अगर आप पर है अपनों के देखभाल की जिम्मेदारी, तो रखें इन 4 बातों का ध्यानDainik Bhaskar


लाइफ में हम कभी न कभी केयरगिवर के रोल में होते हैं। केयरगिवर यानी देखभाल करने वाला। यह ऐसी जिम्मेदारी है, जब हमें अपनों की देखभाल करना होती है। अमेरिका में 5 में से 1 बच्चा इस तरह की जिम्मेदारी निभा रहा है। वह अपने बुजुर्ग पेरेंट्स या फैमिली मेंबर में से किसी न किसी की देखभाल कर रहा है।

रोसालिन कार्टर इंस्टीट्यूट फॉर केयर-गिविंग की संस्थापक रोसालिन कार्टर कहती हैं कि दुनिया में चार तरह के लोग हैं। पहले वह जो केयरगिवर थे, दूसरे वह जो अभी केयरगिवर हैं, तीसरे वह जो फ्यूचर में केयरगिवर होंगे और चौथे वे जिनको केयरगिवर की जरूरत है।

केयरगिवर एक तरह की जॉब और एक तरह की जिम्मेदारी भी है। कई लोग इसे पेशे के तौर पर लेते हैं। वहीं, जो लोग अलग से केयरगिवर रखने के स्थिति में नहीं होते, तो उनके फैमिली मेंबर पर यह जिम्मेदारी आ जाती है। इस रोल में आपकी लाइफ पूरी तरह चेंज हो जाती है। न आप छुट्टियों में घूमने जा सकते हैं और न ही ज्यादा देर के लिए घर से बाहर जा सकते हैं।

देखभाल करने में हमारे सामने बहुत सारे चैलेंज होते हैं। जैसे मरीज को समय पर दवाई देना, उसकी बेडशीट बदलना, उसे नहलाना या उसके सारे काम करना। इसके लिए खूब सारी एनर्जी और पेशेंस चाहिए होता है।

अगर आप केयरगिवर के रोल में हैं या हो सकते हैं तो इन 4 बातों का ध्यान रखें

1. पहले से प्लानिंग करें और चीजों को व्यवस्थित रखें

अगर आप किसी की देखभाल कर रहे हैं। अपने किसी करीबी जैसे पेरेंट्स या पार्टनर के देखभाल के बारे में सोच रहे हैं। तो इसके लिए आपको पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए। देखभाल रखने के लिए भी प्लानिंग की जरूरत होती है। इसलिए सबसे पहले किसी भी तरह की हेल्थ इमरजेंसी के लिए तैयार रहें।

2- अपनों के अलावा खुद का ख्याल भी रखें

केयरगिवर के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद की सेहत की होती है। उनका रोल बहुत तनाव वाला रहता है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत पर ध्यान देने का वक्त नहीं मिलता। इसकी वजह से कई बार उनकी भी तबियत बिगड़ने लगती है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है।

3- कोरोना से बचने के लिए 6 बातों का ख्याल रखें

कोरोना ने लोगों के सामने कई तरह के चैलेंज ला दिए हैं। ऐसे में अब केयरगिवर के सामने भी यह एक चुनौती है। कई कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में हैं तो उनकी केयर करने में कुछ ज्यादा ही चुनौतियां हैं। इसमें उन्हें दो तरह की जिम्मेदारी पूरी करना पड़ रही है। पहला तो अपनी सेहत का ख्याल रखना और दूसरा जरूरतमंद की भी देखभाल करना है।

4. केयरगिवर के रोल में नए हैं तो हॉस्पिटल के स्टाफ से सलाह लें

  • आजकल डॉक्टर, नर्स और स्टाफ बॉय काम का बोझ होने के चलते मरीजों के साथ कम समय बीता रहे हैं। अब हॉस्पिटल में देखभाल की बजाय मरीजों को घर पर देखभाल करने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में केयरगिवर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन पर मरीजों को समय पर दवाई से लेकर खाना खिलाने और बाकी चीजों का ख्याल रखना होता है।
  • अगर आप इस काम में नये हैं तो हॉस्पिटल स्टाफ से सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर से भी देखभाल को लेकर टिप्स ले सकते हैं। साथ ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने से पहले उस तरह के सभी काम को समझ लें, जो मरीज की देखभाल में घर पर भी करना होगा।

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


How To Become Better Caregiver (Dekh Bhal); Everything Know In Simple Words In Hindi

