बिजनेसमैन, डॉक्टर, CEO और CA जैसे ज्यादा इनकम वाले प्रोफेशनल्स रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड में कर रहे इन्वेस्टDainik Bhaskar


आमतौर पर ज्यादा इनकम वाले लोग प्रॉपर्टी मार्केट में प्राइम लोकेशंस या किसी अच्छे प्रोजेक्ट में निवेश करते हैं। अब देखा जा रहा है कि इस कैटेगरी में शामिल बिजनेसमैन, डॉक्टर्स, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स प्रॉपर्टी में सीधे निवेश करने के बजाय रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड में पैसा लगा रहे हैं।

लुमोस अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुरंजन मोहोत बताते हैं कि हाई इनकम या हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) अब धीरे-धीरे रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड में निवेश करने लगे हैं। इसका बड़ा कारण यह भी है कि इसमें रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट सिक्योर है और फिजिकल प्रॉपर्टी की देखरेख का झंझट भी नहीं।

पिछले दो साल में ट्रेंड बदला

अनुरंजन के मुताबिक, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड या अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड में ज्यादातर इंस्टीट्यूट और प्राइवेट इक्विटी से ज्यादा निवेश आता है। पहले इसमें कम से कम एक करोड़ रुपए का निवेश करने वाले हाई इंडिविजुअल मुश्किल से ही नजर आया करते थे। पिछले दो साल में यह ट्रेंड बदल गया है।

इसमें HNI की ओर से निवेश इन्फ्लो बढ़ रहा है। डॉक्टर्स, वकील, बड़ी कंपनियों के मैनेजमेंट से जुड़े लोग, CEO, बिजनेसमैन, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स रियलिटी फंड में निवेश कर रहे हैं। वहीं, लुमोस जल्द ही 300 करोड़ रुपए का फंड लॉन्च करने जा रहा है।

अच्छा रिटर्न और झंझट भी नहीं

100 करोड़ रुपए का फंड लॉन्च करने वाली अहमदाबाद की पर्पल एलिफेंट रियलिटी फंड के मैनेजिंग पार्टनर मोनिल पारिख ने कहा कि फिजिकल प्रॉपर्टी खरीदना और फिर उसकी देखरेख करना आसान काम नहीं है। इसके अलावा इस काम में समय भी लगता है। हाई इनकम क्लास के लोग अपने बिजी शेड्यूल में से इसके लिए समय नहीं निकाल पाते।

दूसरा यह भी कि प्रॉपर्टी में ब्लैक एंड व्हाइट दोनों तरह का पेमेंट करना होता है। इसे आमतौर पर लोग अवॉइड करते हैं। सबसे अहम बात यह है कि रिटर्न ऑन इंवेस्टमेंट, फिजिकल प्रॉपर्टी के भाव सालाना लगभग 3-4% ही बढ़ते हैं। वहीं, रियलिटी फंड में 15-18% तक का मुनाफा मिल रहा है। साथ ही अगर फंड लिस्ट हो जाए तो उसमें 7-8% का डिविडेंड भी मिलता है।

फंड का निवेश कहां होता है?

  • नए हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स
  • आर्थिक परेशानी हो तो स्ट्रेस्ड प्रोजेक्ट और प्रॉपर्टी
  • रियल सेक्टर की लिस्टेड कंपनियों के स्टॉक
  • प्रॉपर्टी खरीदी और लीज पर दी जाती है
  • म्युचुअल फंड के रूप में रियलिटी से जुड़ी कंपनियों में निवेश

निवेशकों को 15% तक मुनाफा

मोतीलाल ओसवाल रियल एस्टेट फंड के चीफ एग्जीक्युटिव ऑफिसर शरद मित्तल बताते हैं कि भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड्स की शुरुआत 2008 से हुई थी। अब ऑन एवरेज करीब 15% का रिटर्न मिल रहा है। यही अच्छा मुनाफा निवेशकों को खींच कर रहा है।

हालांकि, पिछले साल कोरोना के कारण कोई लार्ज फंड लॉन्च नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो उसका इस समय अच्छा रिस्पॉन्स मिलता। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड किसी बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के शुरुआत में निवेश करता है, क्योंकि इससे उसे अच्छा मुनाफा मिलता है। इसके अलावा रियलिटी कंपनियों के स्टॉक्स में भी निवेश किया जा रहा है।

लंबे समय बाद प्रॉपर्टी मार्केट में रिकवरी

जियोजित फायनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजय कुमार बताते हैं कि लंबे समय बाद प्रॉपर्टी मार्केट में रिकवरी आ रही है। ब्याज दर भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। इसके कारण रियल एस्टेट में डिमांड आई है। कोरोना के कारण 2020 में कोई फंड लॉन्च नहीं हुआ, लेकिन उससे पहले के साल में जो फंड आया था, उसमें बड़ी इनकम वाले लोगों का निवेश बढ़ा था।

हालांकि, ओवरऑल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट की तुलना में HNI इन्वेस्टमेंट कम है, फिर भी ज्यादा इनकम वाले लोगों का इंटरेस्ट रियल एस्टेट फंड में बढ़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह ट्रेंड और बढ़ सकता है।

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People with high income like businessmen, CEOs, doctors, CAs are now investing in real estate investment funds

आमतौर पर ज्यादा इनकम वाले लोग प्रॉपर्टी मार्केट में प्राइम लोकेशंस या किसी अच्छे प्रोजेक्ट में निवेश करते हैं। अब देखा जा रहा है कि इस कैटेगरी में शामिल बिजनेसमैन, डॉक्टर्स, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स प्रॉपर्टी में सीधे निवेश करने के बजाय रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड में पैसा लगा रहे हैं। लुमोस अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर अनुरंजन मोहोत बताते हैं कि हाई इनकम या हाई नेटवर्थ इंडिविजुअल (HNI) अब धीरे-धीरे रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड में निवेश करने लगे हैं। इसका बड़ा कारण यह भी है कि इसमें रिटर्न ऑन इन्वेस्टमेंट सिक्योर है और फिजिकल प्रॉपर्टी की देखरेख का झंझट भी नहीं। पिछले दो साल में ट्रेंड बदला अनुरंजन के मुताबिक, रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड या अल्टरनेट इन्वेस्टमेंट फंड में ज्यादातर इंस्टीट्यूट और प्राइवेट इक्विटी से ज्यादा निवेश आता है। पहले इसमें कम से कम एक करोड़ रुपए का निवेश करने वाले हाई इंडिविजुअल मुश्किल से ही नजर आया करते थे। पिछले दो साल में यह ट्रेंड बदल गया है। इसमें HNI की ओर से निवेश इन्फ्लो बढ़ रहा है। डॉक्टर्स, वकील, बड़ी कंपनियों के मैनेजमेंट से जुड़े लोग, CEO, बिजनेसमैन, चार्टर्ड अकाउंटेंट जैसे प्रोफेशनल्स रियलिटी फंड में निवेश कर रहे हैं। वहीं, लुमोस जल्द ही 300 करोड़ रुपए का फंड लॉन्च करने जा रहा है। अच्छा रिटर्न और झंझट भी नहीं 100 करोड़ रुपए का फंड लॉन्च करने वाली अहमदाबाद की पर्पल एलिफेंट रियलिटी फंड के मैनेजिंग पार्टनर मोनिल पारिख ने कहा कि फिजिकल प्रॉपर्टी खरीदना और फिर उसकी देखरेख करना आसान काम नहीं है। इसके अलावा इस काम में समय भी लगता है। हाई इनकम क्लास के लोग अपने बिजी शेड्यूल में से इसके लिए समय नहीं निकाल पाते। दूसरा यह भी कि प्रॉपर्टी में ब्लैक एंड व्हाइट दोनों तरह का पेमेंट करना होता है। इसे आमतौर पर लोग अवॉइड करते हैं। सबसे अहम बात यह है कि रिटर्न ऑन इंवेस्टमेंट, फिजिकल प्रॉपर्टी के भाव सालाना लगभग 3-4% ही बढ़ते हैं। वहीं, रियलिटी फंड में 15-18% तक का मुनाफा मिल रहा है। साथ ही अगर फंड लिस्ट हो जाए तो उसमें 7-8% का डिविडेंड भी मिलता है। फंड का निवेश कहां होता है? नए हाउसिंग और कमर्शियल प्रोजेक्ट्सआर्थिक परेशानी हो तो स्ट्रेस्ड प्रोजेक्ट और प्रॉपर्टीरियल सेक्टर की लिस्टेड कंपनियों के स्टॉकप्रॉपर्टी खरीदी और लीज पर दी जाती हैम्युचुअल फंड के रूप में रियलिटी से जुड़ी कंपनियों में निवेश निवेशकों को 15% तक मुनाफा मोतीलाल ओसवाल रियल एस्टेट फंड के चीफ एग्जीक्युटिव ऑफिसर शरद मित्तल बताते हैं कि भारत में रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड्स की शुरुआत 2008 से हुई थी। अब ऑन एवरेज करीब 15% का रिटर्न मिल रहा है। यही अच्छा मुनाफा निवेशकों को खींच कर रहा है। हालांकि, पिछले साल कोरोना के कारण कोई लार्ज फंड लॉन्च नहीं हुआ। यदि ऐसा होता तो उसका इस समय अच्छा रिस्पॉन्स मिलता। रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट फंड किसी बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट के शुरुआत में निवेश करता है, क्योंकि इससे उसे अच्छा मुनाफा मिलता है। इसके अलावा रियलिटी कंपनियों के स्टॉक्स में भी निवेश किया जा रहा है। लंबे समय बाद प्रॉपर्टी मार्केट में रिकवरी जियोजित फायनेंशियल सर्विसेज के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रेटेजिस्ट वीके विजय कुमार बताते हैं कि लंबे समय बाद प्रॉपर्टी मार्केट में रिकवरी आ रही है। ब्याज दर भी अब तक के सबसे निचले स्तर पर है। इसके कारण रियल एस्टेट में डिमांड आई है। कोरोना के कारण 2020 में कोई फंड लॉन्च नहीं हुआ, लेकिन उससे पहले के साल में जो फंड आया था, उसमें बड़ी इनकम वाले लोगों का निवेश बढ़ा था। हालांकि, ओवरऑल इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टमेंट की तुलना में HNI इन्वेस्टमेंट कम है, फिर भी ज्यादा इनकम वाले लोगों का इंटरेस्ट रियल एस्टेट फंड में बढ़ता दिखाई दे रहा है। आने वाले दिनों में यह ट्रेंड और बढ़ सकता है। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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