विधान परिषद की 6 में से 4 सीटों पर महाविकास अघाड़ी जीती, भाजपा नागपुर में भी हारीDainik Bhaskar


एक दिसंबर को महाराष्ट्र की 6 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे शुक्रवार को आ गए। महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस-NCP और शिवसेना) 4 सीटें जीतने में कामयाब रही। वहीं, भाजपा और निर्दलीय के खाते में एक-एक सीट आई। MVA की चार सीटों में से कांग्रेस को 2 और NCP को एक सीट मिली है। बतौर CM उद्धव की लीडरशिप में यह पहला चुनाव था।

इन चुनावों में भाजपा को अपने सबसे मजबूत गढ़ यानी नागपुर में हार मिली है। यहां कांग्रेस के उम्मीदवार ने भाजपा के मेयर को हरा दिया। नागपुर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का इलाका रहा है। फडणवीस के पिता गंगाधर राव ने भी इस सीट से कभी जीत हासिल की थी। नागपुर RSS का गढ़ भी रहा है। इस हिसाब से यह भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

कांग्रेस और NCP का 100% रिजल्ट रहा
पोस्टल बैलेट पर हुए इन चुनावों की काउंटिंग 3 दिसंबर से जारी थी। अभी भी कुछ सीटों पर औपचारिक ऐलान बाकी है। महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में BJP ने 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और एक सीट पर निर्दलीय को समर्थन दिया था। वहीं, महाविकास अघाड़ी 5 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिनमें शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP 2 और कांग्रेस 2 सीटों पर और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक सीट पर मैदान में थी। इस हिसाब से कांग्रेस और एनसीपी का रिजल्ट 100% रहा है।

कहां किसकी हुई जीत?

  • पुणे: महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार अरुण लाड ने भाजपा के उम्मीदवार संग्राम देशमुख को 48,800 से अधिक वोटों से हरा कर राज्य विधान परिषद चुनाव में पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर जीत हासिल कर ली।
  • पुणे स्नातक क्षेत्र: इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार जयंत आसगावकर ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जितेंद्र पवार को पटखनी दी है। आसगावकर को 17117 वोट मिले हैं, जबकि पवार को 11167 वोट से संतोष करना पड़ा है। खास यह है कि पवार को शिक्षक परिषद ने उम्मीदवार बनाया था।
  • अमरावती: निर्दलीय उम्मीदवार किरण सरनाइक यहां से विजयी हुए हैं। हालांकि, तकनीकी वजहों से उनकी जीत अभी तक आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी महाविकास अघाड़ी उम्मीदवार श्रीकांत देशपांडे से 2 हजार से ज्यादा वोटों से बढ़त बनाई है। इस सीट पर भाजपा के पूर्व कृषि मंत्री अनिल बोंडे की बहन संगीता शिंदे (बोंडे) निर्दलीय मैदान में थीं। इस सीट से राकांपा के बागी चंद्रशेखर भोयर बतौर निर्दलीय मैदान में थे।
  • नागपुर स्नातक क्षेत्र: यहां कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा प्रत्याशी संदीप जोशी को हराया है। जोशी नागपुर मनपा के महापौर भी हैं। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी 14407 वोटों से चुनाव जीते हैं। उन्हें 55947 मत प्राप्त हुए जबकि भाजपा उम्मीदवार संदीप जोशी को 41540 मत मिल सके। बता दें कि देर रात चौथे राउंड के अंत तक अभिजीत वंजारी 12707 मतों से आगे चल रहे थे और तभी से उनके समर्थक जीत का जश्न मनाने लगे थे।
  • औरंगाबाद स्नातक क्षेत्र: यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सतीश चव्हाण विजेता घोषित हुए हैं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार शिरीष बोरालकर को हराया है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री जयसिंह राव गायकवाड़ पाटील चुनाव के बीच भाजपा छोड़कर राकांपा में प्रवेश शामिल हो गए थे। इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ी गईं और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।
  • धुले-नदुरबार: यहां भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना से ज्यादा वोट हासिल कर जीत दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी पटेल को 434 वोटों में से 332 वोट मिले। विपक्षी प्रत्याशी अभिजीत पाटिल (कांग्रेस) को मात्र 98 वोट ही मिले। भाजपा के अमरीश रसिकलाल पटेल धुले-नदुरबार स्थानीय प्राधिकरणों के निर्वाचन क्षेत्र से जीते हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के 199 और कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी के महाविकास अघाड़ी के 213 सदस्यों ने वोटिंग की थी।

