गाजीपुर बॉर्डर पर डटे किसानों का अल्टीमेटम, समस्याएं दूर करें नहीं तो हाईवे की दूसरी लेन भी ब्लॉक करेंगेDainik Bhaskar


दिल्ली से सटे हरियाणा और UP बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का आज 25वां दिन है। सरकार और किसान दोनों की ओर से कोई पहल न होने की वजह से यहां वक्त थमा हुआ है। फिलहाल कोई बड़ी हलचल नहीं है। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन रोज की तरह चल रहा है।

उधर, यूपी की गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने गाजियाबाद एडिमिनिस्ट्रेशन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश के जिलों से आ रहे किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया जा रहा है। अगर यह समस्या 24 घंटे में दूर नहीं की गई तो वे हाइवे की दूसरी लेन भी बंद कर देंगे।

किसान नेता वीएम सिंह ने अफसरों से कहा कि जो किसान हाथों में टोपी, बैज और झंडे लेकर चल रहे हैं, उन्हें रोका जा रहा है। जो लोग घर लौट रहे हैं, उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की जा रही हैं। उन्हें हिरासत में भी लिया जा रहा है।

गाजियाबाद के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी सिटी-2 ज्ञानेंद्र कुमार सिंह किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे। वीएम सिंह ने उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर कहा है कि अगर किसानों की परेशानी दूर नहीं की जाती है तो वे नेशनल हाइवे-24 के दूसरी तरफ की सड़क भी बंद कर देंगे। इस पर ADM ने कहा कि इस मसले पर जल्द ही अधिकारियों से बात कर इसे दूर करेंगे।

मेरठ से ट्रैक्टर मार्च लेकर निकले किसान

मेरठ से हिंद किसान मजदूर किसान समिति के सदस्य आंदोलन में शामिल होने के रवाना हुए हैं। वे ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए गाजियाबाद आ रहे हैं।

गुरुद्वारा रकाबगंज पहुंचे PM मोदी

इस बीच PM नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने मत्था टेका। उनका यहां आना पहले से तय नहीं था। वे अचानक गुरुद्वारा पहुंचे थे।

अपडेट्स

  • दिल्ली की चिल्ला बॉर्डर पर यूपी के किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसे देखते हुए यहां बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। नोएडा और दिल्ली के बीच मौजूद चिल्ला बॉर्डर को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है।
  • किसान संगठनों ने प्रोटेस्ट के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर श्रद्धांजलि दी।
टिकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं।
मन में गुस्सा, हाथों में तिरंगा : गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में शामिल एक निहंग सिख।

सिंघु बॉर्डर पर पगड़ी का लंगर

पग बांध रहे वॉलंटियर्स का कहना है कि पगड़ी हमारा गौरव है। इसलिए हम इसे प्रमोट कर रहे हैं।

पंजाब से आए वॉलंटियर्स के एक ग्रुप ने सिंघु बॉर्डर पर पगड़ी लंगर शुरू किया है। यहां किसानों को फ्री में पगड़ी बांधी जा रही है। वॉलंटियर्स पग भी अपने साथ लाए हैं। यह भी मुफ्त दी जा रही है। उनका कहना है कि हम लोगों को बता रहे हैं कि पग कैसे बांधी जाती है।

किसानों को फ्री में टैटू बनाया, ताकि उन्हें आंदोलन हमेशा याद रहे

पंजाब के टैटू आर्टिस्ट ने किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए आर्ट की मदद ली है।

पंजाब के एक टैटू आर्टिस्ट ने आंदोलन वाली जगह पर स्टॉल लगाया है। यहां किसानों को फ्री में टैटू बनाए जा रहे हैं। टैटू बना रहे रविंद्र सिंह ने बताया कि इस पहल का मकसद किसानों को मोटिवेट करना है। इससे यह आंदोलन उनके लिए यादगार बन जाएगा।

रविंद्र ने बताया कि मैं लुधियाना से आकर किसानों के हाथ पर टैटू बना रहा हूं। यह भी उन्हें समर्थन देने का एक तरीका है। अब तक 30 किसानों ने टैटू बनवाए हैं। इनमें से ज्यादातर ने ट्रैक्टर, फसल, पंजाब का नक्शा और मोटिवेशनल कोट बनवाया है।