लाइफ में हम कभी न कभी केयरगिवर के रोल में होते हैं। केयरगिवर यानी देखभाल करने वाला। यह ऐसी जिम्मेदारी है, जब हमें अपनों की देखभाल करना होती है। अमेरिका में 5 में से 1 बच्चा इस तरह की जिम्मेदारी निभा रहा है। वह अपने बुजुर्ग पेरेंट्स या फैमिली मेंबर में से किसी न किसी की देखभाल कर रहा है। रोसालिन कार्टर इंस्टीट्यूट फॉर केयर-गिविंग की संस्थापक रोसालिन कार्टर कहती हैं कि दुनिया में चार तरह के लोग हैं। पहले वह जो केयरगिवर थे, दूसरे वह जो अभी केयरगिवर हैं, तीसरे वह जो फ्यूचर में केयरगिवर होंगे और चौथे वे जिनको केयरगिवर की जरूरत है। केयरगिवर एक तरह की जॉब और एक तरह की जिम्मेदारी भी है। कई लोग इसे पेशे के तौर पर लेते हैं। वहीं, जो लोग अलग से केयरगिवर रखने के स्थिति में नहीं होते, तो उनके फैमिली मेंबर पर यह जिम्मेदारी आ जाती है। इस रोल में आपकी लाइफ पूरी तरह चेंज हो जाती है। न आप छुट्टियों में घूमने जा सकते हैं और न ही ज्यादा देर के लिए घर से बाहर जा सकते हैं। देखभाल करने में हमारे सामने बहुत सारे चैलेंज होते हैं। जैसे मरीज को समय पर दवाई देना, उसकी बेडशीट बदलना, उसे नहलाना या उसके सारे काम करना। इसके लिए खूब सारी एनर्जी और पेशेंस चाहिए होता है। अगर आप केयरगिवर के रोल में हैं या हो सकते हैं तो इन 4 बातों का ध्यान रखें 1. पहले से प्लानिंग करें और चीजों को व्यवस्थित रखें अगर आप किसी की देखभाल कर रहे हैं। अपने किसी करीबी जैसे पेरेंट्स या पार्टनर के देखभाल के बारे में सोच रहे हैं। तो इसके लिए आपको पहले से तैयारी कर लेनी चाहिए। देखभाल रखने के लिए भी प्लानिंग की जरूरत होती है। इसलिए सबसे पहले किसी भी तरह की हेल्थ इमरजेंसी के लिए तैयार रहें। 2- अपनों के अलावा खुद का ख्याल भी रखें केयरगिवर के सामने सबसे बड़ी चुनौती खुद की सेहत की होती है। उनका रोल बहुत तनाव वाला रहता है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत पर ध्यान देने का वक्त नहीं मिलता। इसकी वजह से कई बार उनकी भी तबियत बिगड़ने लगती है। ऐसे में उन्हें अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद जरूरी हो जाता है। 3- कोरोना से बचने के लिए 6 बातों का ख्याल रखें कोरोना ने लोगों के सामने कई तरह के चैलेंज ला दिए हैं। ऐसे में अब केयरगिवर के सामने भी यह एक चुनौती है। कई कोरोना मरीज होम आइसोलेशन में हैं तो उनकी केयर करने में कुछ ज्यादा ही चुनौतियां हैं। इसमें उन्हें दो तरह की जिम्मेदारी पूरी करना पड़ रही है। पहला तो अपनी सेहत का ख्याल रखना और दूसरा जरूरतमंद की भी देखभाल करना है। 4. केयरगिवर के रोल में नए हैं तो हॉस्पिटल के स्टाफ से सलाह लें आजकल डॉक्टर, नर्स और स्टाफ बॉय काम का बोझ होने के चलते मरीजों के साथ कम समय बीता रहे हैं। अब हॉस्पिटल में देखभाल की बजाय मरीजों को घर पर देखभाल करने की सलाह दी जा रही है। ऐसे में केयरगिवर की जिम्मेदारी बढ़ गई है। उन पर मरीजों को समय पर दवाई से लेकर खाना खिलाने और बाकी चीजों का ख्याल रखना होता है।अगर आप इस काम में नये हैं तो हॉस्पिटल स्टाफ से सलाह ले सकते हैं। डॉक्टर से भी देखभाल को लेकर टिप्स ले सकते हैं। साथ ही हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होने से पहले उस तरह के सभी काम को समझ लें, जो मरीज की देखभाल में घर पर भी करना होगा। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

How To Become Better Caregiver (Dekh Bhal); Everything Know In Simple Words In HindiRead More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *