अहमदाबाद के गार्डन में दिखा स्ट्रक्चर मोनोलिथ नहीं, वाइल्डलाइफ प्रमोशन पोल है; दैनिक भास्कर ने खोला सीक्रेटDainik Bhaskar


एलियन का काम माने जा रहे त्रिकोणीय खंभे ‘मोनोलिथ’ की अफवाह के चलते गुरुवार को अहमदाबाद का सिम्फनी गार्डन चर्चा में रहा। बाद में खुलासा हुआ कि 6 फुट का यह त्रिकोणीय खंभा स्टील का है। इसे एक कंपनी ने वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन को बढ़ावा देने के मकसद से लगाया है।

अहमदाबाद के गार्डन में नजर आया तिकोना स्ट्रक्चर वाइल्डलाइफ को प्रमोट करने के लिए लगाया गया है।

थलतेज इलाके में सिम्फनी के गार्डन में स्टील का तिकोना खंभा लगा नजर आया था। इसे मोनोलिथ बताया जाने लगा था। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि खंभे को लगाने के लिए जमीन खोदने के प्रमाण नहीं मिले थे। वहीं, गार्डन में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी खंभे के बारे में जानकारी होने से इनकार किया था। बाद में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के गार्डन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जिग्नेश पटेल ने बताया कि यह पत्थर नहीं, स्टील का स्ट्रक्चर है। इस पर लेटीट्यूड नंबर लिखा हुआ है।

अब तक दुनिया के 30 अलग-अलग शहरों में मिस्ट्री मोनोलिथ दिखाई दे चुका है। हर जगह इसका आकार तिकोना ही पाया गया है।

दुनिया के 30 देशों में मोनोलिथ स्ट्रक्चर दिख चुका है। अचानक दिखने और खुद ही गायब हो जाने की खबराें के चलते नवंबर से यह चर्चा में बना हुआ है। जब अहमदाबाद में इस तरह का स्ट्रक्चर दिखाई दिया, तो लोगों ने इसे भी मोनोलिथ कहना शुरू कर दिया।

साइंस फिक्शन स्टोरी में है मोनोलिथ का जिक्र
दुनियाभर में कई जगह मोनोलिथ अचानक ही नजर आते रहे हैं। इन्हें मिस्ट्री स्टोन के नाम से भी जाना जाता है। कई थ्योरीज में इनके बनने को एलियंस का काम बताया गया है। हालांकि, मोनोलिथ का स्ट्रक्चर हर जगह तिकोना ही रहा है। साइंस फिक्शन बुक अ स्पेस ओडिसी में इस तरह के रहस्यमयी मोनोलिथ का जिक्र मिलता है। इस बुक पर हॉलीवुड में इसी नाम से एक फिल्म भी बनी है।

अ स्पेस ओडिसी बुक के मुताबिक, एलियंस ने पृथ्वी पर कुछ मोनोलिथ लगाए थे, जिससे स्पेस में साथी एलियंस के साथ संपर्क किया जा सके। मोनोलिथ के जरिए ही पृथ्वी पर प्री हिस्टॉरिक टाइम की एक जाति के लोगों के दिमाग का विकास किया गया था। इसके नतीजे के तौर पर ही आधुनिक मनुष्यों का जन्म हुआ है।

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अहमदाबाद के सिम्फनी गार्डन में मोनोलिथ नजर आने की बात अफवाह निकली। यह स्टील का स्ट्रक्चर है, जिस पर लेटीट्यूट नंबर लिखे गए है।

एलियन का काम माने जा रहे त्रिकोणीय खंभे ‘मोनोलिथ’ की अफवाह के चलते गुरुवार को अहमदाबाद का सिम्फनी गार्डन चर्चा में रहा। बाद में खुलासा हुआ कि 6 फुट का यह त्रिकोणीय खंभा स्टील का है। इसे एक कंपनी ने वाइल्डलाइफ कंजर्वेशन को बढ़ावा देने के मकसद से लगाया है। अहमदाबाद के गार्डन में नजर आया तिकोना स्ट्रक्चर वाइल्डलाइफ को प्रमोट करने के लिए लगाया गया है।थलतेज इलाके में सिम्फनी के गार्डन में स्टील का तिकोना खंभा लगा नजर आया था। इसे मोनोलिथ बताया जाने लगा था। ऐसा इसलिए हुआ, क्योंकि खंभे को लगाने के लिए जमीन खोदने के प्रमाण नहीं मिले थे। वहीं, गार्डन में काम करने वाले कर्मचारियों ने भी खंभे के बारे में जानकारी होने से इनकार किया था। बाद में म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन के गार्डन डिपार्टमेंट के डायरेक्टर जिग्नेश पटेल ने बताया कि यह पत्थर नहीं, स्टील का स्ट्रक्चर है। इस पर लेटीट्यूड नंबर लिखा हुआ है। अब तक दुनिया के 30 अलग-अलग शहरों में मिस्ट्री मोनोलिथ दिखाई दे चुका है। हर जगह इसका आकार तिकोना ही पाया गया है।दुनिया के 30 देशों में मोनोलिथ स्ट्रक्चर दिख चुका है। अचानक दिखने और खुद ही गायब हो जाने की खबराें के चलते नवंबर से यह चर्चा में बना हुआ है। जब अहमदाबाद में इस तरह का स्ट्रक्चर दिखाई दिया, तो लोगों ने इसे भी मोनोलिथ कहना शुरू कर दिया। साइंस फिक्शन स्टोरी में है मोनोलिथ का जिक्र दुनियाभर में कई जगह मोनोलिथ अचानक ही नजर आते रहे हैं। इन्हें मिस्ट्री स्टोन के नाम से भी जाना जाता है। कई थ्योरीज में इनके बनने को एलियंस का काम बताया गया है। हालांकि, मोनोलिथ का स्ट्रक्चर हर जगह तिकोना ही रहा है। साइंस फिक्शन बुक अ स्पेस ओडिसी में इस तरह के रहस्यमयी मोनोलिथ का जिक्र मिलता है। इस बुक पर हॉलीवुड में इसी नाम से एक फिल्म भी बनी है। अ स्पेस ओडिसी बुक के मुताबिक, एलियंस ने पृथ्वी पर कुछ मोनोलिथ लगाए थे, जिससे स्पेस में साथी एलियंस के साथ संपर्क किया जा सके। मोनोलिथ के जरिए ही पृथ्वी पर प्री हिस्टॉरिक टाइम की एक जाति के लोगों के दिमाग का विकास किया गया था। इसके नतीजे के तौर पर ही आधुनिक मनुष्यों का जन्म हुआ है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

अहमदाबाद के सिम्फनी गार्डन में मोनोलिथ नजर आने की बात अफवाह निकली। यह स्टील का स्ट्रक्चर है, जिस पर लेटीट्यूट नंबर लिखे गए है।Read More

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