पंजाब के अस्पतालों से स्टाफ पहुंचा

पंजाब के अलग-अलग अस्पतालों का मेडिकल स्टाफ किसानों की मदद के लिए पहुंच रहा हे। उनका कहना है कि हम यहां किसानों के समर्थन में आए हैं। लुधियाना के एक अस्पताल में नर्स हर्षदीप कौर ने बताया कि अगर कोई बीमार पड़ता है तो हम उसके इलाज के लिए तैयार हैं।

राजस्थान में भी आंदोलन ने जोर पकड़ा

कृषि कानूनों के विरोध में राजस्थान में भी 12 दिसंबर से आंदोलन किया जा रहा है। अलवर के शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर 30×15 फीट के टैंट शुरू होकर इसका दायरा अब करीब एक किलोमीटर तक फैल चुका है।

राजस्थान में हो रहे आंदोलन में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के किसान संगठनों के प्रतिनिधि और किसान भी शामिल हुए हैं। उनके लिए टैंट लगाए गए हैं। यहां रात का पारा चार डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने लगा है। खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं, लेकिन किसान डटे हुए हैं।

नन्हे हाथों में कमान, गाजीपुर बॉर्डर पर गतका का अभ्यास कर रहा बच्चा।

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Farmers will celebrate Martyrdom Day today, programs will be held in place in memory of those who lost their lives in the movement.

दिल्ली से सटे हरियाणा और UP बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन का आज 25वां दिन है। सरकार और किसान दोनों की ओर से कोई पहल न होने की वजह से यहां वक्त थमा हुआ है। फिलहाल कोई बड़ी हलचल नहीं है। तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन रोज की तरह चल रहा है। उधर, यूपी की गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे किसान नेताओं ने गाजियाबाद एडिमिनिस्ट्रेशन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया है कि प्रदेश के जिलों से आ रहे किसानों की ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया जा रहा है। अगर यह समस्या 24 घंटे में दूर नहीं की गई तो वे हाइवे की दूसरी लेन भी बंद कर देंगे। किसान नेता वीएम सिंह ने अफसरों से कहा कि जो किसान हाथों में टोपी, बैज और झंडे लेकर चल रहे हैं, उन्हें रोका जा रहा है। जो लोग घर लौट रहे हैं, उनकी ट्रैक्टर-ट्रॉलियां जब्त की जा रही हैं। उन्हें हिरासत में भी लिया जा रहा है। गाजियाबाद के एडिशनल डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट शैलेंद्र कुमार सिंह और एसपी सिटी-2 ज्ञानेंद्र कुमार सिंह किसानों की समस्याएं सुनने पहुंचे। वीएम सिंह ने उन्हें 24 घंटे का अल्टीमेटम देकर कहा है कि अगर किसानों की परेशानी दूर नहीं की जाती है तो वे नेशनल हाइवे-24 के दूसरी तरफ की सड़क भी बंद कर देंगे। इस पर ADM ने कहा कि इस मसले पर जल्द ही अधिकारियों से बात कर इसे दूर करेंगे। मेरठ से ट्रैक्टर मार्च लेकर निकले किसान मेरठ से हिंद किसान मजदूर किसान समिति के सदस्य आंदोलन में शामिल होने के रवाना हुए हैं। वे ट्रैक्टर मार्च निकालते हुए गाजियाबाद आ रहे हैं। #WATCH Meerut: Farmers & members of Hind Mazdoor Kisan Samiti begin their tractor march towards Indirapuram, Ghaziabad in support of Centre’s 3 farm laws. Visuals from Partapur in Meerut pic.twitter.com/yPxBLs3ro9 — ANI UP (@ANINewsUP) December 20, 2020गुरुद्वारा रकाबगंज पहुंचे PM मोदी इस बीच PM नरेंद्र मोदी रविवार को दिल्ली के गुरुद्वारा रकाबगंज साहिब पहुंचे। यहां उन्होंने मत्था टेका। उनका यहां आना पहले से तय नहीं था। वे अचानक गुरुद्वारा पहुंचे थे। अपडेट्स दिल्ली की चिल्ला बॉर्डर पर यूपी के किसान आंदोलन कर रहे हैं। इसे देखते हुए यहां बड़ी संख्या में पुलिस तैनात है। नोएडा और दिल्ली के बीच मौजूद चिल्ला बॉर्डर को ट्रैफिक के लिए बंद कर दिया गया है।किसान संगठनों ने प्रोटेस्ट के दौरान जान गंवाने वाले किसानों को गाजीपुर बॉर्डर पर श्रद्धांजलि दी। टिकरी बॉर्डर पर कृषि कानूनों के खिलाफ किसान आंदोलन कर रहे हैं।मन में गुस्सा, हाथों में तिरंगा : गाजीपुर बॉर्डर पर चल रहे आंदोलन में शामिल एक निहंग सिख।सिंघु बॉर्डर पर पगड़ी का लंगर पग बांध रहे वॉलंटियर्स का कहना है कि पगड़ी हमारा गौरव है। इसलिए हम इसे प्रमोट कर रहे हैं।पंजाब से आए वॉलंटियर्स के एक ग्रुप ने सिंघु बॉर्डर पर पगड़ी लंगर शुरू किया है। यहां किसानों को फ्री में पगड़ी बांधी जा रही है। वॉलंटियर्स पग भी अपने साथ लाए हैं। यह भी मुफ्त दी जा रही है। उनका कहना है कि हम लोगों को बता रहे हैं कि पग कैसे बांधी जाती है। किसानों को फ्री में टैटू बनाया, ताकि उन्हें आंदोलन हमेशा याद रहे पंजाब के टैटू आर्टिस्ट ने किसान आंदोलन को समर्थन देने के लिए आर्ट की मदद ली है।पंजाब के एक टैटू आर्टिस्ट ने आंदोलन वाली जगह पर स्टॉल लगाया है। यहां किसानों को फ्री में टैटू बनाए जा रहे हैं। टैटू बना रहे रविंद्र सिंह ने बताया कि इस पहल का मकसद किसानों को मोटिवेट करना है। इससे यह आंदोलन उनके लिए यादगार बन जाएगा। रविंद्र ने बताया कि मैं लुधियाना से आकर किसानों के हाथ पर टैटू बना रहा हूं। यह भी उन्हें समर्थन देने का एक तरीका है। अब तक 30 किसानों ने टैटू बनवाए हैं। इनमें से ज्यादातर ने ट्रैक्टर, फसल, पंजाब का नक्शा और मोटिवेशनल कोट बनवाया है। पंजाब के अस्पतालों से स्टाफ पहुंचा पंजाब के अलग-अलग अस्पतालों का मेडिकल स्टाफ किसानों की मदद के लिए पहुंच रहा हे। उनका कहना है कि हम यहां किसानों के समर्थन में आए हैं। लुधियाना के एक अस्पताल में नर्स हर्षदीप कौर ने बताया कि अगर कोई बीमार पड़ता है तो हम उसके इलाज के लिए तैयार हैं। राजस्थान में भी आंदोलन ने जोर पकड़ा कृषि कानूनों के विरोध में राजस्थान में भी 12 दिसंबर से आंदोलन किया जा रहा है। अलवर के शाहजहांपुर खेड़ा हरियाणा बॉर्डर पर 30×15 फीट के टैंट शुरू होकर इसका दायरा अब करीब एक किलोमीटर तक फैल चुका है। राजस्थान में हो रहे आंदोलन में हरियाणा, उत्तरप्रदेश, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र के किसान संगठनों के प्रतिनिधि और किसान भी शामिल हुए हैं। उनके लिए टैंट लगाए गए हैं। यहां रात का पारा चार डिग्री सेल्सियस से नीचे जाने लगा है। खेतों में ओस की बूंदें जमने लगी हैं, लेकिन किसान डटे हुए हैं। नन्हे हाथों में कमान, गाजीपुर बॉर्डर पर गतका का अभ्यास कर रहा बच्चा।आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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