रेलवे ने पारदर्शी छत और बड़ी खिड़कियों वाले कोच तैयार किए, 180 किमी. की रफ्तार पर ट्रायल रन हुआDainik Bhaskar


पारदर्शी छत, बाहर के नजारे देखने के लिए बड़ी-बड़ी खिड़कियां, आरामदायक सीटों के साथ 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का सफर। रेलवे ने इन खूबियों वाले विस्टाडोम कोच का मंगलवार को कामयाब ट्रायल किया। इन्हें इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया गया है।

रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें पोस्ट कर लिखा कि साल के आखिर में यह बेहतरीन खबर है। इंडियन रेलवे ने नई डिजाइन वाले विस्टाडोम कोच का ट्रायल पूरा कर लिया है। ये कोच पैसेंजर्स के लिए ट्रेन का सफर यादगार बना देंगे और टूरिज्म को बढ़ावा देंगे।

तय समय से पहले ट्रायल पूरा

रेलवे मिनिस्ट्री के एक सीनियर अफसर ने न्यूज एजेंसी IANS को बताया कि पिछले हफ्ते कोटा डिवीजन में कोच का ओसिलेशन ट्रायल रन किया गया था। इस दौरान इन्हें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाया गया। यह ट्रायल तय समय से एक हफ्ते पहले पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि कोच का स्क्वीज ट्रायल भी इस महीने की शुरुआत में ICF में किया गया था।

कोच के आखिर में इस तरह ऑब्जर्वेटरी लाउंज बनाया गया है।

घूमने वाली सीटें और वाई-फाई सिस्टम

  • रेलवे अधिकारी ने बताया कि विस्टाडोम टूरिस्ट कोच में छत वाले हिस्से पर शीशे लगे हैं।
  • हर कोच में 180 डिग्री तक घूमने वाली 44 सीटें हैं। वाई-फाई बेस्ड पैसेंजर इनफर्मेशन सिस्टम है।
  • इसमें ऑब्जर्वेटरी लाउंज भी है। पहली बार इन्हें LHB प्लेटफॉर्म पर बनाया हैं। ये काफी सुरक्षित हैं।
  • नए कोच में हर सीट पर पैसेंजर के लिए मोबाइल चार्जिंग पॉइंट दिया गया है।
  • म्यूजिक पसंद करने वालों के लिए डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन और स्पीकर के साथ इंटरटेनमेंट सिस्टम लगा है।
  • पर्सनल गैजेट्स के लिए कंटेंट ऑन डिमांड वाई-फाई फैसिलिटी दी गई है।
  • व्हील चेयर लाने के लिए बड़े गेट हैं। दोनों तरफ अंदर आने के लिए आटोमैटिक स्लाइडिंग डोर भी हैं।

सुविधा के साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा

हर सीट पर यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जर पॉइंट लगाया गया है।

नए कोच GPS बेस्ड पब्लिक एड्रेस-कम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PAPIS) से जुड़े हैं। इसके अलावा इनमें LED डेस्टिनेशन बोर्ड, स्टेनलैस स्टील मल्टी टीयर लगेज रैक और मिनी पैंट्री भी है। सर्विस एरिया में माइक्रोवेव ओवन, कॉफी मेकर, बॉटल कूलर, रेफ्रिजरेटर और वॉश बेसिन की सुविधा है। निगरानी के लिए इनमें सीसीटीवी सिस्टम लगा है। अंदर बेहतरीन सजावट की गई है। आग का पता लगाने के लिए एक अलार्म सिस्टम भी है।

10 कोच बनने हैं, दो तैयार किए

अधिकारी ने बताया कि ICF में ऐसे 10 कोच बनने हैं। दो कोच तैयार हो चुके हैं। इन्हें सेंट्रल रेलवे को सौंप दिया गया है। इनमें से एक ने स्पीड ट्रायल पूरा कर लिया है। बाकी अगले साल 31 मार्च से पहले तैयार हो जाएंगे।

अब तक विस्टाडोम कोच का इस्तेमाल ज्यादातर टूरिस्ट प्लेस पर चलने वाली ट्रेनों में होता है। इनमें दादर और मडगांव, अरकू वैली, कश्मीर घाटी, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका-शिमला रेलवे, कांगड़ा घाटी रेलवे, माथेरान हिल रेलवे और नीलगिरि माउंटेन रेलवे ट्रैक शामिल हैं।

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कई खूबियों वाले ये विस्टाडोम कोच इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किए गए हैं। इसके फोटो रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं।

