मनी लेंडिंग मोबाइल ऐप्स लोन से कतई लोन न लें, जानिए कंपनियां किन 5 तरीकों से कर रहीं धांधलीDainik Bhaskar


भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से फटाफट लोन देने वाले डिजिटल मनी लेंडिंग मोबाइल ऐप्स से सावधान रहने की अपील की है। इन ऐप्स से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश के तीन लोग ऐसे ही ऐप्स से कर्ज लेने के बाद सुसाइड कर चुके हैं।

दरअसल, इस तरह के ऐप्स के जरिए कई कंपनियां लुभावनी ब्याज दर पर बहुत ही कम समय में लोन देने का वादा करती हैं। बाद में बकाया रकम की वसूली के लिए जोर-जबरदस्ती करती हैं। कोरोना के दौर में आर्थिक मुश्किलों से गुजर रहे लोगों के बीच इस तरह की सेवाओं की लोकप्रियता बढ़ गई थी।

क्या है पूरा मामला?

कुछ दिन पहले पुलिस ने गुरुग्राम और हैदराबाद के चार इंस्टेंट लोन ऐप्स के फाइनेंस ऑफिसों में छापा मारा। इनमें से दो ऑफिस गुरुग्राम में और दो हैदराबाद में हैं। इनका ऑफिसों का पूरा नेटवर्क जकार्ता से चल रहा था।

हैदराबाद के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती ने बताया कि इन चार ऑफिसों में 30 लोन ऐप्स चल रहे थे। RBI की मंजूरी के बिना इन ऐप्स से लोगों को 35% की ब्याज दर पर लोन दिया जाता था। मतलब तीन महीने में पैसा दोगुना हो जाता था। लोन की किस्त समय पर नहीं चुकाने पर ये मोबाइल ऐप्स कर्जदारों को डराते-धमकाते थे। इन धमकियों और उत्पीड़न से परेशान होकर जब तीन लोगों ने हैदराबाद में आत्महत्या कर ली, तब यह मामला सामने आया।

RBI ने क्या सावधानियां बरतने की अपील की है?

  • लोग फटाफट लोन के चक्कर में डिजिटल फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे हैं। इसलिए मोबाइल ऐप्स के जरिए लोन न लें, क्योंकि आपके डॉक्यूमेंट्स के साथ फर्जीवाड़ा किया जा सकता है।
  • लोन देने वाली कंपनियों का अगला-पिछला रिकार्ड जरूर चेक कर लें। ऐसी कंपनियां ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलती हैं, साथ ही इनमें कई तरह के छिपे हुए चार्ज होते हैं, जो ग्राहकों को शुरू में पता नहीं होते।
  • ग्राहकों को कभी भी अपने KYC दस्तावेज की कॉपी बगैर पहचान वाले व्यक्ति, अपुष्ट/अनधिकृत ऐप को नहीं देना चाहिए।

ये भी पढ़ें-

इस तरह के फ्राड के खिलाफ कहां करें शिकायत?

  • इस तरह के ऐप्स और बैंक खाते की शिकायत ग्राहक ऑनलाइन कर सकते हैं। इस ऑनलाइन पोर्टल का नाम सचेत है।
  • इस ऑनलाइन लिंक https://sachet.rbi.org.in/ पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं।

कैसे पता करें कि फर्जी लोन दिया जा रहा है?

  • RBI के मुताबिक सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स को उस बैंक या एनबीएफसी (NBFC) का खुलासा ग्राहकों के सामने करना चाहिए, जिनके माध्यम से वे लोन देने का वादा करते हैं।
  • रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर्ड NBFC का नाम और पता किया जा सकता है। पोर्टल के जरिए से इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।

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Online Instant Mobile Loan APP Scam; Reserve Bank of India (RBI) Alert About Digital Lending Platforms

