सुशील मोदी ने कहा- मैं भले ही बिहार सरकार का हिस्सा नहीं, पर आत्मा उसी में बसती हैDainik Bhaskar


रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट से भाजपा ने सुशील मोदी का नाम फाइनल कर दिया है, पर उनके दिल में बिहार सरकार ही है। सुशील मोदी ने रविवार को कहा कि मैं बिहार सरकार का हिस्सा नहीं हूूं, लेकिन मेरी आत्मा उसी के भीतर बसती है।

बिहार की पिछली NDA सरकार में सुशील मोदी डिप्टी सीएम के पद पर थे। हालांकि, इस बार ये जिम्मा उन्हें नहीं सौंपा गया है। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। ये खबर भास्कर ने बिहार में नीतीश के शपथ ग्रहण से पहले ही दे दी थी।

जब तक जिंदा हैं, तब तक भाजपा को कमजोर नहीं होने देंगे- सुशील मोदी
सुशील मोदी ने एक और बात रविवार को कही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वन-वे ट्रैफिक की तरह है। इसमें आप आ तो सकते हैं, लेकिन बाहर नहीं जा सकते हैं। जिसने भी भाजपा छोड़ी है, वो कभी शांति से नहीं जी पाया है। जब तक हम जिंदा हैं, हम अपनी पार्टी को कभी भी कमजोर नहीं होने देंगे।

कई नाम चर्चा में थे, पर फाइनल सुशील मोदी हुए
इस सीट के लिए भाजपा की तरफ से शाहनवाज हुसैन को भी भेजे जाने की चर्चा थी। इसके अलावा वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा के बेटे ऋतुराज के नाम की भी चर्चा थी। आखिरकार सुशील मोदी को ही भाजपा ने अपना कैंडिडेट बनाया है। हालांकि, नीतीश कुमार की पसंद के खिलाफ भाजपा सुशील मोदी को बिहार से केंद्र भेज रही है।

सुशील मोदी डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने पर नाराज थे। उन्होंने ये नाराजगी जाहिर करने से परहेज भी नहीं किया। जब ये खबरें चल रही थीं कि सुशील मोदी को केंद्र भेजा जाएगा, तभी उन्होंने ट्वीट किया था। लिखा था- जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाऊंगा। कार्यकर्ता का पद तो वापस नहीं लिया जा सकता है।

राजद भी उतारेगी कैंडिडेट
राजद भी राज्यसभा चुनाव में अपना कैंडिडेट उतारेगी। हालांकि, अभी राजद ने किसी नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी के नामों की चर्चा है। अगर राजद कैंडिडेट उतारती है तो सदन में वोटिंग की स्थिति बन जाएगी।

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सुशील मोदी हमेशा से नीतीश के करीबी रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा ने इस बार उन्हें नीतीश की पसंद के खिलाफ केंद्र भेजा है। – फाइल फोटो

रामविलास पासवान के निधन के बाद खाली हुई राज्यसभा की सीट से भाजपा ने सुशील मोदी का नाम फाइनल कर दिया है, पर उनके दिल में बिहार सरकार ही है। सुशील मोदी ने रविवार को कहा कि मैं बिहार सरकार का हिस्सा नहीं हूूं, लेकिन मेरी आत्मा उसी के भीतर बसती है। बिहार की पिछली NDA सरकार में सुशील मोदी डिप्टी सीएम के पद पर थे। हालांकि, इस बार ये जिम्मा उन्हें नहीं सौंपा गया है। भाजपा ने उन्हें राज्यसभा भेजने का फैसला किया है। ये खबर भास्कर ने बिहार में नीतीश के शपथ ग्रहण से पहले ही दे दी थी। जब तक जिंदा हैं, तब तक भाजपा को कमजोर नहीं होने देंगे- सुशील मोदी सुशील मोदी ने एक और बात रविवार को कही है। उन्होंने कहा कि भाजपा वन-वे ट्रैफिक की तरह है। इसमें आप आ तो सकते हैं, लेकिन बाहर नहीं जा सकते हैं। जिसने भी भाजपा छोड़ी है, वो कभी शांति से नहीं जी पाया है। जब तक हम जिंदा हैं, हम अपनी पार्टी को कभी भी कमजोर नहीं होने देंगे। कई नाम चर्चा में थे, पर फाइनल सुशील मोदी हुए इस सीट के लिए भाजपा की तरफ से शाहनवाज हुसैन को भी भेजे जाने की चर्चा थी। इसके अलावा वरिष्ठ नेता आरके सिन्हा के बेटे ऋतुराज के नाम की भी चर्चा थी। आखिरकार सुशील मोदी को ही भाजपा ने अपना कैंडिडेट बनाया है। हालांकि, नीतीश कुमार की पसंद के खिलाफ भाजपा सुशील मोदी को बिहार से केंद्र भेज रही है। सुशील मोदी डिप्टी सीएम नहीं बनाए जाने पर नाराज थे। उन्होंने ये नाराजगी जाहिर करने से परहेज भी नहीं किया। जब ये खबरें चल रही थीं कि सुशील मोदी को केंद्र भेजा जाएगा, तभी उन्होंने ट्वीट किया था। लिखा था- जो जिम्मेदारी मिलेगी, उसे निभाऊंगा। कार्यकर्ता का पद तो वापस नहीं लिया जा सकता है। राजद भी उतारेगी कैंडिडेट राजद भी राज्यसभा चुनाव में अपना कैंडिडेट उतारेगी। हालांकि, अभी राजद ने किसी नाम का ऐलान नहीं किया है, लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह और वरिष्ठ नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी के नामों की चर्चा है। अगर राजद कैंडिडेट उतारती है तो सदन में वोटिंग की स्थिति बन जाएगी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

सुशील मोदी हमेशा से नीतीश के करीबी रहे हैं। माना जा रहा है कि भाजपा ने इस बार उन्हें नीतीश की पसंद के खिलाफ केंद्र भेजा है। – फाइल फोटोRead More

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