US में मॉडर्ना की वैक्सीन को शुक्रवार को अप्रूवल मिलने की उम्मीद, EU में 21 दिसंबर को फैसलाDainik Bhaskar


अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना की ओर से मंगलवार को जारी किए नए डेटा में इसकी वैक्सीन हाइली प्रोटेक्टिव रही है। अमेरिका में इसी हफ्ते इसे इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े लोगों ने बताया कि शुक्रवार को इस वैक्सीन को अप्रूवल दिया जा सकता है। अमेरिका कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है।

इससे सोमवार तक लाखों अमेरिकियों को एक और वैक्सीन मिल जाएगी। पिछले हफ्ते ही अमेरिका में फाइजर की वैक्सीन को अप्रूवल मिला है। इसका वैक्सीनेशन भी शुरू हो गया है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, 30 हजार लोगों पर ट्रायल के बाद मॉडर्ना की वैक्सीन का एफिकेसी रेट 94.1% आया था। वैक्सीन लेने के बाद मरीजों को बुखार, सिरदर्द और थकान जैसी शिकायतें आई थीं, लेकिन ये बहुत खतरनाक नहीं हैं।

यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के लिए 21 को मीटिंग

यूरोपियन यूनियन की मेडिसिन एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि वह यूनियन के 27 देशों के लिए फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को अप्रूवल देने के लिए 21 दिसंबर को मीटिंग करेगी।
एजेंसी ने कहा कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से एडिशनल डेटा मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है।

हाल में जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने मांग की थी कि एजेंसी इस मसले पर पहले से तय 29 दिसंबर की बैठक को पहले करे, ताकि वैक्सीन को मंजूरी की प्रोसेस तेजी से पूरी की जा सके। यह वैक्सीन ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका के हजारों लोगों को दी जा चुकी है।

मरीजों की संख्या साढ़े सात करोड़ के पास

दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 7.34 करोड़ के ज्यादा हो गया। 5 करोड़ 15 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 16 लाख 33हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। दुनिया के कई देशों में वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। नीदरलैंड्स में क्रिसमस इस बार फीका रहेगा। यहां सरकार ने पांच हफ्ते के सख्त लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है।

मॉडर्ना पर सायबर अटैक

मॉडर्ना वैक्सीन कंपनी ने सोमवार को माना कि सायबर अटैक में उसके कुछ अहम दस्तावेज चोरी हुए हैं। खास बात यह है कि कंपनी को खुद इसकी जानकारी नहीं लगी। कंपनी को इस बारे में पहली सूचना यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने दी। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह डॉक्यूमेंट्स तब के हैं जब कंपनी अप्रूवल के लिए सरकारों के पास दस्तावेज भेज रही थी। इसी दौरान डॉक्यूमेंट्स चुरा लिए गए।

EMA का जानकारी देना इसलिए भी अहम है क्योंकि यही यूरोपीय देशों में वैक्सीन को अप्रूवल देने वाली रेग्युलेट्री एजेंसी है। इसने कई महीने पहले ही आशंका जाहिर की थी कि कुछ कंपनियों के वैक्सीन का डेटा एक्सेस किया जा सकता है। बताया जाता है कि फाइजर और बायोएनटेक कंपनी पर भी सायबर अटैक की कई नाकाम कोशिशें हुईं।

इजराइली PM क्वारैंटाइन

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद को क्वारैंटाइन कर लिया है। वे एक संक्रमित सहयोगी के संपर्क में आए थे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नेतन्याहू शुक्रवार तक क्वारैंटाइन रहेंगे। रविवार और सोमवार को उनके दो टेस्ट किए गए। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई। अप्रैल के बाद यह तीसरा मौका है जब नेतन्याहू क्वारैंटाइन हुए हैं। इजराइली में अब तक 3 लाख 58 हजार 293 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। तीन हजार लोगों की मौत हुई है।

नीदरलैंड्स में फीका रहेगा क्रिसमस
नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री मार्क रूट ने देश में पांच हफ्ते का सख्त लॉकडाउन घोषित कर दिया है। रूट ने साफ कर दिया कि फिलहाल, कोरोनावायरस को रोकने के लिए इससे ज्यादा असरदार कोई उपाय नहीं है। उन्होंने कहा- हम सख्त लॉकडाउन लगाने जा रहे हैं। इस दौरान स्कूल, दुकानें, म्यूजियम और जिम बंद रहेंगे। 19 जनवरी के पहले किसी तरह की राहत की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि भविष्य में हालात भयावह होने से रोके जाएं और इसके लिए सख्त कदम तो उठाने ही होंगे।

जिस समय मार्क लॉकडाउन का ऐलान कर रहे थे, उसी वक्त उनके ऑफिस के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी सख्ती के विरोध में नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार ने कहा है कि किसी भी घर में ज्यादा से ज्यादा दो मेहमान ही आ सकते हैं और इसके लिए भी लोकल अथॉरिटीज को जानकारी देनी होगी। हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार 24 से 26 दिसंबर के बीच कुछ राहत दे सकती है।