पारदर्शी छत, बाहर के नजारे देखने के लिए बड़ी-बड़ी खिड़कियां, आरामदायक सीटों के साथ 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ट्रेन का सफर। रेलवे ने इन खूबियों वाले विस्टाडोम कोच का मंगलवार को कामयाब ट्रायल किया। इन्हें इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किया गया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर इनकी तस्वीरें पोस्ट कर लिखा कि साल के आखिर में यह बेहतरीन खबर है। इंडियन रेलवे ने नई डिजाइन वाले विस्टाडोम कोच का ट्रायल पूरा कर लिया है। ये कोच पैसेंजर्स के लिए ट्रेन का सफर यादगार बना देंगे और टूरिज्म को बढ़ावा देंगे। Ending the Year on a Great Note: Indian Railways’ 🚆 successfully completed 180 kmph speed trial of new design Vistadome tourist coach These coaches will make train journeys memorable for the passengers 🛤️ & give further boost to tourism 🚞 pic.twitter.com/3JxeVbQClg — Piyush Goyal (@PiyushGoyal) December 29, 2020तय समय से पहले ट्रायल पूरा रेलवे मिनिस्ट्री के एक सीनियर अफसर ने न्यूज एजेंसी IANS को बताया कि पिछले हफ्ते कोटा डिवीजन में कोच का ओसिलेशन ट्रायल रन किया गया था। इस दौरान इन्हें 180 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पर चलाया गया। यह ट्रायल तय समय से एक हफ्ते पहले पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि कोच का स्क्वीज ट्रायल भी इस महीने की शुरुआत में ICF में किया गया था। कोच के आखिर में इस तरह ऑब्जर्वेटरी लाउंज बनाया गया है।घूमने वाली सीटें और वाई-फाई सिस्टम रेलवे अधिकारी ने बताया कि विस्टाडोम टूरिस्ट कोच में छत वाले हिस्से पर शीशे लगे हैं।हर कोच में 180 डिग्री तक घूमने वाली 44 सीटें हैं। वाई-फाई बेस्ड पैसेंजर इनफर्मेशन सिस्टम है।इसमें ऑब्जर्वेटरी लाउंज भी है। पहली बार इन्हें LHB प्लेटफॉर्म पर बनाया हैं। ये काफी सुरक्षित हैं।नए कोच में हर सीट पर पैसेंजर के लिए मोबाइल चार्जिंग पॉइंट दिया गया है।म्यूजिक पसंद करने वालों के लिए डिजिटल डिस्प्ले स्क्रीन और स्पीकर के साथ इंटरटेनमेंट सिस्टम लगा है।पर्सनल गैजेट्स के लिए कंटेंट ऑन डिमांड वाई-फाई फैसिलिटी दी गई है।व्हील चेयर लाने के लिए बड़े गेट हैं। दोनों तरफ अंदर आने के लिए आटोमैटिक स्लाइडिंग डोर भी हैं। सुविधा के साथ सुरक्षा का भी ध्यान रखा हर सीट पर यात्रियों के लिए मोबाइल चार्जर पॉइंट लगाया गया है।नए कोच GPS बेस्ड पब्लिक एड्रेस-कम पैसेंजर इंफॉर्मेशन सिस्टम (PAPIS) से जुड़े हैं। इसके अलावा इनमें LED डेस्टिनेशन बोर्ड, स्टेनलैस स्टील मल्टी टीयर लगेज रैक और मिनी पैंट्री भी है। सर्विस एरिया में माइक्रोवेव ओवन, कॉफी मेकर, बॉटल कूलर, रेफ्रिजरेटर और वॉश बेसिन की सुविधा है। निगरानी के लिए इनमें सीसीटीवी सिस्टम लगा है। अंदर बेहतरीन सजावट की गई है। आग का पता लगाने के लिए एक अलार्म सिस्टम भी है। 10 कोच बनने हैं, दो तैयार किए अधिकारी ने बताया कि ICF में ऐसे 10 कोच बनने हैं। दो कोच तैयार हो चुके हैं। इन्हें सेंट्रल रेलवे को सौंप दिया गया है। इनमें से एक ने स्पीड ट्रायल पूरा कर लिया है। बाकी अगले साल 31 मार्च से पहले तैयार हो जाएंगे। अब तक विस्टाडोम कोच का इस्तेमाल ज्यादातर टूरिस्ट प्लेस पर चलने वाली ट्रेनों में होता है। इनमें दादर और मडगांव, अरकू वैली, कश्मीर घाटी, दार्जिलिंग हिमालयन रेलवे, कालका-शिमला रेलवे, कांगड़ा घाटी रेलवे, माथेरान हिल रेलवे और नीलगिरि माउंटेन रेलवे ट्रैक शामिल हैं। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

कई खूबियों वाले ये विस्टाडोम कोच इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार किए गए हैं। इसके फोटो रेल मंत्री पीयूष गोयल ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किए हैं।Read More

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