ब्रिटेन के 100 से ज्यादा सांसदों ने PM बोरिस जॉनसन को चिट्ठी लिखी, कहा- मोदी के सामने मुद्दा उठाएंDainik Bhaskar


नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन का आज 45वां दिन है। किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का नौवां दौर भी बेनतीजा रहा।

इस बीच, ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह धेसी ने PM बोरिस जॉनसन को किसानों के मसले पर चिट्ठी लिखी है। इस पर 100 से ज्यादा सांसदों के दस्तखत हैं। चिट्ठी के जरिए मांग की गई कि जॉनसन इस मुद्दे को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएं।

चिट्‌ठी में लिखा है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन शांति से प्रदर्शन करने के अधिकार की अहमियत समझते हैं। उन्हें इस मुद्दे की पूरी समझ भी है। धेसी ने सोशल मीडिया पर दिए मैसेज में कहा कि वे चिट्‌ठी पर दस्तखत करने वाले 100 से ज्यादा सांसदों और लॉ‌र्ड्स के आभारी हैं।

उन्होंने विरोध कर रहे भारतीय किसानों के लिए चिंता जाहिर की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बोरिस जॉनसन इस मसले को भारतीय प्रधानमंत्री के सामने उठाने में तेजी दिखाएंगे, ताकि यह गतिरोध खत्म हो सके।

इससे पहले 36 सांसदों ने चिट्ठी लिखी थी

इससे पहले धेसी के नेतृत्व में ब्रिटेन के 36 सांसदों ने कॉमनवेल्थ सेक्रेटरी डॉमिनिक राब को पत्र लिखकर उन्हें भारत सरकार से बात करने के लिए कहा था। ये सभी सांसद प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थक हैं।

5 जनवरी को लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि इस मुद्दे ने भारतीय प्रवासी समुदाय खास तौर से पंजाबी या सिख बैकग्राउंड से आने वाले लोगों और भारत में खेती से जुड़े लोगों को बहुत परेशान किया है। पूरे ब्रिटेन में इस मुद्दे पर प्रदर्शन किए गए हैं।

मायावती ने कहा- सरकार कानून वापस ले

बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर इन कानूनों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत नाकाम रहना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसानों की मांग मानकर इस समस्या का जल्द समाधान करे।

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नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली के बॉर्डर पर 45 दिन से आंदोलन कर रहे हैं।

नए कृषि कानूनों के विरोध में चल रहे किसानों के आंदोलन का आज 45वां दिन है। किसान दिल्ली की सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनके और केंद्र सरकार के बीच बातचीत का नौवां दौर भी बेनतीजा रहा। इस बीच, ब्रिटेन की लेबर पार्टी के सांसद तनमनजीत सिंह धेसी ने PM बोरिस जॉनसन को किसानों के मसले पर चिट्ठी लिखी है। इस पर 100 से ज्यादा सांसदों के दस्तखत हैं। चिट्ठी के जरिए मांग की गई कि जॉनसन इस मुद्दे को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने उठाएं। Really grateful to the 100+ MPs and Lords who signed cross-party letter to the Prime Minister, given huge concerns for the peaceful India #FarmersProtest. Boris Johnson must raise with Indian PM, expressing hopes of speedy resolution to current deadlock.#Punjabi ਪੰਜਾਬੀ version pic.twitter.com/jxYUd31UbB — Tanmanjeet Singh Dhesi MP (@TanDhesi) January 8, 2021चिट्‌ठी में लिखा है कि प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन शांति से प्रदर्शन करने के अधिकार की अहमियत समझते हैं। उन्हें इस मुद्दे की पूरी समझ भी है। धेसी ने सोशल मीडिया पर दिए मैसेज में कहा कि वे चिट्‌ठी पर दस्तखत करने वाले 100 से ज्यादा सांसदों और लॉ‌र्ड्स के आभारी हैं। उन्होंने विरोध कर रहे भारतीय किसानों के लिए चिंता जाहिर की है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बोरिस जॉनसन इस मसले को भारतीय प्रधानमंत्री के सामने उठाने में तेजी दिखाएंगे, ताकि यह गतिरोध खत्म हो सके। इससे पहले 36 सांसदों ने चिट्ठी लिखी थी इससे पहले धेसी के नेतृत्व में ब्रिटेन के 36 सांसदों ने कॉमनवेल्थ सेक्रेटरी डॉमिनिक राब को पत्र लिखकर उन्हें भारत सरकार से बात करने के लिए कहा था। ये सभी सांसद प्रदर्शन कर रहे किसानों के समर्थक हैं। 5 जनवरी को लिखी चिट्ठी में कहा गया है कि इस मुद्दे ने भारतीय प्रवासी समुदाय खास तौर से पंजाबी या सिख बैकग्राउंड से आने वाले लोगों और भारत में खेती से जुड़े लोगों को बहुत परेशान किया है। पूरे ब्रिटेन में इस मुद्दे पर प्रदर्शन किए गए हैं। मायावती ने कहा- सरकार कानून वापस ले काफी समय से दिल्ली की सीमाओं पर आन्दोलन कर रहे किसानों व केन्द्र सरकार के बीच वार्ता कल एक बार फिर से नाकाम रही, जो अति-चिन्ता की बात है। केन्द्र से पुनः अनुरोध है कि नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसानों की माँग को स्वीकार करके इस समस्या का शीघ्र समाधान करे। — Mayawati (@Mayawati) January 9, 2021बहुजन समाज पार्टी (BSP) की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने एक बार फिर इन कानूनों को वापस लेने की मांग की है। उन्होंने शनिवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि किसानों और केंद्र सरकार के बीच बातचीत नाकाम रहना चिंता की बात है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार नए कृषि कानूनों को वापस लेने की किसानों की मांग मानकर इस समस्या का जल्द समाधान करे। आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें

नए कृषि कानूनों के विरोध में किसान दिल्ली के बॉर्डर पर 45 दिन से आंदोलन कर रहे हैं।Read More

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