इस साल शून्य से भी 7.7% नीचे रहेगी GDP ग्रोथ, पहली तिमाही में यह -23.9% थीDainik Bhaskar


इस फाइनेंशियल ईयर में देश की इकोनॉमी शून्य से भी 7.7% नीचे रह सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है- कोरोना के चलते आर्थिक गतिविधियों में आई गिरावट। 1979-80 के बाद पहली बार किसी साल ग्रोथ रेट निगेटिव रहेगी। 1979-80 में ग्रोथ रेट -5.2% थी।

पिछले साल देश की ग्रोथ रेट 4.2% रही थी, लेकिन पहली तिमाही में ग्रोथ -23.9% पर आ गई थी। दूसरी तिमाही में हालत बेहतर हुई और गिरावट -7.5% रह गई। इन आंकड़ों की अहमियत इस लिहाज से है कि अगला बजट इन्हीं आंकड़ों पर आधारित होगा।

एग्रीकल्चर में 3.4% ग्रोथ का अनुमान
राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी NSO की तरफ से जारी 2020-21 के पहले एडवांस एस्टिमेट के मुताबिक, अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टर की ग्रोथ निगेटिव है। सिर्फ कृषि ऐसा क्षेत्र रहा है, जिसने मौजूदा वित्त वर्ष में GDP को संभालने में अच्छा योगदान किया है। कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट इस साल 3.4% रह सकती है। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष में इसकी ग्रोथ 4% रही थी।

मैन्युफैक्चरिंग में 9.4% गिरावट आ सकती है

NSO के मुताबिक, 2020-21 में कंस्ट्रक्शन सेक्टर का साइज 12.6% घट सकता है। ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन के आकार में 21% की कमी आ सकती है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का साइज 9.4% घट सकता है। पूरे सर्विस सेक्टर में 8.8% गिरावट का अंदेशा है।

नॉमिनल GDP में 4.2% की कमी आएगी
अनुमान के मुताबिक, ग्रॉस ऐडेड वैल्यू (GVA) में 7.2% की गिरावट आ सकती है। GVA बताती है कि किसी सेक्टर की इकनॉमिक एक्टिविटी से GDP में कितना योगदान हुआ है। सरकार ने नॉमिनल GDP में 4.2% की कमी आने का अनुमान दिया है। वह सालाना बजट नॉमिनल GDP के हिसाब से बनाती है। नॉमिनल GDP में से महंगाई दर को घटा कर वास्तविक GDP का आंकड़ा निकाला जाता है।

छह-सात महीने के आंकड़ों के आधार पर अनुमान
इकोनॉमी को लेकर सरकार का एडवांस एस्टिमेट रिजर्व बैंक के दिसंबर वाले पॉलिसी रिव्यू के अनुमानों के मुताबिक है। रिजर्व बैंक ने GDP में 7.9% गिरावट का अंदेशा जताया था। NSO ने GDP का पहला एडवांस्ड एस्टिमेट शुरुआती छह-सात महीने के आंशिक आंकड़ों पर दिया है। अर्थव्यवस्था की असल तस्वीर आने वाले समय में इसमें होने वाले संशोधनों में दिखेगी।

मई में आएगा ग्रोथ का प्रोविजनल एस्टिमेट
2021-22 के बजट से पहले इन आंकड़ों की अहमियत बढ़ गई है। वित्त मंत्री को नए वित्त वर्ष के लिए बजट बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। यह कोरोना से मची तबाही का अंदाजा देने वाला पहला सरकारी आंकड़ा है। दूसरा एडवांस एस्टिमेट फरवरी के आखिर में आएगा। सरकार GDP ग्रोथ का प्रोविजनल एस्टिमेट मई में जारी करेगी।

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Economy may shrink 7.7%, negative growth rate of all economic sectors

इस फाइनेंशियल ईयर में देश की इकोनॉमी शून्य से भी 7.7% नीचे रह सकती है। इसकी सबसे बड़ी वजह है- कोरोना के चलते आर्थिक गतिविधियों में आई गिरावट। 1979-80 के बाद पहली बार किसी साल ग्रोथ रेट निगेटिव रहेगी। 1979-80 में ग्रोथ रेट -5.2% थी। पिछले साल देश की ग्रोथ रेट 4.2% रही थी, लेकिन पहली तिमाही में ग्रोथ -23.9% पर आ गई थी। दूसरी तिमाही में हालत बेहतर हुई और गिरावट -7.5% रह गई। इन आंकड़ों की अहमियत इस लिहाज से है कि अगला बजट इन्हीं आंकड़ों पर आधारित होगा। एग्रीकल्चर में 3.4% ग्रोथ का अनुमान राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय यानी NSO की तरफ से जारी 2020-21 के पहले एडवांस एस्टिमेट के मुताबिक, अर्थव्यवस्था के सभी सेक्टर की ग्रोथ निगेटिव है। सिर्फ कृषि ऐसा क्षेत्र रहा है, जिसने मौजूदा वित्त वर्ष में GDP को संभालने में अच्छा योगदान किया है। कृषि क्षेत्र की ग्रोथ रेट इस साल 3.4% रह सकती है। हालांकि, पिछले वित्त वर्ष में इसकी ग्रोथ 4% रही थी। मैन्युफैक्चरिंग में 9.4% गिरावट आ सकती है NSO के मुताबिक, 2020-21 में कंस्ट्रक्शन सेक्टर का साइज 12.6% घट सकता है। ट्रेड, होटल, ट्रांसपोर्ट, कम्युनिकेशन के आकार में 21% की कमी आ सकती है। मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का साइज 9.4% घट सकता है। पूरे सर्विस सेक्टर में 8.8% गिरावट का अंदेशा है। नॉमिनल GDP में 4.2% की कमी आएगी अनुमान के मुताबिक, ग्रॉस ऐडेड वैल्यू (GVA) में 7.2% की गिरावट आ सकती है। GVA बताती है कि किसी सेक्टर की इकनॉमिक एक्टिविटी से GDP में कितना योगदान हुआ है। सरकार ने नॉमिनल GDP में 4.2% की कमी आने का अनुमान दिया है। वह सालाना बजट नॉमिनल GDP के हिसाब से बनाती है। नॉमिनल GDP में से महंगाई दर को घटा कर वास्तविक GDP का आंकड़ा निकाला जाता है। छह-सात महीने के आंकड़ों के आधार पर अनुमान इकोनॉमी को लेकर सरकार का एडवांस एस्टिमेट रिजर्व बैंक के दिसंबर वाले पॉलिसी रिव्यू के अनुमानों के मुताबिक है। रिजर्व बैंक ने GDP में 7.9% गिरावट का अंदेशा जताया था। NSO ने GDP का पहला एडवांस्ड एस्टिमेट शुरुआती छह-सात महीने के आंशिक आंकड़ों पर दिया है। अर्थव्यवस्था की असल तस्वीर आने वाले समय में इसमें होने वाले संशोधनों में दिखेगी। मई में आएगा ग्रोथ का प्रोविजनल एस्टिमेट 2021-22 के बजट से पहले इन आंकड़ों की अहमियत बढ़ गई है। वित्त मंत्री को नए वित्त वर्ष के लिए बजट बनाने में इससे काफी मदद मिलेगी। यह कोरोना से मची तबाही का अंदाजा देने वाला पहला सरकारी आंकड़ा है। दूसरा एडवांस एस्टिमेट फरवरी के आखिर में आएगा। सरकार GDP ग्रोथ का प्रोविजनल एस्टिमेट मई में जारी करेगी। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

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