जब राजीव की ‘बोफोर्स’ के सामने खड़ी हो गई थी विपक्ष की ‘तोप’; लोकसभा में 404 से 193 सीट पर सिमट गई थी कांग्रेसDainik Bhaskar


बात 31 साल पहले की है। कुछ महीनों बाद ही लोकसभा चुनाव होने थे। लेकिन उसके पहले ही 24 जून 1989 को लोकसभा में बोफोर्स तोप घोटाले पर विपक्ष की तोप खड़ी हो गई थी। उस समय 514 सीटों वाली लोकसभा में विपक्ष के सिर्फ 110 सांसद ही थे।

कांग्रेस के पास 404 सांसद थे। इस दिन ने कांग्रेस की राजनीति में भूचाल ला दिया। मामला 1,437 करोड़ रुपए के बोफोर्स घोटाले का था, जिसमें स्वीडिश कंपनी AB बोफोर्स से 155 मिमी की 400 हॉविट्जर तोपों का सौदा हुआ था। 1986 में हुई बोफोर्स डील में भ्रष्टाचार और दलाली का खुलासा 1987 में स्वीडिश रेडियो ने किया था।

आरोप था कि कंपनी ने सौदे के लिए भारतीय नेताओं और रक्षा मंत्रालय को 60 करोड़ रुपए की घूस दी। नवंबर में ही चुनाव हुए। उस समय 5 पार्टियों ने मिलकर नेशनल फ्रंट बनाया, जिसके नेता थे वीपी सिंह। नतीजे आए और कांग्रेस सिर्फ 193 सीट ही जीत सकी।

नेशनल फ्रंट को भी बहुमत नहीं मिला। बाद में भाजपा और लेफ्ट पार्टियों ने भी वीपी सिंह को समर्थन दिया और प्रधानमंत्री बनाया। 29 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने पद से इस्तीफा दे दिया।

वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री रहे थे।

हालांकि, नेशनल फ्रंट की सरकार ज्यादा नहीं चली और कुछ ही महीनों में वीपी सिंह ने इस्तीफा दे दिया। बाद में कांग्रेस के समर्थन से जनता दल के नेता चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने। लेकिन उनकी सरकार पर राजीव गांधी की जासूसी करवाने के आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया और उनकी सरकार भी गिर गई।

73 साल पहले UN ने फिलिस्तीन को अरब और यहूदियों के बीच बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी
29 नवंबर 1947 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलिस्तीन को अरब और यहूदियों के बीच बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यहूदी राष्ट्र इजरायल ने प्रस्ताव माना, जबकि अरब और फिलिस्तीनी नेताओं ने इसे खारिज कर दिया। बाद में 14 मई 1948 को इजरायल का गठन हुआ। उसके बाद से ही इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव जारी है।

भारत और दुनिया में 29 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैंः

  • 1516: फ्रांस और स्विट्जरलैंड ने फ्रेईबर्ग के शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।
  • 1775: सर जेम्स जे ने अदृश्य स्याही की खोज की।
  • 1830: पोलैंड में रूस के शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ।
  • 1870: ब्रिटेन में आवश्यक शिक्षा कानून लागू हुआ।
  • 1916: अमेरिका ने डोमिनिकन रिपब्लिक में मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की।
  • 1944: अल्बानिया को नाजी कब्जे से छुड़ाया गया।
  • 1949: पूर्वी जर्मनी में यूरेनियम खदान में विस्फोट से 3,700 लोगों की मौत।
  • 1961: दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन भारत आए।
  • 1970: हरियाणा 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य पाने वाला पहला भारतीय राज्य बना।
  • 1987: कोरियाई विमान में थाईलैंड-म्यांमार की सीमा के पास विस्फोट में 115 लोगों की मौत।
  • 2012: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलिस्तीन को गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य का दर्जा दिया।
  • 2015: अमेरिकी समाजशास्त्री और शिक्षाविद ओटो न्यूमैन का निधन।

