मॉडर्ना की वैक्सीन कुछ केस में 100% असरदार, कंपनी US में इमरजेंसी यूज की मंजूरी मांगेगीDainik Bhaskar


अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को बताया कि वह अपनी कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए अमेरिका और यूरोपियन रेगुलेटर्स को अप्लाई करेगी। वैक्सीन के लास्ट स्टेज ट्रायल के बाद कंपनी ने दावा किया कि यह कोरोना से लड़ने में 94% तक कारगर है। कुछ गंभीर मामलों में तो इसने 100% असर दिखाया है।

कंपनी के चीफ एक्जीक्यूटिव स्टीफन बैंसेल ने एक इंटरव्यू में बताया कि अगर वैक्सीन के लिए मंजूरी मिल जाती है और सब कुछ ठीक रहा तो इसका पहला डोज 21 दिसंबर तक दिया जा सकता है। मॉडर्ना ने यह वैक्सीन US नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ की मदद से तैयार की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस खबर पर खुशी जताई।

इस साल 2 करोड़ डोज तैयार होंगे

बैंसेल ने उम्मीद जताई कि कि 2020 के आखिर तक mRNA-1273 वैक्सीन के अमेरिका में लगभग 2 करोड़ डोज उपलब्ध होंगे। कंपनी 2021 तक 50 करोड़ से एक अरब तक डोज बनाने की तैयारी कर रही है। एक शख्स को दो डोज की जरूरत होगी। इस लिहाज से इस साल एक करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जा सकेगी।

फाइजर ने भी किया अप्लाई

एक हफ्ते पहले ही एक और कंपनी फाइजर और उसकी पार्टनर जर्मन कंपनी बायो एन टेक ने US रेगुलेटरी से अप्रूवल मांगा था। फाइजर ने 20 नवंबर को अप्लाई किया था। फाइजर का दावा है कि वह इस साल 5 करोड़ डोज का प्रोडक्शन कर सकती है। फाइजर की वैक्सीन के भी दो डोज देने होंगे।

मॉडर्ना की वैक्सीन एवरेज 94.1% असरदार

मॉडर्ना ने सोमवार को ही वैक्सीन के पिछले सप्ताह आए ट्रायल के नतीजे बताए। इसमें यह वैक्सीन 94.1% असरदार रही है। इसके लिए 30 हजार लोगों पर स्टडी की गई है। आखिर में पूरे अमेरिका में 196 ट्रायल किए गए। इनमें से 185 को डमी शॉट और 11 को वैक्सीन लगाई गई।

हालांकि, डमी शॉट लेने वाले वॉलंटियर्स में कुछ को गंभीर साइड इफेक्ट और एक मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले 16 नवंबर को जारी किए नतीजों में वैक्सीन को 94.5% असरदार पाया गया था।

ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन बना रहा रणनीति

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक प्रवक्ता माइकल बार्स ने ईमेल से बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस मसले पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ताकि लाखों अमेरिकियों की जिंदगी बचाई जा सके। इस पर इतिहास में बनी किसी भी वैक्सीन के मुकाबले पांच गुना ज्यादा तेजी से काम किया जा रहा है।

दो वैक्सीन के शुरुआती डोज जरूरत वाले ग्रुप को दिए जाएंगे। इनमें हेल्थ वर्कर, पुलिस, अहम इंडस्ट्री के कर्मचारी और नर्सिंग होम में रहने वाले लोग शामिल हैं। मंगलवार को डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के एडवाइजर्स का एक पैनल इस मसले पर मीटिंग करेगा कि वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन की शुरुआत कैसे की जाए। इस बीच अधिकारियों ने थैंक्स गिविंग ट्रैवल पर निकले लोगों से लौटने की गुजारिश की है।

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कंपनी ने दावा किया कि वैक्सीन कोरोना से लड़ने में एवरेज 94.1% कारगर है।

अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना ने सोमवार को बताया कि वह अपनी कोरोना वैक्सीन के इमरजेंसी यूज की मंजूरी के लिए अमेरिका और यूरोपियन रेगुलेटर्स को अप्लाई करेगी। वैक्सीन के लास्ट स्टेज ट्रायल के बाद कंपनी ने दावा किया कि यह कोरोना से लड़ने में 94% तक कारगर है। कुछ गंभीर मामलों में तो इसने 100% असर दिखाया है। कंपनी के चीफ एक्जीक्यूटिव स्टीफन बैंसेल ने एक इंटरव्यू में बताया कि अगर वैक्सीन के लिए मंजूरी मिल जाती है और सब कुछ ठीक रहा तो इसका पहला डोज 21 दिसंबर तक दिया जा सकता है। मॉडर्ना ने यह वैक्सीन US नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ हेल्थ की मदद से तैयार की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भी इस खबर पर खुशी जताई। Moderna now applying for Emergency Vaccine Approval.. @US_FDA MUST ACT QUICKLY!!! “Operation Warp Speed has been a great modern day miracle.” — Donald J. Trump (@realDonaldTrump) November 30, 2020इस साल 2 करोड़ डोज तैयार होंगे बैंसेल ने उम्मीद जताई कि कि 2020 के आखिर तक mRNA-1273 वैक्सीन के अमेरिका में लगभग 2 करोड़ डोज उपलब्ध होंगे। कंपनी 2021 तक 50 करोड़ से एक अरब तक डोज बनाने की तैयारी कर रही है। एक शख्स को दो डोज की जरूरत होगी। इस लिहाज से इस साल एक करोड़ लोगों को वैक्सीन दी जा सकेगी। फाइजर ने भी किया अप्लाई एक हफ्ते पहले ही एक और कंपनी फाइजर और उसकी पार्टनर जर्मन कंपनी बायो एन टेक ने US रेगुलेटरी से अप्रूवल मांगा था। फाइजर ने 20 नवंबर को अप्लाई किया था। फाइजर का दावा है कि वह इस साल 5 करोड़ डोज का प्रोडक्शन कर सकती है। फाइजर की वैक्सीन के भी दो डोज देने होंगे। मॉडर्ना की वैक्सीन एवरेज 94.1% असरदार मॉडर्ना ने सोमवार को ही वैक्सीन के पिछले सप्ताह आए ट्रायल के नतीजे बताए। इसमें यह वैक्सीन 94.1% असरदार रही है। इसके लिए 30 हजार लोगों पर स्टडी की गई है। आखिर में पूरे अमेरिका में 196 ट्रायल किए गए। इनमें से 185 को डमी शॉट और 11 को वैक्सीन लगाई गई। हालांकि, डमी शॉट लेने वाले वॉलंटियर्स में कुछ को गंभीर साइड इफेक्ट और एक मौत की जानकारी सामने आई है। इससे पहले 16 नवंबर को जारी किए नतीजों में वैक्सीन को 94.5% असरदार पाया गया था। ट्रम्प एडमिनिस्ट्रेशन बना रहा रणनीति राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के एक प्रवक्ता माइकल बार्स ने ईमेल से बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प इस मसले पर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, ताकि लाखों अमेरिकियों की जिंदगी बचाई जा सके। इस पर इतिहास में बनी किसी भी वैक्सीन के मुकाबले पांच गुना ज्यादा तेजी से काम किया जा रहा है। दो वैक्सीन के शुरुआती डोज जरूरत वाले ग्रुप को दिए जाएंगे। इनमें हेल्थ वर्कर, पुलिस, अहम इंडस्ट्री के कर्मचारी और नर्सिंग होम में रहने वाले लोग शामिल हैं। मंगलवार को डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के एडवाइजर्स का एक पैनल इस मसले पर मीटिंग करेगा कि वैक्सीन के डिस्ट्रीब्यूशन की शुरुआत कैसे की जाए। इस बीच अधिकारियों ने थैंक्स गिविंग ट्रैवल पर निकले लोगों से लौटने की गुजारिश की है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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