नीदरलैंड् के हेग शहर में तैनात एक पुलिसकर्मी। यहां सरकार ने पांच हफ्ते का सख्त लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि 24 से 26 दिसंबर तक कुछ राहत दी जा सकती है क्योंकि इस दौरान क्रिसमस होगा।

कैलिफोर्निया में हालात खराब
अमेरिका के कैलिफोर्निया में संक्रमण के चलते हालात बेहद खराब हो गए हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हफ्ते के आखिर तक राज्य के किसी अस्पताल के आईसीयू में लोगों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिलेंगे। कुछ अस्पतालों में तो अभी से बेड्स खत्म हो गए हैं। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के अस्पतालों में इस वक्त सिर्फ 1.5 फीसदी बेड्स खाली हैं।

अमेरिका में कोरोना के चलते हालात भयावह हो गए हैं। कैलिफोर्निया के अस्पतालों में इस वक्त सिर्फ 1.5 फीसदी बेड्स खाली हैं। (फाइल)

कोरोना प्रभावित टॉप-10 देशों में हालात

देश

संक्रमित मौतें ठीक हुए
अमेरिका 9,871,663 308,089 16,942,822
भारत 9,906,507 143,746 9,421,832
ब्राजील 6,929,409 181,945 6,016,085
रूस 2,681,256 47,391 2,124,797
फ्रांस 2,379,915 58,282 177,647
ब्रिटेन 1,869,666 64,402 N/A
तुर्की 1,866,345 16,646 1,631,944
इटली 1,855,737 65,011 1,115,617
स्पेन 1,762,036 48,013 N/A
अर्जेंटीना 1,503,222 41,041 1,340,120

(आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं)

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें


यह तस्वीर अमेरिका के न्यू जर्सी की है। यहां एक नर्स को फाइजर की वैक्सीन लगाई गई। यह वैक्सीन ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका के हजारों लोगों को लगाई जा चुकी है।

