हाफ-वे मार्क पर पहुंचे कोवैक्सिन के फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल्स; 13,000 वॉलंटियर्स हुए शामिलDainik Bhaskar


स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के बारे में अच्छी खबर सामने आई है। कोवैक्सिन के भारत में फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल्स हाफ-वे मार्क पर पहुंच गए हैं। 13,000 वॉलंटियर्स को रजिस्टर कर वैक्सीन लगाई जा चुकी है। कंपनी ने फेज-3 ट्रायल्स में भारत में कई साइट्स पर 25,800 वॉलंटियर्स पर वैक्सीन के ट्रायल्स करने का लक्ष्य रखा है। भारत बायोटेक ने दिसंबर के पहले हफ्ते में भारत के ड्रग रेग्युलेटर से अपनी वैक्सीन के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है। इस पर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने उससे फेज-3 एफिकेसी ट्रायल्स के शुरुआती नतीजों का डेटा पेश करने को कहा है।

कंपनी की ओर से की गई यह घोषणा अहम है। कुछ दिन पहले मीडिया में खबरें आई थी कि कोवैक्सिन को ट्रायल्स के लिए वॉलंटियर्स नहीं मिल रहे। अब कंपनी का दावा है कि 13,000 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इस वैक्सीन के दो डोज लगाए जा रहे हैं। दूसरे डोज के कुछ दिन बाद ही पता चलेगा कि यह वैक्सीन कितनी सेफ और इफेक्टिव है। यानी फेज-3 के शुरुआती नतीजे जनवरी में सामने आ सकते हैं। वैसे, अच्छी बात यह है कि कोवैक्सिन के फेज-1 और फेज-2 ट्रायल्स में 1,000 वॉलंटियर्स को शामिल किया गया था। इसमें वैक्सीन ने बेहतरीन सेफ्टी और इम्युनोजेनेसिटी रिजल्ट्स दिए थे। इन्हें अंतरराष्ट्रीय पीयर रिव्यू साइंटिफिक जर्नल्स ने भी स्वीकार किया है।

स्वदेशी कोरोना वैक्सीन-कोवैक्सिन को हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के साथ मिलकर तैयार किया है। कंपनी ने फेज-3 ट्रायल्स नवंबर में शुरू किए थे। यह कोरोनावायरस वैक्सीन की भारत की पहली और इकलौती फेज-3 एफिकेसी स्टडी है। यह स्वदेशी इनएक्टिवेटेड वैक्सीन भारत बायोटेक की BSL-3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) बायो-कंटेनमेंट फेसिलिटी में डेवलप और मैन्युफैक्चर की गई है।

इस अवसर पर भारत बायोटेक की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा एल्ला ने कहा, ‘यह भारत में हो रहे अभूतपूर्व वैक्सीन ट्रायल्स हैं और हम वॉलंटियर्स की भागीदारी से उत्साहित हैं। हम उन सभी 13,000 वॉलंटियर्स का आभार प्रकट करना चाहते हैं, जिन्होंने इस स्टडी में उत्साह के साथ भाग लिया है।’

जीएमआर हैदराबाद एयर कार्गो वैक्सीन डिस्ट्रिब्यूशन के लिए तैयार
GMR हैदराबाद एयर कार्गो कोविड-19 वैक्सीन डिस्ट्रीबयूशन के लिए पूरी तैयार हो रहा है। ऑपरेशंस हेड टी पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि वैक्सीन को जल्दी और सुरक्षित तरीके से सब तक पहुंचाना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। हैदराबाद से वैक्सीन सप्लाई करने की क्षमता को विकसित किया गया है। टर्मिनल्स पर डेडिकेटेड वर्क स्टेशन बनाया गया है, ताकि वैक्सीन की सेंसिटिव शिपमेंट को हैंडल किया जा सके। टेम्परेचर जोन विकसित किया गया है, ताकि वैक्सीन के लिए जरूरी टेम्परेचर उपलब्ध कराया जा सके। स्टाफ को भी आवश्यक ट्रेनिंग दी गई है।

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Zydus Cadila Covaxin | Coronavirus Vaccine Tracker India Latest News Update; Bharat Biotech Covaxin Phase 3 Trials, Zydus Cadila