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने लोगों से फटाफट लोन देने वाले डिजिटल मनी लेंडिंग मोबाइल ऐप्स से सावधान रहने की अपील की है। इन ऐप्स से जुड़े करोड़ों रुपए के घोटाले सामने आए हैं। आंध्र प्रदेश के तीन लोग ऐसे ही ऐप्स से कर्ज लेने के बाद सुसाइड कर चुके हैं। दरअसल, इस तरह के ऐप्स के जरिए कई कंपनियां लुभावनी ब्याज दर पर बहुत ही कम समय में लोन देने का वादा करती हैं। बाद में बकाया रकम की वसूली के लिए जोर-जबरदस्ती करती हैं। कोरोना के दौर में आर्थिक मुश्किलों से गुजर रहे लोगों के बीच इस तरह की सेवाओं की लोकप्रियता बढ़ गई थी। क्या है पूरा मामला? कुछ दिन पहले पुलिस ने गुरुग्राम और हैदराबाद के चार इंस्टेंट लोन ऐप्स के फाइनेंस ऑफिसों में छापा मारा। इनमें से दो ऑफिस गुरुग्राम में और दो हैदराबाद में हैं। इनका ऑफिसों का पूरा नेटवर्क जकार्ता से चल रहा था। हैदराबाद के ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर अविनाश मोहंती ने बताया कि इन चार ऑफिसों में 30 लोन ऐप्स चल रहे थे। RBI की मंजूरी के बिना इन ऐप्स से लोगों को 35% की ब्याज दर पर लोन दिया जाता था। मतलब तीन महीने में पैसा दोगुना हो जाता था। लोन की किस्त समय पर नहीं चुकाने पर ये मोबाइल ऐप्स कर्जदारों को डराते-धमकाते थे। इन धमकियों और उत्पीड़न से परेशान होकर जब तीन लोगों ने हैदराबाद में आत्महत्या कर ली, तब यह मामला सामने आया। RBI ने क्या सावधानियां बरतने की अपील की है? लोग फटाफट लोन के चक्कर में डिजिटल फर्जीवाड़े का शिकार हो रहे हैं। इसलिए मोबाइल ऐप्स के जरिए लोन न लें, क्योंकि आपके डॉक्यूमेंट्स के साथ फर्जीवाड़ा किया जा सकता है।लोन देने वाली कंपनियों का अगला-पिछला रिकार्ड जरूर चेक कर लें। ऐसी कंपनियां ग्राहकों से ज्यादा ब्याज वसूलती हैं, साथ ही इनमें कई तरह के छिपे हुए चार्ज होते हैं, जो ग्राहकों को शुरू में पता नहीं होते।ग्राहकों को कभी भी अपने KYC दस्तावेज की कॉपी बगैर पहचान वाले व्यक्ति, अपुष्ट/अनधिकृत ऐप को नहीं देना चाहिए। ये भी पढ़ें- फर्जी कस्टमर केयर और सोशल मीडिया फ्रेंड बनकर किया जा रहा फ्रॉड, जानिए बचने के आसान तरीकेमोबाइल एप्स से करोड़ों रुपए का लोन घोटाला उजागर, 16 गिरफ्तार, 75 बैंक खाता फ्रीज इस तरह के फ्राड के खिलाफ कहां करें शिकायत? इस तरह के ऐप्स और बैंक खाते की शिकायत ग्राहक ऑनलाइन कर सकते हैं। इस ऑनलाइन पोर्टल का नाम सचेत है।इस ऑनलाइन लिंक https://sachet.rbi.org.in/ पर जाकर भी शिकायत कर सकते हैं। कैसे पता करें कि फर्जी लोन दिया जा रहा है? RBI के मुताबिक सभी डिजिटल लेंडिंग ऐप्स को उस बैंक या एनबीएफसी (NBFC) का खुलासा ग्राहकों के सामने करना चाहिए, जिनके माध्यम से वे लोन देने का वादा करते हैं।रिजर्व बैंक की वेबसाइट पर जाकर रजिस्टर्ड NBFC का नाम और पता किया जा सकता है। पोर्टल के जरिए से इनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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