उपद्रव के दो दिन बाद 149 लोग गिरफ्तार, कंपनी ने कहा- 437 करोड़ रुपए का नुकसान हुआDainik Bhaskar


कर्नाटक के कोलार में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में शनिवार को हुई तोड़फोड़ के मामले में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई। यह प्लांट ताइवान की विस्ट्रॉन कॉर्पोरेशन चलाती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव टीडी प्रशांत के मुताबिक, इससे कंपनी को 437.40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस का कहना है कि कर्मचारी सैलरी कम किए जाने से गुस्सा थे। अब तक 149 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

कंपनी के एग्जीक्यूटिव ने शिकायत दर्ज कराई

प्रशांत ने वेमागल पुलिस स्टेशन में अपने बयान में कहा कि तोड़फोड़ में ऑफिस इक्विपमेंट, मोबाइल फोन, मशीनों को हुए नुकसान से 412.5 करोड़ रुपए का घाटा हुआ, जबकि ऑफिस के इंफ्रास्ट्रक्चर को 10 करोड़, कार और गोल्फ कार्ट्स को 60 लाख रुपए का नुकसान पहुंचा है।

उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ से स्मार्टफोन और दूसरे गैजेट्स को 1.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, 5000 कॉन्ट्रेक्ट पर आए मजदूर और 2000 अज्ञात आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया।

गाड़ियों में आग लगाने की भी कोशिश की

इससे पहले पुलिस ने बताया था कि हजारों वर्कर नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद प्लांट से बाहर निकल रहे थे। अचानक वे तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने फर्नीचर और असेंबली यूनिट को नुकसान पहुंचाया। गाड़ियों में आग लगाने की भी कोशिश की।

सैलरी 16 हजार से घटाकर 8 हजार कर दी गई

सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने वर्कर्स को अपॉइंट करते वक्त जो सैलरी देने का वादा किया था, वह उन्हें नहीं मिली। वर्कर्स में इसी बात को लेकर गुस्सा था। कंपनी ने एक इंजीनियरिंग ग्रैजुएट को 21 हजार रुपये हर महीने देने का वादा किया गया था। लंबे समय तक चले लॉकडाउन के बाद उनकी सैलरी 16 हजार रुपये तक कर दी गई।

इसके बाद कोरोना का हवाला देते हुए हाल के महीनों में इसे 12 हजार रुपये कर दिया गया। नॉन इंजीनियरिंग ग्रैजुएट वर्कर्स की मंथली सैलरी 15 हजार रुपये से घटाकर आठ हजार रुपये कर दी गई। इससे वर्कर्स में गुस्सा बढ़ रहा था।

43 एकड़ में फैला है प्लांट

कोलार के नरसापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में 43 एकड़ जमीन पर बना आईफोन प्लांट बेंगलुरु से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। सरकार ने यह जमीन लगभग 2,900 करोड़ रुपये का इनवेस्ट करने और 10,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देने के वादे पर दी थी। इस प्लांट में एप्पल के स्मार्टफोन आईफोन SE के अलावा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) प्रोडक्ट और बायोटेक डिवाइस बनाई जाती हैं।

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पुलिस के मुताबिक, वर्कर्स का एक ग्रुप नाइट शिफ्ट पूरी होने के बाद तोड़फोड़ करने लगा। (फोटो – सोशल मीडिया)

कर्नाटक के कोलार में आईफोन मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में शनिवार को हुई तोड़फोड़ के मामले में सोमवार को शिकायत दर्ज कराई गई। यह प्लांट ताइवान की विस्ट्रॉन कॉर्पोरेशन चलाती है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव टीडी प्रशांत के मुताबिक, इससे कंपनी को 437.40 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। पुलिस का कहना है कि कर्मचारी सैलरी कम किए जाने से गुस्सा थे। अब तक 149 लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। कंपनी के एग्जीक्यूटिव ने शिकायत दर्ज कराई प्रशांत ने वेमागल पुलिस स्टेशन में अपने बयान में कहा कि तोड़फोड़ में ऑफिस इक्विपमेंट, मोबाइल फोन, मशीनों को हुए नुकसान से 412.5 करोड़ रुपए का घाटा हुआ, जबकि ऑफिस के इंफ्रास्ट्रक्चर को 10 करोड़, कार और गोल्फ कार्ट्स को 60 लाख रुपए का नुकसान पहुंचा है। उन्होंने कहा कि तोड़फोड़ से स्मार्टफोन और दूसरे गैजेट्स को 1.5 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ है। उनके मुताबिक, 5000 कॉन्ट्रेक्ट पर आए मजदूर और 2000 अज्ञात आरोपियों ने इस घटना को अंजाम दिया। गाड़ियों में आग लगाने की भी कोशिश की इससे पहले पुलिस ने बताया था कि हजारों वर्कर नाइट शिफ्ट पूरी करने के बाद प्लांट से बाहर निकल रहे थे। अचानक वे तोड़फोड़ करने लगे। उन्होंने फर्नीचर और असेंबली यूनिट को नुकसान पहुंचाया। गाड़ियों में आग लगाने की भी कोशिश की। सैलरी 16 हजार से घटाकर 8 हजार कर दी गई सूत्रों के मुताबिक, कंपनी ने वर्कर्स को अपॉइंट करते वक्त जो सैलरी देने का वादा किया था, वह उन्हें नहीं मिली। वर्कर्स में इसी बात को लेकर गुस्सा था। कंपनी ने एक इंजीनियरिंग ग्रैजुएट को 21 हजार रुपये हर महीने देने का वादा किया गया था। लंबे समय तक चले लॉकडाउन के बाद उनकी सैलरी 16 हजार रुपये तक कर दी गई। इसके बाद कोरोना का हवाला देते हुए हाल के महीनों में इसे 12 हजार रुपये कर दिया गया। नॉन इंजीनियरिंग ग्रैजुएट वर्कर्स की मंथली सैलरी 15 हजार रुपये से घटाकर आठ हजार रुपये कर दी गई। इससे वर्कर्स में गुस्सा बढ़ रहा था। 43 एकड़ में फैला है प्लांट कोलार के नरसापुरा इंडस्ट्रियल एरिया में 43 एकड़ जमीन पर बना आईफोन प्लांट बेंगलुरु से लगभग 60 किलोमीटर दूर है। सरकार ने यह जमीन लगभग 2,900 करोड़ रुपये का इनवेस्ट करने और 10,000 से ज्यादा लोगों को नौकरी देने के वादे पर दी थी। इस प्लांट में एप्पल के स्मार्टफोन आईफोन SE के अलावा इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IOT) प्रोडक्ट और बायोटेक डिवाइस बनाई जाती हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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