में जारी ऑक्सफैम की रिपोर्ट के अनुसार महिलाएं शहरों में रोज 312 मिनट बिना वेतन के काम करती हैं। वहीं, गांवों में 291 मिनट। दूसरी तरफ शहरी पुरुष बिना भुगतान वाले कामों में सिर्फ 29 मिनट लगाते हैं, जबकि गांवों में यह आंकड़ा 32 मिनट का है। पूरी दुनिया की बात करें तो महिलाएं करीब 10 ट्रिलियन डॉलर का काम बिना वेतन के करती हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी एपल के सालाना टर्नओवर का 43 गुना है। जानिए फूटी कौड़ी से 26.60 लाख करोड़ रुपए का गणित चांदी के भी भारत में सबसे ज्यादा खरीददार भारत चांदी का सबसे बड़ा ग्राहक है। दुनिया की एक तिहाई चांदी भारत में खरीदी जाती है।दुनिया की ज्यादातर चांदी मैक्सिको और पेरु में मिलती है।56% चांदी का इस्तेमाल सोलर पावर प्लांट, कैमिकल, फोटोग्राफी जैसे कामों में होता है।मिस्र में चांदी कभी सोने से महंगी थी।27 मार्च 1980 को एक ही दिन चांदी के दाम 50% से ज्यादा गिर गए थे। इसे सिल्वर थर्सडे कहते हैं।सिल्वर आयोडाइड का इस्तेमाल कृत्रिम बारिश कराने के लिए होता है। इसे क्लाउड सी़डिंग कहते हैं।चांदी 95% प्रकाश को रिफलेक्ट कर देती है, इसलिए इतनी चमकीली होती है।कई भाषाओं में चांदी और धन के लिए एक ही शब्द इस्तेमाल करते हैं, जैसे फ्रेंच भाषा में अरजेंट।किंग जेम्स बाइबिल में चांदी का 320 बार उल्लेख है। माना जाता है कि यीशु को धोखा देने के लिए जुडास को चांदी के 30 टुकड़ों की रिश्वत दी थी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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