स्वदेशी वैक्सीन कोवैक्सिन के बारे में अच्छी खबर सामने आई है। कोवैक्सिन के भारत में फेज-3 क्लीनिकल ट्रायल्स हाफ-वे मार्क पर पहुंच गए हैं। 13,000 वॉलंटियर्स को रजिस्टर कर वैक्सीन लगाई जा चुकी है। कंपनी ने फेज-3 ट्रायल्स में भारत में कई साइट्स पर 25,800 वॉलंटियर्स पर वैक्सीन के ट्रायल्स करने का लक्ष्य रखा है। भारत बायोटेक ने दिसंबर के पहले हफ्ते में भारत के ड्रग रेग्युलेटर से अपनी वैक्सीन के लिए इमरजेंसी अप्रूवल मांगा है। इस पर सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी ने उससे फेज-3 एफिकेसी ट्रायल्स के शुरुआती नतीजों का डेटा पेश करने को कहा है। कंपनी की ओर से की गई यह घोषणा अहम है। कुछ दिन पहले मीडिया में खबरें आई थी कि कोवैक्सिन को ट्रायल्स के लिए वॉलंटियर्स नहीं मिल रहे। अब कंपनी का दावा है कि 13,000 लोगों को वैक्सीन लगाई जा चुकी है। इस वैक्सीन के दो डोज लगाए जा रहे हैं। दूसरे डोज के कुछ दिन बाद ही पता चलेगा कि यह वैक्सीन कितनी सेफ और इफेक्टिव है। यानी फेज-3 के शुरुआती नतीजे जनवरी में सामने आ सकते हैं। वैसे, अच्छी बात यह है कि कोवैक्सिन के फेज-1 और फेज-2 ट्रायल्स में 1,000 वॉलंटियर्स को शामिल किया गया था। इसमें वैक्सीन ने बेहतरीन सेफ्टी और इम्युनोजेनेसिटी रिजल्ट्स दिए थे। इन्हें अंतरराष्ट्रीय पीयर रिव्यू साइंटिफिक जर्नल्स ने भी स्वीकार किया है। स्वदेशी कोरोना वैक्सीन-कोवैक्सिन को हैदराबाद की कंपनी भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और पुणे के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) के साथ मिलकर तैयार किया है। कंपनी ने फेज-3 ट्रायल्स नवंबर में शुरू किए थे। यह कोरोनावायरस वैक्सीन की भारत की पहली और इकलौती फेज-3 एफिकेसी स्टडी है। यह स्वदेशी इनएक्टिवेटेड वैक्सीन भारत बायोटेक की BSL-3 (बायो-सेफ्टी लेवल 3) बायो-कंटेनमेंट फेसिलिटी में डेवलप और मैन्युफैक्चर की गई है। इस अवसर पर भारत बायोटेक की जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्टर सुचित्रा एल्ला ने कहा, ‘यह भारत में हो रहे अभूतपूर्व वैक्सीन ट्रायल्स हैं और हम वॉलंटियर्स की भागीदारी से उत्साहित हैं। हम उन सभी 13,000 वॉलंटियर्स का आभार प्रकट करना चाहते हैं, जिन्होंने इस स्टडी में उत्साह के साथ भाग लिया है।’ जीएमआर हैदराबाद एयर कार्गो वैक्सीन डिस्ट्रिब्यूशन के लिए तैयार GMR हैदराबाद एयर कार्गो कोविड-19 वैक्सीन डिस्ट्रीबयूशन के लिए पूरी तैयार हो रहा है। ऑपरेशंस हेड टी पुरुषोत्तम सिंह ने बताया कि वैक्सीन को जल्दी और सुरक्षित तरीके से सब तक पहुंचाना भी एक महत्वपूर्ण चुनौती है। हैदराबाद से वैक्सीन सप्लाई करने की क्षमता को विकसित किया गया है। टर्मिनल्स पर डेडिकेटेड वर्क स्टेशन बनाया गया है, ताकि वैक्सीन की सेंसिटिव शिपमेंट को हैंडल किया जा सके। टेम्परेचर जोन विकसित किया गया है, ताकि वैक्सीन के लिए जरूरी टेम्परेचर उपलब्ध कराया जा सके। स्टाफ को भी आवश्यक ट्रेनिंग दी गई है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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