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बात 31 साल पहले की है। कुछ महीनों बाद ही लोकसभा चुनाव होने थे। लेकिन उसके पहले ही 24 जून 1989 को लोकसभा में बोफोर्स तोप घोटाले पर विपक्ष की तोप खड़ी हो गई थी। उस समय 514 सीटों वाली लोकसभा में विपक्ष के सिर्फ 110 सांसद ही थे। कांग्रेस के पास 404 सांसद थे। इस दिन ने कांग्रेस की राजनीति में भूचाल ला दिया। मामला 1,437 करोड़ रुपए के बोफोर्स घोटाले का था, जिसमें स्वीडिश कंपनी AB बोफोर्स से 155 मिमी की 400 हॉविट्जर तोपों का सौदा हुआ था। 1986 में हुई बोफोर्स डील में भ्रष्टाचार और दलाली का खुलासा 1987 में स्वीडिश रेडियो ने किया था। आरोप था कि कंपनी ने सौदे के लिए भारतीय नेताओं और रक्षा मंत्रालय को 60 करोड़ रुपए की घूस दी। नवंबर में ही चुनाव हुए। उस समय 5 पार्टियों ने मिलकर नेशनल फ्रंट बनाया, जिसके नेता थे वीपी सिंह। नतीजे आए और कांग्रेस सिर्फ 193 सीट ही जीत सकी। नेशनल फ्रंट को भी बहुमत नहीं मिला। बाद में भाजपा और लेफ्ट पार्टियों ने भी वीपी सिंह को समर्थन दिया और प्रधानमंत्री बनाया। 29 नवंबर 1989 को राजीव गांधी ने पद से इस्तीफा दे दिया। वीपी सिंह 2 दिसंबर 1989 से 10 नवंबर 1990 तक प्रधानमंत्री रहे थे।हालांकि, नेशनल फ्रंट की सरकार ज्यादा नहीं चली और कुछ ही महीनों में वीपी सिंह ने इस्तीफा दे दिया। बाद में कांग्रेस के समर्थन से जनता दल के नेता चंद्रशेखर प्रधानमंत्री बने। लेकिन उनकी सरकार पर राजीव गांधी की जासूसी करवाने के आरोप लगने के बाद कांग्रेस ने समर्थन वापस ले लिया और उनकी सरकार भी गिर गई। 73 साल पहले UN ने फिलिस्तीन को अरब और यहूदियों के बीच बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी 29 नवंबर 1947 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलिस्तीन को अरब और यहूदियों के बीच बांटने के प्रस्ताव को मंजूरी दी थी। यहूदी राष्ट्र इजरायल ने प्रस्ताव माना, जबकि अरब और फिलिस्तीनी नेताओं ने इसे खारिज कर दिया। बाद में 14 मई 1948 को इजरायल का गठन हुआ। उसके बाद से ही इजरायल और फिलिस्तीन के बीच तनाव जारी है। भारत और दुनिया में 29 नवंबर की महत्वपूर्ण घटनाएं इस प्रकार हैंः 1516: फ्रांस और स्विट्जरलैंड ने फ्रेईबर्ग के शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए।1775: सर जेम्स जे ने अदृश्य स्याही की खोज की।1830: पोलैंड में रूस के शासन के खिलाफ विद्रोह शुरू हुआ।1870: ब्रिटेन में आवश्यक शिक्षा कानून लागू हुआ।1916: अमेरिका ने डोमिनिकन रिपब्लिक में मार्शल लॉ लगाने की घोषणा की।1944: अल्बानिया को नाजी कब्जे से छुड़ाया गया।1949: पूर्वी जर्मनी में यूरेनियम खदान में विस्फोट से 3,700 लोगों की मौत।1961: दुनिया के पहले अंतरिक्ष यात्री यूरी गागरिन भारत आए।1970: हरियाणा 100 फीसदी ग्रामीण विद्युतीकरण का लक्ष्य पाने वाला पहला भारतीय राज्य बना।1987: कोरियाई विमान में थाईलैंड-म्यांमार की सीमा के पास विस्फोट में 115 लोगों की मौत।2012: संयुक्त राष्ट्र महासभा ने फिलिस्तीन को गैर-सदस्य पर्यवेक्षक राज्य का दर्जा दिया।2015: अमेरिकी समाजशास्त्री और शिक्षाविद ओटो न्यूमैन का निधन। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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