मोदी ने कहा- आतंक को बढ़ावा देने वाले देशों की जवाबदेही तय हो, इनसे ऑर्गनाइज्ड ढंग से निपटना होगाDainik Bhaskar


प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में शामिल हुए। मोदी ने कहा, “आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या है, जिसका सामना दुनिया आज कर रही है। हम यह निश्चित करेंगे कि जो देश आतंकवाद को समर्थन करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए और इस समस्या से ऑर्गनाइज्ड ढंग से लड़ा जाए।’

ब्रिक्स की वर्चुअल समिट में मोदी ने कहा, “भारत और दक्षिण अफ्रीका ने कोविड-19 वैक्सीन उपचार और जांच संबंधी एग्रीमेंट किए हैं। इसमें छूट का प्रस्ताव रखा गया है। हमें आशा है कि ब्रिक्स के बाकी देश भी इसका समर्थन करेंगे। डिजिटल हेल्थ में सहयोग बढ़ाने पर भारत काम करेगा।’

अगले ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता भारत को

ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इस बार सम्मेलन की थीम ‘वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और अभिनव विकास’ है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता भारत करेगा। भारत 2021 में होने वाले ब्रिक्स देशों के 13वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2012 और 2016 में ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की है।

ब्रिक्स सम्मेलन में आपसी सहयोग और आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, ऊर्जा के साथ ही कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हुए।

भारत-चीन के बीच तनाव के दौरान हुआ ब्रिक्स सम्मेलन

ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन ऐसे समय पर आयोजित हुआ, जब इसके दो प्रमुख सदस्य देशों भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में तनाव बना हुआ है। हालांकि, अब दोनों पक्ष ऊंचाई वाले इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं।

पिछले एक महीने में ये दूसरी बार है जब मोदी और जिनपिंग वीडियो कॉल पर आमने-सामने आए। पिछले सप्ताह शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में दोनों शामिल हुए थे। कोरोना के चलते इस बार शिखर सम्मेलन का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया।

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ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से मुकाबले के लिए आपसी सहयोग पर भी जोर दिया।

प्रधानमंत्री मोदी मंगलवार को ब्रिक्स देशों के सम्मेलन में शामिल हुए। मोदी ने कहा, “आतंकवाद सबसे बड़ी समस्या है, जिसका सामना दुनिया आज कर रही है। हम यह निश्चित करेंगे कि जो देश आतंकवाद को समर्थन करते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाए और इस समस्या से ऑर्गनाइज्ड ढंग से लड़ा जाए।’ ब्रिक्स की वर्चुअल समिट में मोदी ने कहा, “भारत और दक्षिण अफ्रीका ने कोविड-19 वैक्सीन उपचार और जांच संबंधी एग्रीमेंट किए हैं। इसमें छूट का प्रस्ताव रखा गया है। हमें आशा है कि ब्रिक्स के बाकी देश भी इसका समर्थन करेंगे। डिजिटल हेल्थ में सहयोग बढ़ाने पर भारत काम करेगा।’ अगले ब्रिक्स सम्मेलन की अध्यक्षता भारत को ब्रिक्स में ब्राजील, रूस, भारत, चीन और दक्षिण अफ्रीका शामिल हैं। इस बार सम्मेलन की थीम ‘वैश्विक स्थिरता, साझा सुरक्षा और अभिनव विकास’ है। विदेश मंत्रालय ने कहा है कि अगले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता भारत करेगा। भारत 2021 में होने वाले ब्रिक्स देशों के 13वें शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2012 और 2016 में ब्रिक्स देशों के शिखर सम्मेलन की अध्यक्षता की है। ब्रिक्स सम्मेलन में आपसी सहयोग और आतंकवाद, व्यापार, स्वास्थ्य, ऊर्जा के साथ ही कोरोना महामारी के चलते हुए नुकसान की भरपाई जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। इसमें भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के अलावा ब्राजील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी शामिल हुए। भारत-चीन के बीच तनाव के दौरान हुआ ब्रिक्स सम्मेलन ब्रिक्स देशों का यह सम्मेलन ऐसे समय पर आयोजित हुआ, जब इसके दो प्रमुख सदस्य देशों भारत और चीन के बीच पूर्वी लद्दाख में तनाव बना हुआ है। हालांकि, अब दोनों पक्ष ऊंचाई वाले इलाकों से सैनिकों को पीछे हटाने के प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं। पिछले एक महीने में ये दूसरी बार है जब मोदी और जिनपिंग वीडियो कॉल पर आमने-सामने आए। पिछले सप्ताह शंघाई सहयोग संगठन की बैठक में दोनों शामिल हुए थे। कोरोना के चलते इस बार शिखर सम्मेलन का आयोजन वर्चुअल माध्यम से किया गया। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

ब्रिक्स सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कोरोना से मुकाबले के लिए आपसी सहयोग पर भी जोर दिया।Read More

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