फडणवीस बोले- शिवसेना को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए
भाजपा की परफॉर्मेंस पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बचाव करते हुए शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा,’तीनों दलों के साथ आने की वजह से हमें ग्राउंड की सच्चाई का पता नहीं चली। लेकिन शिवसेना को कुछ भी नहीं मिला। उनका कोई भी उम्मीदवार नहीं जीता है। तीनों दलों के एक साथ आने के बाद अगर शिवसेना एक भी सीट नहीं जीती तो उसे आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।’

अजित पवार ने कहा- भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की हवा निकली
महाविकास अघाड़ी की सफलता पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि नतीजों ने विपक्ष को बड़ा झटका दिया है। पवार ने कहा, ‘नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस के पिता ने पिछले कई सालों से नागपुर में जिस सीट पर कब्जा किया था, अब महाविकास अघाड़ी का उम्मीदवार वहां जीत गया है। इसलिए भाजपा को समझना चाहिए कि जनता उनसे कितनी नाराज है। भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की हवा निकल गई है।’

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मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में यह पहला चुनाव था- फाइल फोटो।

एक दिसंबर को महाराष्ट्र की 6 विधान परिषद सीटों के लिए हुए चुनावों के नतीजे शुक्रवार को आ गए। महाविकास अघाड़ी (कांग्रेस-NCP और शिवसेना) 4 सीटें जीतने में कामयाब रही। वहीं, भाजपा और निर्दलीय के खाते में एक-एक सीट आई। MVA की चार सीटों में से कांग्रेस को 2 और NCP को एक सीट मिली है। बतौर CM उद्धव की लीडरशिप में यह पहला चुनाव था। इन चुनावों में भाजपा को अपने सबसे मजबूत गढ़ यानी नागपुर में हार मिली है। यहां कांग्रेस के उम्मीदवार ने भाजपा के मेयर को हरा दिया। नागपुर केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस का इलाका रहा है। फडणवीस के पिता गंगाधर राव ने भी इस सीट से कभी जीत हासिल की थी। नागपुर RSS का गढ़ भी रहा है। इस हिसाब से यह भाजपा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। कांग्रेस और NCP का 100% रिजल्ट रहा पोस्टल बैलेट पर हुए इन चुनावों की काउंटिंग 3 दिसंबर से जारी थी। अभी भी कुछ सीटों पर औपचारिक ऐलान बाकी है। महाराष्ट्र विधान परिषद के चुनाव में BJP ने 4 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारे थे और एक सीट पर निर्दलीय को समर्थन दिया था। वहीं, महाविकास अघाड़ी 5 सीटों पर चुनाव लड़ी थी, जिनमें शरद पवार के नेतृत्व वाली NCP 2 और कांग्रेस 2 सीटों पर और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना एक सीट पर मैदान में थी। इस हिसाब से कांग्रेस और एनसीपी का रिजल्ट 100% रहा है। कहां किसकी हुई जीत? पुणे: महाराष्ट्र विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार अरुण लाड ने भाजपा के उम्मीदवार संग्राम देशमुख को 48,800 से अधिक वोटों से हरा कर राज्य विधान परिषद चुनाव में पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र सीट पर जीत हासिल कर ली।पुणे स्नातक क्षेत्र: इस सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार जयंत आसगावकर ने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार जितेंद्र पवार को पटखनी दी है। आसगावकर को 17117 वोट मिले हैं, जबकि पवार को 11167 वोट से संतोष करना पड़ा है। खास यह है कि पवार को शिक्षक परिषद ने उम्मीदवार बनाया था।