आर्थिक तंगी से जूझते किसान ने फांसी लगाई, सुसाइड नोट में लिखा- BJP को परिवार माना, पर कोई काम नहीं आयाDainik Bhaskar


गुजरात में महीसागर जिले के वांदरवेड गांव में बलवंत सिंह चारण नाम के एक किसान ने आत्महत्या कर ली। पंचायत में फांसी लगाने से पहले बलवंत ने लुणावाडा के भाजपा सांसद और विधायक के नाम एक चिट्‌ठी छोड़ी है। इसमें उन्होंने लिखा कि मैं भाजपा को अपना परिवार मानता था, लेकिन कोई मेरे काम नहीं आया।

सुसाइड नोट से पता चला है कि बलवंत की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। उन्हें किसी तरह की सरकारी सहायता नही मिल पा रही थी। इस वजह से उन्होंने मौत को गले लगा लिया।

‘मरने के बाद मेरी आत्मा भी भाजपा के साथ रहेगी’

बलवंत ने सुसाइड नोट में लिखा- भारत माता की जय, भाजपा की जय-जयकार। संसद सदस्य रतन सिंह राठौड़ साहब और विधायक जिज्ञेशभाई सेवक साहब। आप गरीबों की मदद कर सकें, इसीलिए भगवान ने आपको इतनी बड़ी पदवी तक पहुंचाया है। मैं गरीब इंसान हूं। कई साल से भाजपा से जुड़ा हुआ हूं। मेरी तो आत्मा भी भाजपा में ही बसती है। मरने के बाद मेरी आत्मा भी भाजपा के साथ ही रहेगी।

उन्होंने लिखा कि मैं तहसील प्रमुख बना था, तभी से भाजपा को अपना परिवार मानता आया हूं। तहसील प्रमुख रहने तक पूरी लगन और ईमानदारी से काम किया। इसके बाद फिर हालात बदले और कोई भी मेरे काम नहीं आया।

सुसाइड नोट से पता चला है कि बलवंत की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। – फाइल फोटो

घर में शौचालय तक नहीं बन सका

बलवंत सिंह ने लिखा कि मैंने अपने पद का कभी दुरुपयोग नहीं किया। मैंने आर्थिक मदद के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन आज तक मुझे कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी। यहां तक कि मेरे घर में शौचालय तक नहीं बन सका। घर या बाकी मदद तो बहुत दूर की बात है। बलवंत के गांव वालों का कहना है कि उनकी खुदकुशी के लिए जिम्मेदार सरकारी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।

बलवंत सिंह चारण ने गांव की इसी पंचायत में फांसी लगाई।

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गांव की पंचायत में फांसी लगाने से पहले बलवंत सिंह चारण ने सांसद और विधायक के नाम सुसाइड नोट छोड़ा है।

गुजरात में महीसागर जिले के वांदरवेड गांव में बलवंत सिंह चारण नाम के एक किसान ने आत्महत्या कर ली। पंचायत में फांसी लगाने से पहले बलवंत ने लुणावाडा के भाजपा सांसद और विधायक के नाम एक चिट्‌ठी छोड़ी है। इसमें उन्होंने लिखा कि मैं भाजपा को अपना परिवार मानता था, लेकिन कोई मेरे काम नहीं आया। सुसाइड नोट से पता चला है कि बलवंत की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। उन्हें किसी तरह की सरकारी सहायता नही मिल पा रही थी। इस वजह से उन्होंने मौत को गले लगा लिया। ‘मरने के बाद मेरी आत्मा भी भाजपा के साथ रहेगी’ बलवंत ने सुसाइड नोट में लिखा- भारत माता की जय, भाजपा की जय-जयकार। संसद सदस्य रतन सिंह राठौड़ साहब और विधायक जिज्ञेशभाई सेवक साहब। आप गरीबों की मदद कर सकें, इसीलिए भगवान ने आपको इतनी बड़ी पदवी तक पहुंचाया है। मैं गरीब इंसान हूं। कई साल से भाजपा से जुड़ा हुआ हूं। मेरी तो आत्मा भी भाजपा में ही बसती है। मरने के बाद मेरी आत्मा भी भाजपा के साथ ही रहेगी। उन्होंने लिखा कि मैं तहसील प्रमुख बना था, तभी से भाजपा को अपना परिवार मानता आया हूं। तहसील प्रमुख रहने तक पूरी लगन और ईमानदारी से काम किया। इसके बाद फिर हालात बदले और कोई भी मेरे काम नहीं आया। सुसाइड नोट से पता चला है कि बलवंत की आर्थिक स्थिति बहुत खराब थी। – फाइल फोटोघर में शौचालय तक नहीं बन सका बलवंत सिंह ने लिखा कि मैंने अपने पद का कभी दुरुपयोग नहीं किया। मैंने आर्थिक मदद के लिए कई बार गुहार लगाई, लेकिन आज तक मुझे कोई सरकारी सहायता नहीं मिल सकी। यहां तक कि मेरे घर में शौचालय तक नहीं बन सका। घर या बाकी मदद तो बहुत दूर की बात है। बलवंत के गांव वालों का कहना है कि उनकी खुदकुशी के लिए जिम्मेदार सरकारी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। बलवंत सिंह चारण ने गांव की इसी पंचायत में फांसी लगाई।आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

गांव की पंचायत में फांसी लगाने से पहले बलवंत सिंह चारण ने सांसद और विधायक के नाम सुसाइड नोट छोड़ा है।Read More

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