घाटों पर उमड़ी भीड़, सूप में फल-ठेकुआ सजाकर श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य दियाDainik Bhaskar


छठ महापर्व की आस्था बिहार के घाटों पर बिखर गई है। हर तरफ श्रद्धालु हैं, पर्व मनाया जा रहा है। पटना के गंगा घाटों पर श्रद्धालु सूप पर फल, ठेकुए, कसार सजाकर पहुंच गए हैं। इन्हें छठी मइया को अर्पित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू कर दिया है।

पटना: सोशल डिस्टेंसिंग गायब, चाट और गोलगप्पे की दुकानें सजीं

पटना के घाटों पर भीड़ उमड़ी। लोग मास्क पहने नजर तो आए पर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखीं। घाटों पर ही चाट और गोलगप्पे की दुकानें सजीं। सेल्फी का दौर भी लगातार चला। शहर के पार्कों में बने तालाबों में भी लोगों ने छठ का पर्व मनाया। ज्यादातर जगहों पर घरों और अपार्टमेंट्स की छत पर भी पर्व मनाया गया। मनाही के बावजूद लोगों ने आतिशबाजी की।

पटना में प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वो घर पर ही छठ मनाए। पर हर किसी के घर में इतनी जगह नहीं होती कि वो छठ मना सकें। ऐसे में लोग घाटों पर भी गए। प्रशासन ने पटना के 24 घाटों को खतरनाक घोषित कर रखा है।

बिहार में मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार ने स्वीमिंग पूल में अर्घ्य दिया। इस बार नीतीश की भाभी ने छठ का व्रत रखा है।
पटना के एक घाट पर छठी मइया को अर्पित करने के लिए सूप में ठेकुआ, फल और कसार सजाए महिला।
फोटो पटना के दीघा घाट की है। यहां पर छठ मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ी है।
बिहार के पटना कॉलेज घाट पर श्रद्धालु छठ मनाने पहुंचे। कोरोना के चलते प्रशासन की अपील के बावजूद यहां काफी भीड़ नजर आई।

भागलपुर: शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया पर्व

सभी घाटों पर शांतिपूर्ण ढंग से छठ का पहला अर्घ्य दिया गया। बूढ़ानाथ घाट, माणिक सरकार घाट, दीप नगर घाट, आदमपुर घाट, खंजरपुर घाट, बड़ी खंजरपुर घाट, बरारी पुल घाट, बरारी घाट, मुसहरी घाट, बरारी सीढ़ी घाट, सबौर बाबू पुल घाट सहित अन्य पोखरों और तालाबों पर श्रद्धालुओं ने पहला अर्घ्य दिया।

पूर्णिया: लोगों को घाट तक जाने में दिक्कत हुई

सिटी काली घाट, चूनापुर घाट, कला भवन घाट, छठ पोखर, काझा पोखर पर श्रद्धालु पहुंचे। व्यवस्थाओं की कमी के चलते लोगों को घाट तक जाने में दिक्कतें आईं। व्यवस्था नहीं होने के कारण घाटों तक लोगों को जाने में परेशानी हुई।

मुजफ्फरपुर और गोपालगंज में गंडक नदी के किनारे व्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। बक्सर, मुंगेर में गंगा घाटों पर लोगों ने अर्घ्य दिया। सीतामढ़ी में लखनदेई नदी सहित तालाबों पर श्रद्धालु छठ मनाने पहुंचे।

सबको जोड़ रहा छठ
नदियों के घाटों पर न पुरोहित हैं, न मंत्रोच्चार। व्रती और भगवान सूर्य के बीच कोई नहीं है। भक्त और भगवान का सीधा संवाद है छठ। आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अगली सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। चार दिन के इस पर्व में महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला उपवास रखा है। छठ सभी जातियों और धर्मों को जोड़ने वाला महापर्व है और घाटों पर इसका नजारा साफ दिख रहा है।

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पटना के दीघा घाट पर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते श्रद्दालु।

छठ महापर्व की आस्था बिहार के घाटों पर बिखर गई है। हर तरफ श्रद्धालु हैं, पर्व मनाया जा रहा है। पटना के गंगा घाटों पर श्रद्धालु सूप पर फल, ठेकुए, कसार सजाकर पहुंच गए हैं। इन्हें छठी मइया को अर्पित किया जा रहा है। श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य को अर्घ्य देना शुरू कर दिया है। पटना: सोशल डिस्टेंसिंग गायब, चाट और गोलगप्पे की दुकानें सजीं पटना के घाटों पर भीड़ उमड़ी। लोग मास्क पहने नजर तो आए पर सोशल डिस्टेंसिंग नहीं दिखीं। घाटों पर ही चाट और गोलगप्पे की दुकानें सजीं। सेल्फी का दौर भी लगातार चला। शहर के पार्कों में बने तालाबों में भी लोगों ने छठ का पर्व मनाया। ज्यादातर जगहों पर घरों और अपार्टमेंट्स की छत पर भी पर्व मनाया गया। मनाही के बावजूद लोगों ने आतिशबाजी की। पटना में प्रशासन ने लोगों से अपील की थी कि वो घर पर ही छठ मनाए। पर हर किसी के घर में इतनी जगह नहीं होती कि वो छठ मना सकें। ऐसे में लोग घाटों पर भी गए। प्रशासन ने पटना के 24 घाटों को खतरनाक घोषित कर रखा है। बिहार में मुख्यमंत्री आवास पर नीतीश कुमार ने स्वीमिंग पूल में अर्घ्य दिया। इस बार नीतीश की भाभी ने छठ का व्रत रखा है।पटना के एक घाट पर छठी मइया को अर्पित करने के लिए सूप में ठेकुआ, फल और कसार सजाए महिला।फोटो पटना के दीघा घाट की है। यहां पर छठ मनाने वालों की भारी भीड़ उमड़ी है। बिहार के पटना कॉलेज घाट पर श्रद्धालु छठ मनाने पहुंचे। कोरोना के चलते प्रशासन की अपील के बावजूद यहां काफी भीड़ नजर आई।भागलपुर: शांतिपूर्ण ढंग से मनाया गया पर्व सभी घाटों पर शांतिपूर्ण ढंग से छठ का पहला अर्घ्य दिया गया। बूढ़ानाथ घाट, माणिक सरकार घाट, दीप नगर घाट, आदमपुर घाट, खंजरपुर घाट, बड़ी खंजरपुर घाट, बरारी पुल घाट, बरारी घाट, मुसहरी घाट, बरारी सीढ़ी घाट, सबौर बाबू पुल घाट सहित अन्य पोखरों और तालाबों पर श्रद्धालुओं ने पहला अर्घ्य दिया। पूर्णिया: लोगों को घाट तक जाने में दिक्कत हुई सिटी काली घाट, चूनापुर घाट, कला भवन घाट, छठ पोखर, काझा पोखर पर श्रद्धालु पहुंचे। व्यवस्थाओं की कमी के चलते लोगों को घाट तक जाने में दिक्कतें आईं। व्यवस्था नहीं होने के कारण घाटों तक लोगों को जाने में परेशानी हुई। मुजफ्फरपुर और गोपालगंज में गंडक नदी के किनारे व्रतियों ने सूर्य को अर्घ्य दिया। बक्सर, मुंगेर में गंगा घाटों पर लोगों ने अर्घ्य दिया। सीतामढ़ी में लखनदेई नदी सहित तालाबों पर श्रद्धालु छठ मनाने पहुंचे। सबको जोड़ रहा छठ नदियों के घाटों पर न पुरोहित हैं, न मंत्रोच्चार। व्रती और भगवान सूर्य के बीच कोई नहीं है। भक्त और भगवान का सीधा संवाद है छठ। आज डूबते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद अगली सुबह उगते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। चार दिन के इस पर्व में महिलाओं ने 36 घंटे का निर्जला उपवास रखा है। छठ सभी जातियों और धर्मों को जोड़ने वाला महापर्व है और घाटों पर इसका नजारा साफ दिख रहा है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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