अमरावती: निर्दलीय उम्मीदवार किरण सरनाइक यहां से विजयी हुए हैं। हालांकि, तकनीकी वजहों से उनकी जीत अभी तक आधिकारिक रूप से घोषित नहीं हुई है। उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी महाविकास अघाड़ी उम्मीदवार श्रीकांत देशपांडे से 2 हजार से ज्यादा वोटों से बढ़त बनाई है। इस सीट पर भाजपा के पूर्व कृषि मंत्री अनिल बोंडे की बहन संगीता शिंदे (बोंडे) निर्दलीय मैदान में थीं। इस सीट से राकांपा के बागी चंद्रशेखर भोयर बतौर निर्दलीय मैदान में थे।नागपुर स्नातक क्षेत्र: यहां कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी ने भाजपा प्रत्याशी संदीप जोशी को हराया है। जोशी नागपुर मनपा के महापौर भी हैं। कांग्रेस उम्मीदवार अभिजीत वंजारी 14407 वोटों से चुनाव जीते हैं। उन्हें 55947 मत प्राप्त हुए जबकि भाजपा उम्मीदवार संदीप जोशी को 41540 मत मिल सके। बता दें कि देर रात चौथे राउंड के अंत तक अभिजीत वंजारी 12707 मतों से आगे चल रहे थे और तभी से उनके समर्थक जीत का जश्न मनाने लगे थे।औरंगाबाद स्नातक क्षेत्र: यहां राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के सतीश चव्हाण विजेता घोषित हुए हैं। उन्होंने भाजपा उम्मीदवार शिरीष बोरालकर को हराया है। पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री जयसिंह राव गायकवाड़ पाटील चुनाव के बीच भाजपा छोड़कर राकांपा में प्रवेश शामिल हो गए थे। इससे भाजपा की मुश्किलें बढ़ी गईं और उन्हें हार का मुंह देखना पड़ा।धुले-नदुरबार: यहां भारतीय जनता पार्टी ने शिवसेना से ज्यादा वोट हासिल कर जीत दर्ज की है। भाजपा प्रत्याशी पटेल को 434 वोटों में से 332 वोट मिले। विपक्षी प्रत्याशी अभिजीत पाटिल (कांग्रेस) को मात्र 98 वोट ही मिले। भाजपा के अमरीश रसिकलाल पटेल धुले-नदुरबार स्थानीय प्राधिकरणों के निर्वाचन क्षेत्र से जीते हैं। इस चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के 199 और कांग्रेस-शिवसेना-एनसीपी के महाविकास अघाड़ी के 213 सदस्यों ने वोटिंग की थी। फडणवीस बोले- शिवसेना को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए भाजपा की परफॉर्मेंस पर पूर्व मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने बचाव करते हुए शिवसेना पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा है कि शिवसेना को आत्मनिरीक्षण करना चाहिए। उन्होंने कहा,’तीनों दलों के साथ आने की वजह से हमें ग्राउंड की सच्चाई का पता नहीं चली। लेकिन शिवसेना को कुछ भी नहीं मिला। उनका कोई भी उम्मीदवार नहीं जीता है। तीनों दलों के एक साथ आने के बाद अगर शिवसेना एक भी सीट नहीं जीती तो उसे आत्मनिरीक्षण करना चाहिए।’ अजित पवार ने कहा- भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की हवा निकली महाविकास अघाड़ी की सफलता पर उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा है कि नतीजों ने विपक्ष को बड़ा झटका दिया है। पवार ने कहा, ‘नितिन गडकरी और देवेंद्र फडणवीस के पिता ने पिछले कई सालों से नागपुर में जिस सीट पर कब्जा किया था, अब महाविकास अघाड़ी का उम्मीदवार वहां जीत गया है। इसलिए भाजपा को समझना चाहिए कि जनता उनसे कितनी नाराज है। भाजपा के कुछ बड़े नेताओं की हवा निकल गई है।’ आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

मुख्यमंत्री बनने के बाद सीएम उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में यह पहला चुनाव था- फाइल फोटो।Read More

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