चीन से तनाव के बीच भारत और फ्रांस के राफेल जोधपुर में एकसाथ उड़ान भरेंगे, SKYROS वारगेम्स में हिस्सा लेंगेDainik Bhaskar


भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच इंडियन एयरफोर्स एक वारगेम्स में हिस्सा लेने जा रही है। इस वारगेम का कोडनेम स्काइरोस (SKYROS) है। जनवरी के तीसरे हफ्ते में जोधपुर में होने वाले इस वारगेम में भारत और फ्रांस के राफेल फाइटर जेट अपनी ताकत दिखाएंगे।

सरकार के सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि फ्रेंच एयरफोर्स के राफेल फाइटर जेट स्काइरोस के लिए जोधपुर आएंगे। इस दौरान उनके साथ 17 स्क्वाड्रन से राफेल और सुकोई-30MKI एक साथ उड़ान भरते देखे जा सकते हैं। एयरफोर्स के बेड़े में शामिल होने के बाद यह राफेल का पहला मेजर वारगेम होगा।

आम अभ्यास से अलग होगा SKYROS
सूत्रों के मुताबिक, अभी तक एयरफोर्स जो अभ्यास करती है, उसे गरुड़ एक्सरसाइज कहा जाता है। इसमें एक दशक से ज्यादा समय से दो देश हिस्सा ले रहे थे। SKYROS वॉरगेम उससे काफी अलग होगा। इसमें दोनों देशों के फाइटर जेट कई कॉम्प्लेक्स दांव-पेच दिखाएंगे।

जुलाई 2019 में की थी एक्सरसाइज
भारत ने पिछली बार जुलाई 2019 में फ्रेंच एयरफोर्स के साथ मेजर एक्सरसाइज में हिस्सा लिया था, जहां सुकोई ने फ्रेंच राफेल के साथ उड़ान भरी थी। IAF राफेल और सुकोई को इंटीग्रेटेड मोड में इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है और इस बारे में कई अहम कदम भी उठाए जा रहे हैं।

पूर्वी लद्दाख में राफेल तैनात
पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर जारी तनाव के बीच भारतीय सेना ने चीनी एयर फोर्स के खिलाफ राफेल और सुकोई की तैनाती की है। वहां आए दिन बेस पर फाइटर जेट उड़ान भरते देखे जा सकते हैं।

राफेल की डील और भारत में डिलीवरी
भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट जैसे सभी फीचर होंगे। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी और 7,000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे।

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भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। (फाइल फोटो)

भारत-चीन के बीच चल रहे सीमा विवाद के बीच इंडियन एयरफोर्स एक वारगेम्स में हिस्सा लेने जा रही है। इस वारगेम का कोडनेम स्काइरोस (SKYROS) है। जनवरी के तीसरे हफ्ते में जोधपुर में होने वाले इस वारगेम में भारत और फ्रांस के राफेल फाइटर जेट अपनी ताकत दिखाएंगे। सरकार के सूत्रों के हवाले से न्यूज एजेंसी ने बताया कि फ्रेंच एयरफोर्स के राफेल फाइटर जेट स्काइरोस के लिए जोधपुर आएंगे। इस दौरान उनके साथ 17 स्क्वाड्रन से राफेल और सुकोई-30MKI एक साथ उड़ान भरते देखे जा सकते हैं। एयरफोर्स के बेड़े में शामिल होने के बाद यह राफेल का पहला मेजर वारगेम होगा। आम अभ्यास से अलग होगा SKYROS सूत्रों के मुताबिक, अभी तक एयरफोर्स जो अभ्यास करती है, उसे गरुड़ एक्सरसाइज कहा जाता है। इसमें एक दशक से ज्यादा समय से दो देश हिस्सा ले रहे थे। SKYROS वॉरगेम उससे काफी अलग होगा। इसमें दोनों देशों के फाइटर जेट कई कॉम्प्लेक्स दांव-पेच दिखाएंगे। जुलाई 2019 में की थी एक्सरसाइज भारत ने पिछली बार जुलाई 2019 में फ्रेंच एयरफोर्स के साथ मेजर एक्सरसाइज में हिस्सा लिया था, जहां सुकोई ने फ्रेंच राफेल के साथ उड़ान भरी थी। IAF राफेल और सुकोई को इंटीग्रेटेड मोड में इस्तेमाल करने की योजना बना रहा है और इस बारे में कई अहम कदम भी उठाए जा रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में राफेल तैनात पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर जारी तनाव के बीच भारतीय सेना ने चीनी एयर फोर्स के खिलाफ राफेल और सुकोई की तैनाती की है। वहां आए दिन बेस पर फाइटर जेट उड़ान भरते देखे जा सकते हैं। राफेल की डील और भारत में डिलीवरी भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। ट्रेनर जेट्स टू सीटर होंगे और इनमें भी फाइटर जेट जैसे सभी फीचर होंगे। भारत को जुलाई के आखिर में 5 राफेल फाइटर जेट्स का पहला बैच मिला। 27 जुलाई को 7 भारतीय पायलट्स ने राफेल लेकर फ्रांस से उड़ान भरी और 7,000 किमी का सफर तय कर 29 जुलाई को भारत पहुंचे थे। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

भारत ने फ्रांस के साथ 2016 में 58 हजार करोड़ रुपए में 36 राफेल जेट की डील की थी। इनमें 30 फाइटर जेट और 6 ट्रेनिंग एयरक्राफ्ट होंगे। (फाइल फोटो)Read More

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