सूरत में 47 साल के मरीज के फेफड़े 90% डैमेज हो गए थे, पॉजिटिव माहौल से रिकवर होने में मदद मिलीDainik Bhaskar


सूरत के बेगमपुरा इलाके में रहने वाले 47 साल के बिजनेसमैन चिंतेशभाई कणियावाला ने आखिरकार 119 दिनों बाद कोरोना को हरा दिया। चिंतेशभाई के फेफड़े 90% डैमेज हो गए थे, बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन, पॉजिटिव माहौल मिलने से उन्हें रिकवर होने में काफी मदद मिली।

परिवार के 30 सदस्य लगातार संपर्क में रहे
शहर के किरण हॉस्पिटल में भर्ती चिंतेशभाई के डॉक्टर्स ने उनके परिवार से कहा था कि हम इलाज कर रहे हैं, आज उन्हें मोटिवेट कीजिए। इसके बाद परिवार के 30 सदस्य सुबह-शाम एक जगह इकट्ठा होकर वीडियो कॉल पर चिंतेशभाई को हंसाया करते थे। इसके अलावा परिवार ने तय किया था कि हर दिन कोई न कोई सदस्य PPE किट पहनकर उनसे मिलने जाएगा।

वजह 20 किलो घट गया
चिंतेशभाई बताते हैं, ‘कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुआ था। पहले सोचा कि 10 दिन बाद घर पहुंच जाऊंगा, लेकिन दिन-ब-दिन हालत बिगड़ती गई। सांस लेने में तकलीफ बढ़ती जा रही थी और लगने लगा था कि शायद अब बच नहीं पाऊंगा। इसके बाद 20 दिन तक तो किस हालत में रहा, मुझे याद ही नहीं। लेकिन, डॉक्टरों की दिन-रात की मेहनत और परिवार वालों के मोटिवेशन के चलते मैं इस बीमारी से जीत पाया। हालांकि, अब मेरा वजन 20 किलो कम हो गया है।’

50 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे
किरण हॉस्पिटल के चेस्ट और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. हार्दिप मणियार ने बताया कि जब चिंतेशभाई को अस्पताल में एडमिट करवाया गया, तब इंफेक्शन उनके 90% फेफड़ों तक फैल चुका था। इसके बाद उनका ब्लड जमना शुरू हो गया। फिर लगातार 50 दिनों तक उन्हें ऑक्सीजन दी गई।

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बर्थडे पर केक काटते हुए 47 साल के चिंतेश कणियावाला। उनकी हालत इनती बिगड़ गई थी कि 50 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे थे।

सूरत के बेगमपुरा इलाके में रहने वाले 47 साल के बिजनेसमैन चिंतेशभाई कणियावाला ने आखिरकार 119 दिनों बाद कोरोना को हरा दिया। चिंतेशभाई के फेफड़े 90% डैमेज हो गए थे, बचने की उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन, पॉजिटिव माहौल मिलने से उन्हें रिकवर होने में काफी मदद मिली। परिवार के 30 सदस्य लगातार संपर्क में रहे शहर के किरण हॉस्पिटल में भर्ती चिंतेशभाई के डॉक्टर्स ने उनके परिवार से कहा था कि हम इलाज कर रहे हैं, आज उन्हें मोटिवेट कीजिए। इसके बाद परिवार के 30 सदस्य सुबह-शाम एक जगह इकट्ठा होकर वीडियो कॉल पर चिंतेशभाई को हंसाया करते थे। इसके अलावा परिवार ने तय किया था कि हर दिन कोई न कोई सदस्य PPE किट पहनकर उनसे मिलने जाएगा। वजह 20 किलो घट गया चिंतेशभाई बताते हैं, ‘कोरोना पॉजिटिव आने के बाद अस्पताल में भर्ती हुआ था। पहले सोचा कि 10 दिन बाद घर पहुंच जाऊंगा, लेकिन दिन-ब-दिन हालत बिगड़ती गई। सांस लेने में तकलीफ बढ़ती जा रही थी और लगने लगा था कि शायद अब बच नहीं पाऊंगा। इसके बाद 20 दिन तक तो किस हालत में रहा, मुझे याद ही नहीं। लेकिन, डॉक्टरों की दिन-रात की मेहनत और परिवार वालों के मोटिवेशन के चलते मैं इस बीमारी से जीत पाया। हालांकि, अब मेरा वजन 20 किलो कम हो गया है।’ 50 दिनों तक ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे किरण हॉस्पिटल के चेस्ट और क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ. हार्दिप मणियार ने बताया कि जब चिंतेशभाई को अस्पताल में एडमिट करवाया गया, तब इंफेक्शन उनके 90% फेफड़ों तक फैल चुका था। इसके बाद उनका ब्लड जमना शुरू हो गया। फिर लगातार 50 दिनों तक उन्हें ऑक्सीजन दी गई। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

बर्थडे पर केक काटते हुए 47 साल के चिंतेश कणियावाला। उनकी हालत इनती बिगड़ गई थी कि 50 दिन ऑक्सीजन सपोर्ट पर रहे थे।Read More

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