मुंबई पुलिस ने BARC के पूर्व CEO को गिरफ्तार किया, केस में अब तक 15 की गिरफ्तारीDainik Bhaskar


फर्जी टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (TRP) घोटाले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ब्रॉडकास्ट रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पार्थो दासगुप्ता को गुरुवार को पुणे से गिरफ्तार किया। दासगुप्ता को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा।

दासगुप्ता इस मामले में गिरफ्तार होने वाले 15वें व्यक्ति हैं। इससे पहले, मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने इसी केस में BARC के पूर्व COO रमिल रामगढ़िया की गिरफ्तारी की थी।

मुंबई पुलिस ने TRP रैकेट का खुलासा किया
मुंबई पुलिस ने 8 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फॉल्स TRP रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। रेटिंग एजेंसी BARC ने इस मामले में पुलिस को शिकायत कर कहा था कि कुछ टेलीविजन चैनल TRP में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इन चैनलों की तरफ से TRP बढ़ाने के लिए कुछ घरों में रिश्वत देकर चुनिंदा चैनल चलवाए जा रहे थे।

BARC ने TRP पर रोक लगाई
मामला सामने आने के बाद, BARC ने टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (TRP) पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी थी। काउंसिल की तकनीकी कमेटी TRP जारी करने की पूरी प्रोसेस का रिव्यू करेगी और वेलिडेशन के बाद ही दोबारा इसे शुरू किया जाएगा।

BARC क्या है?
BARC (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल) एक इंडस्ट्री बॉडी है, जिसे एडवर्टाइजर्स, एड एजेंसियों और ब्रॉडकास्टिंग कंपनियां चलाती हैं। इंडियन सोसायटी ऑफ एडवर्टाइजर्स, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन और एडवर्टाइजिंग एजेंसी एसोसिएशन ऑफ इंडिया इसके संयुक्त मालिक है।

कैसे जुटाई जाती है TRP?
टेलीविजन चैनलों की व्यूअरशिप मापने के लिए चुनिंदा घरों से लिए गए डेटा का इस्तेमाल किया जाता है। इस डेटा से चैनलों को विज्ञापन जुटाने में मदद मिलती है।

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Mumbai Police arrests former CEO of BARC, 15 people arrested in the case so far | Fake TRP Case Latest News and Updates

फर्जी टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (TRP) घोटाले में मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने ब्रॉडकास्ट रिसर्च काउंसिल (BARC) के पूर्व CEO को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पार्थो दासगुप्ता को गुरुवार को पुणे से गिरफ्तार किया। दासगुप्ता को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। दासगुप्ता इस मामले में गिरफ्तार होने वाले 15वें व्यक्ति हैं। इससे पहले, मुंबई पुलिस की क्राइम इंटेलिजेंस यूनिट (CIU) ने इसी केस में BARC के पूर्व COO रमिल रामगढ़िया की गिरफ्तारी की थी। TRP में फर्जीवाड़ा:रिपब्लिक विवाद के बाद ब्रॉडकास्ट काउंसिल BARC ने न्यूज चैनलों की वीकली TRP लिस्ट पर अस्थायी रोक लगाई मुंबई पुलिस ने TRP रैकेट का खुलासा किया मुंबई पुलिस ने 8 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके फॉल्स TRP रैकेट का भंडाफोड़ करने का दावा किया था। रेटिंग एजेंसी BARC ने इस मामले में पुलिस को शिकायत कर कहा था कि कुछ टेलीविजन चैनल TRP में फर्जीवाड़ा कर रहे हैं। इन चैनलों की तरफ से TRP बढ़ाने के लिए कुछ घरों में रिश्वत देकर चुनिंदा चैनल चलवाए जा रहे थे। BARC ने TRP पर रोक लगाई मामला सामने आने के बाद, BARC ने टेलीविजन रेटिंग पॉइंट (TRP) पर अस्थायी तौर पर रोक लगा दी थी। काउंसिल की तकनीकी कमेटी TRP जारी करने की पूरी प्रोसेस का रिव्यू करेगी और वेलिडेशन के बाद ही दोबारा इसे शुरू किया जाएगा। भास्कर एक्सप्लेनर:क्या है टीआरपी? क्या इसमें छेड़छाड़ कर न्यूज चैनल को फायदा पहुंचाया जा सकता है? BARC क्या है? BARC (ब्रॉडकास्ट ऑडियंस रिसर्च काउंसिल) एक इंडस्ट्री बॉडी है, जिसे एडवर्टाइजर्स, एड एजेंसियों और ब्रॉडकास्टिंग कंपनियां चलाती हैं। इंडियन सोसायटी ऑफ एडवर्टाइजर्स, इंडियन ब्रॉडकास्टिंग फाउंडेशन और एडवर्टाइजिंग एजेंसी एसोसिएशन ऑफ इंडिया इसके संयुक्त मालिक है। कैसे जुटाई जाती है TRP? टेलीविजन चैनलों की व्यूअरशिप मापने के लिए चुनिंदा घरों से लिए गए डेटा का इस्तेमाल किया जाता है। इस डेटा से चैनलों को विज्ञापन जुटाने में मदद मिलती है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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