अमेरिकी दवा कंपनी मॉडर्ना की ओर से मंगलवार को जारी किए नए डेटा में इसकी वैक्सीन हाइली प्रोटेक्टिव रही है। अमेरिका में इसी हफ्ते इसे इमरजेंसी यूज के लिए मंजूरी मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन से जुड़े लोगों ने बताया कि शुक्रवार को इस वैक्सीन को अप्रूवल दिया जा सकता है। अमेरिका कोरोना से सबसे ज्यादा प्रभावित देश है। इससे सोमवार तक लाखों अमेरिकियों को एक और वैक्सीन मिल जाएगी। पिछले हफ्ते ही अमेरिका में फाइजर की वैक्सीन को अप्रूवल मिला है। इसका वैक्सीनेशन भी शुरू हो गया है। फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के मुताबिक, 30 हजार लोगों पर ट्रायल के बाद मॉडर्ना की वैक्सीन का एफिकेसी रेट 94.1% आया था। वैक्सीन लेने के बाद मरीजों को बुखार, सिरदर्द और थकान जैसी शिकायतें आई थीं, लेकिन ये बहुत खतरनाक नहीं हैं। यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के लिए 21 को मीटिंग यूरोपियन यूनियन की मेडिसिन एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि वह यूनियन के 27 देशों के लिए फाइजर-बायोएनटेक की कोरोना वैक्सीन को अप्रूवल देने के लिए 21 दिसंबर को मीटिंग करेगी। एजेंसी ने कहा कि वैक्सीन बनाने वाली कंपनी से एडिशनल डेटा मिलने के बाद यह फैसला लिया गया है। हाल में जर्मनी के स्वास्थ्य मंत्री ने मांग की थी कि एजेंसी इस मसले पर पहले से तय 29 दिसंबर की बैठक को पहले करे, ताकि वैक्सीन को मंजूरी की प्रोसेस तेजी से पूरी की जा सके। यह वैक्सीन ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका के हजारों लोगों को दी जा चुकी है। मरीजों की संख्या साढ़े सात करोड़ के पास दुनिया में कोरोना मरीजों का आंकड़ा 7.34 करोड़ के ज्यादा हो गया। 5 करोड़ 15 लाख से ज्यादा लोग ठीक हो चुके हैं। अब तक 16 लाख 33हजार से ज्यादा लोग जान गंवा चुके हैं। ये आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं। दुनिया के कई देशों में वैक्सीनेशन शुरू हो गया है। नीदरलैंड्स में क्रिसमस इस बार फीका रहेगा। यहां सरकार ने पांच हफ्ते के सख्त लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। मॉडर्ना पर सायबर अटैक मॉडर्ना वैक्सीन कंपनी ने सोमवार को माना कि सायबर अटैक में उसके कुछ अहम दस्तावेज चोरी हुए हैं। खास बात यह है कि कंपनी को खुद इसकी जानकारी नहीं लगी। कंपनी को इस बारे में पहली सूचना यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी (EMA) ने दी। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह डॉक्यूमेंट्स तब के हैं जब कंपनी अप्रूवल के लिए सरकारों के पास दस्तावेज भेज रही थी। इसी दौरान डॉक्यूमेंट्स चुरा लिए गए। EMA का जानकारी देना इसलिए भी अहम है क्योंकि यही यूरोपीय देशों में वैक्सीन को अप्रूवल देने वाली रेग्युलेट्री एजेंसी है। इसने कई महीने पहले ही आशंका जाहिर की थी कि कुछ कंपनियों के वैक्सीन का डेटा एक्सेस किया जा सकता है। बताया जाता है कि फाइजर और बायोएनटेक कंपनी पर भी सायबर अटैक की कई नाकाम कोशिशें हुईं। इजराइली PM क्वारैंटाइन इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद को क्वारैंटाइन कर लिया है। वे एक संक्रमित सहयोगी के संपर्क में आए थे। न्यूज एजेंसी के मुताबिक, नेतन्याहू शुक्रवार तक क्वारैंटाइन रहेंगे। रविवार और सोमवार को उनके दो टेस्ट किए गए। दोनों की रिपोर्ट निगेटिव आई। अप्रैल के बाद यह तीसरा मौका है जब नेतन्याहू क्वारैंटाइन हुए हैं। इजराइली में अब तक 3 लाख 58 हजार 293 लोग संक्रमित पाए जा चुके हैं। तीन हजार लोगों की मौत हुई है। नीदरलैंड्स में फीका रहेगा क्रिसमस नीदरलैंड्स के प्रधानमंत्री मार्क रूट ने देश में पांच हफ्ते का सख्त लॉकडाउन घोषित कर दिया है। रूट ने साफ कर दिया कि फिलहाल, कोरोनावायरस को रोकने के लिए इससे ज्यादा असरदार कोई उपाय नहीं है। उन्होंने कहा- हम सख्त लॉकडाउन लगाने जा रहे हैं। इस दौरान स्कूल, दुकानें, म्यूजियम और जिम बंद रहेंगे। 19 जनवरी के पहले किसी तरह की राहत की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। हम चाहते हैं कि भविष्य में हालात भयावह होने से रोके जाएं और इसके लिए सख्त कदम तो उठाने ही होंगे। जिस समय मार्क लॉकडाउन का ऐलान कर रहे थे, उसी वक्त उनके ऑफिस के बाहर हजारों प्रदर्शनकारी सख्ती के विरोध में नारेबाजी और प्रदर्शन कर रहे थे। सरकार ने कहा है कि किसी भी घर में ज्यादा से ज्यादा दो मेहमान ही आ सकते हैं और इसके लिए भी लोकल अथॉरिटीज को जानकारी देनी होगी। हालांकि, माना जा रहा है कि सरकार 24 से 26 दिसंबर के बीच कुछ राहत दे सकती है। नीदरलैंड् के हेग शहर में तैनात एक पुलिसकर्मी। यहां सरकार ने पांच हफ्ते का सख्त लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है। माना जा रहा है कि 24 से 26 दिसंबर तक कुछ राहत दी जा सकती है क्योंकि इस दौरान क्रिसमस होगा।कैलिफोर्निया में हालात खराब अमेरिका के कैलिफोर्निया में संक्रमण के चलते हालात बेहद खराब हो गए हैं। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि इस हफ्ते के आखिर तक राज्य के किसी अस्पताल के आईसीयू में लोगों को भर्ती करने के लिए बेड नहीं मिलेंगे। कुछ अस्पतालों में तो अभी से बेड्स खत्म हो गए हैं। ‘द गार्डियन’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, कैलिफोर्निया के अस्पतालों में इस वक्त सिर्फ 1.5 फीसदी बेड्स खाली हैं। अमेरिका में कोरोना के चलते हालात भयावह हो गए हैं। कैलिफोर्निया के अस्पतालों में इस वक्त सिर्फ 1.5 फीसदी बेड्स खाली हैं। (फाइल)कोरोना प्रभावित टॉप-10 देशों में हालात देश संक्रमित मौतें ठीक हुए अमेरिका 9,871,663 308,089 16,942,822 भारत 9,906,507 143,746 9,421,832 ब्राजील 6,929,409 181,945 6,016,085 रूस 2,681,256 47,391 2,124,797 फ्रांस 2,379,915 58,282 177,647 ब्रिटेन 1,869,666 64,402 N/A तुर्की 1,866,345 16,646 1,631,944 इटली 1,855,737 65,011 1,115,617 स्पेन 1,762,036 48,013 N/A अर्जेंटीना 1,503,222 41,041 1,340,120 (आंकड़े www.worldometers.info/coronavirus के मुताबिक हैं) आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

यह तस्वीर अमेरिका के न्यू जर्सी की है। यहां एक नर्स को फाइजर की वैक्सीन लगाई गई। यह वैक्सीन ब्रिटेन, कनाडा और अमेरिका के हजारों लोगों को लगाई जा चुकी है।Read More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *